
Debt Fund: म्यूचुअल फंड्स की एक कैटेगरी के रूप में डेट फंड खासी चर्चित है. यह कैटेगरी पिछले कुछ साल में देश में सबसे ज्यादा लोकप्रिय म्यूचुअल फंड्स में से एक के रूप में उभरी है. हालांकि, अक्सर इन्वेस्टर्स के मन में सवाल उठता है कि डेट फंड्स आखिरकार क्या हैं और किस तरह के इन्वेस्टर्स को इस कैटेगरी के फंड्स में पैसा लगाना चाहिए? हमने यहां इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश की है.
डेट फंड क्या हैं? (debt fund kya hota hai)
डेट फंड्स आपके पैसे को एक फिक्स्ड इनकम वाली डेट सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं. इसे कुछ ऐसे समझा जा सकता है कि फंड्स निवेशकों के पैसे से बॉन्ड खरीदते हैं और प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) में निवेश करते हैं. इसके एवज में उन्हें ब्याज के रूप में इनकम होती है. ये बॉन्ड और सिक्योरिटीज सरकारी और निजी कंपनियों दोनों की होती हैं. इनमें निवेश के समय ब्याज दर और बॉन्ड या सिक्योरिटी की अवधि पहले ही तय हो जाती है. इस पर मिला ब्याज ही आपको रिटर्न के रूप में मिलता है. इनमें भले ही बहुत ज्यादा रिटर्न नहीं मिलता, लेकिन नुकसान की संभावनाएं भी न के बराबर होती हैं.
दूसरे शब्दों में कहें तो डेट फंड एक तरह का निवेश का पूल है. इस कैटेगरी के फंड मुख्य रूप से शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म बॉन्ड, सिक्योरिटाइज्ड प्रोडक्ट्स, मनी मार्केट के इंस्ट्रूमेंट्स या फ्लोटिंग रेट डेट में निवेश कर सकता है. हालांकि, सामान्य तौर पर डेट फंड पर फीस इक्विटी फंड्स की तुलना में कम होती है, क्योंकि इसकी कुल मैनेजमेंट कॉस्ट कम आती है.
कौन कर सकता है निवेश (Who should invest in debt funds?)
1. पारंपरिक रूप से इन कम जोखिम वाले विकल्पों में वैसे निवेशक पैसा लगाते हैं जिनकी प्राथमिकता अपनी पूंजी को सुरक्षित रखना होती, भले ही उन्हें कम रिटर्न मिले. ऐसे इन्वेस्टर्स का जोर कम रिस्क के साथ इनकम अर्जित करने पर होता है.
2. ऐसे इन्वेस्टर्स जो आम तौर पर सेविंग अकाउंट्स या बैंक FD से बेहतर रिटर्न हासिल करना चाहते हैं.
3. ऐसे इन्वेस्टर्स जिन्हें इक्विटी मार्केट की कोई समझ नहीं है और इससे जुड़े रिस्क से अपने पैसे को दूर रखना चाहते हैं.
4. जो अपनी शॉर्ट टर्म की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पैसे को लिक्विड में रखना चाहते हैं. यानी जब चाहे या बेहद कम समय में निवेश से पैसा निकाल सकें.
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डेट फंडः इन्वेस्टर्स के लिए धनक पर क्या है?
धनक पर आप डेट फंड की लगभग 17 कैटेगरी के अलग-अलग रिटर्न देख सकते हैं. इनमें एक दिन से लेकर 10 साल तक का रिटर्न शामिल है. यहां पर आप ये भी जान सकेंगे कि कितने निवेश से एक निश्चित समय में कितना कॉर्पस तैयार कर सकते हैं. समझें स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस...
- सबसे पहले dhanak.com पर ऊपर की तरफ दिख रही दूसरी लाइन में 'फंड' सेक्शन पर क्लिक कीजिए.
इसके बाद पहले कॉलम में दिख रहे 'फंड मॉनिटर' पर क्लिक कीजिए. - इसके बाद, आपके सामने म्यूचुअल फंड मॉनिटर का सेक्शन खुल जाएगा. जहां पर आप इक्विटी, डेट और हाइब्रिड सहित हर फंड की अलग-अलग कैटेगरीज के प्रदर्शन का आकलन कर सकते हैं.
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- ऊपर की तरफ आपको सभी इक्विटी फंड कैटेगरी नजर आएंगी. उसके बाद, धीरे-धीरे नीचे जाने पर आपको डेट फंड कैटेगरी नजर आएंगी.
- अब सबसे ऊपर आपको 'डेट लॉन्ग ड्यूरेशन' कैटेगरी नजर आएगी. अब इस पर क्लिक कीजिए.
- अब आपको डेट लॉन्ग ड्यूरेशन के फंड नजर आएंगे. यहां पर इन फंड्स के सालाना रिटर्न के बारे में बताया गया है. साथ ही, आप यह भी जानेंगे कि इन फंड्स पर धनक का रिस्क-ओ-मीटर क्या कहता है.
- विस्तार से जानने के लिए किसी एक फंड पर भी क्लिक कर सकते हैं.
- यहां पर धनक की राय भी दी गई है. हालांकि, इसे देखने के आपको हमारी प्रीमियम सर्विस लेनी होंगी. हमारी प्रीमियम सर्विसेज लेने के लिए यहां क्लिक करें. यहां पर फंड के प्रदर्शन, रिटर्न की संभावनाओं और अन्य पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की जा सकती है.
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डेट फंड (Debt Fund) के बारे में आम तौर पर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. डेट फंड में निवेश क्यों करें?
डेट फंड में निवेश करने से निम्नलिखित फायदे होते हैं:
नियमित आय: डेट फंड निवेशकों को नियमित ब्याज आय प्रदान कर सकते हैं.
कम जोखिम: शेयर बाजार की तुलना में कम उतार-चढ़ाव होता है, जिससे यह ज्यादा सुरक्षित विकल्प बनता है।
2. डेट फंड और इक्विटी फंड में अंतर क्या है?
डेट फंड फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे बॉंड्स) में निवेश करता है और यह कम जोखिम और स्थिर रिटर्न देता है.
इक्विटी फंड अपना ज्यादातर पैसा शेयरों में निवेश करता है, जो अधिक जोखिम वाले होते हैं लेकिन ऊंचे रिटर्न की संभावना होती है.
3. डेट फंड में निवेश करने के समय कौन सी बातें ध्यान में रखें?
ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव: ब्याज दरों में वृद्धि होने पर डेट फंड की कीमत गिर सकती है.
क्रेडिट जोखिम: निवेश किए गए बॉन्ड्स की क्रेडिट रेटिंग को जांचें.
फंड का प्रदर्शन: फंड के पिछले प्रदर्शन को समझें और उसके मैनेजर के अनुभव को ध्यान में रखें.
4. डेट फंड से कितने रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है?
डेट फंडों से औसतन 5-7% तक की वापसी की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन यह बाजार स्थितियों, ब्याज दरों और फंड की रणनीति पर निर्भर करता है.
5. डेट फंड पर टैक्स कैसे लगता है?
डेट फंड पर टैक्स की स्थिति इस प्रकार है:
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG): अगर आप 3 साल से कम समय में निवेश निकाल लेते हैं तो आपको अपने इनकम टैक्स स्लैब के आधार पर टैक्स देना होगा.
लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG): अगर 3 साल या उससे ज्यादा समय तक निवेश किया गया हो, तो 20% टैक्स लगता है. साथ ही आप इंडेक्सेशन का फायदा भी ले सकते हैं.
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ये लेख पहली बार मई 03, 2023 को पब्लिश हुआ, और मार्च 25, 2025 को अपडेट किया गया.
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