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डिविडेंड स्टॉक ख़रीदने में 5 बातों का ध्यान रखें

डिविडेंड के लालच में ख़रीदे गए शेयरों की क़ीमत गिरने से शेयर-होल्डर्स नुक़सान उठा बैठते हैं, इससे कैसे बचें

डिविडेंड के लालच में ख़रीदे गए शेयरों की क़ीमत गिरने से शेयर-होल्डर्स नुक़सान उठा बैठते हैं, इससे कैसे बचें

Dividend Stocks: हाल में हिंदुस्तान ज़िंक (Hindustan Zinc) का शेयर 26 रुपये प्रति शेयर के भारी भरकम डिविडेंड का ऐलान करके ख़ासा सुर्खियों में आ गया था. इसके लिए कंपनी ने 29 मार्च, 2023 की रिकॉर्ड तारीख तय की थी. दिलचस्प ये रहा कि इसी दिन शेयर में लगभग 9 फ़ीसदी, यानी 30 रुपये की गिरावट दर्ज की. साफ़ है कि जिन शेयर होल्डर्स ने डिविडेंड के लालच में शॉर्ट-टर्म के लिए इस कंपनी के शेयर ख़रीदे, संभवतः उनको नुकसान ही हुआ. हालांकि, डिविडेंड देने वाली हर कंपनी के मामले में ऐसा नहीं होता.

हम यहां डिविडेंड स्टॉक खरीदते समय बरती जानी वाली कुछ सावधानियों के बारे में बात कर रहे हैं.

क्या है रिकॉर्ड डेट
Record Date: ये एक कंपनी द्वारा तय की गई कट-ऑफ़ डेट है, जिसके आधार पर कंपनी की तरफ़ से डिविडेंड पाने के लिए इलिजिबल शेयर होल्डर्स तय किए जाते हैं. दरअसल, सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाले स्टॉक के शेयर होल्डर्स में लगातार बदलाव हो रहा है, इसलिए इससे ये तय होता है कि रिकॉर्ड डेट या निर्धारित तारीख पर कौन-कौन कंपनी का शेयरहोल्डर था. रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयर होल्डर्स कंपनी द्वारा घोषित डिविडेंड पाने के पात्र होते हैं.

एक्स-डिविडेंड डेट
Ex-dividend date: रिकॉर्ड डेट इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसका संबंध एक अन्य तारीख एक्स-डिविडेंड डेट से होता है. एक्स-डिविडेंड डेट, रिकॉर्ड डेट से एक दिन पहले ट्रेडिंड सेशन होता थी. दरअसल, पहले भारत में स्टॉक्स के लिए T+2 सेटलमेंट सिस्टम लागू था और जनवरी, 2023 से T+1 सेटलमेंट सिस्टम लागू हो गया है. इसके चलते कई शेयरों के मामले में जनवरी से एक्स-डिविडेंड डेट और रिकॉर्ड डेट एक ही हो गई है. हालांकि, ऐसा सभी कंपनियों यानी शेयरों के मामले में ऐसा नहीं हुआ है.

इन बातों का रखें ध्यान
1. शॉर्ट टर्म में सिर्फ़ डिविडेंड के लालच में स्टॉक ख़रीदने से बचें.

2. अगर किसी स्टॉक के फ़ंडामेंटल अच्छे हैं और वो डिविडेंड भी देता है, तो लंबी अवधि के निवेश पर विचार कर सकते हैं.

3. शेयर ख़रीदने से पहले ध्यान रखें कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट क्या तय की गई है. दरअसल, अगर आपने इस तारीख के बाद शेयर ख़रीदा तो आपको डिविडेंड नहीं मिलेगा.

4. कुछ मामलों में कंपनियां पीछे की रिकॉर्ड डेट के साथ डिविडेंड का ऐलान करती हैं, तो ऐसे में आपको शेयर ख़रीदने पर कोई डिविडेंड नहीं मिलेगा.

5. अगर कंपनी के फंडामेंटल कमज़ोर हैं या परफ़ॉर्मेंस सुधर नहीं रहा है, तो डिविडेंड देने की कुछ ख़ास वजह हो सकती हैं. ऐसे में आपको सिर्फ़ डिविडेंड के लालच में शेयर ख़रीदने से बचना चाहिए.

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