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इन म्यूचुअल फ़ंड्स ने जल्दी कर ली थी 'नगीनों' की पहचान

Multibagger Stocks: हजारों शेयरों में से मल्टीबैगर को खोजने की कला ख़ासी मुश्किल होती है

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Mutual funds: इन्वेस्टर्स के लिए संभावित मल्टीबैगर्स (multibagger stocks) की तलाश करना सबसे रोमांचक गतिविधियों में से एक है. म्यूचुअल फ़ंड हाउसेज के लिए भी ये काम बिल्कुल अलग नहीं है.

भले ही 1 अप्रैल, 2013 से अभी तक 46 ऐसी कंपनियां रहीं, जो 100 गुनी बढ़ चुकी हैं, लेकिन फ़ंड हाउसेज इनमें से महज़ छह कंपनियों के स्टॉक्स को शुरुआती दौर में ख़रीद सके और कीमतों में दमदार तेजी को भुनाने में कामयाब रहे.

हकीकत में, 46 में से छह की खोज काफी हद तक औसत से कमज़ोर प्रदर्शन लगता है, लेकिन हम ये बताना चाहते हैं कि संभावित रूप से 100 गुने होने वाले स्टॉक्स का पता लगाना समुद्र के किनारे गिरी हुई शादी की अंगूठी को खोजने जैसा ही है.

इसमें फ़ंड के बने रहने की कुछ ख़ास अहमियत नहीं है. हालांकि, ख़ास बात ये है कि लंबे समय तक तेजी से चढ़ते शेयर पर अपना भरोसा बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है. म्यूचुअल फ़ंड के मामले में भी ऐसा ही है. दरअसल, समय के साथ या तो उनका भरोसा कम हो सकता है या वे अपनी दिलचस्पी घटा सकते हैं.

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अब आप जान गए होंगे कि जल्दी पहचान करना और एक आसमान छूते स्टॉक के साथ बने रहना कितना मुश्किल काम है, तो यहां आपको ऐसे म्यूचुअल फ़ंड्स की लिस्ट दी जा रही है जिन्होंने बीते 10 साल में ये दोनों ही काम किए हैं.

अहम बातें

  • निप्पॉन इंडिया स्माल कैप (Nippon India Small Cap) के इस भरोसे पर नवीन फ्लोरीन (Navin Fluorine) ख़री उतरी है. फ़ंड ने शुरुआत में (अप्रैल 2013) ही इस स्टॉक की पहचान कर ली थी और लंबे समय तक उसमें निवेश बनाए रखा.
  • टाटा इलेक्सी (Tata Elxsi) के मामले में, एक्सिस, HDFC और टाटा ने भी शुरुआत में (अप्रैल 2013) में इसकी पहचान कर ली थी, लेकिन स्टॉक में एक बड़े उछाल को भांपने के लिहाज से उनमें दृढ़ संकल्प की कमी रही.
  • UTI मिड कैप ने भी इंडो काउंट इंडस्ट्रीज की तुलनात्मक रूप से शुरुआती दौर में पहचान कर ली थी, लेकिन कंपनी में खासा कम ऐलोकेशन के चलते फ़ंड के रिटर्न पर ख़ास असर नहीं पड़ा था.

इस प्रकार, 100 गुना होने वाले स्टॉक्स की पहचान करना एक बात है और इसके लिए ज़्यादा ऐलोकेशन करना अलग बात है.

इसकी अगली कड़ी में आने वाले स्टोरी में, हम उन फ़ंड्स के बारे में बताएंगे जिन्होंने एक 100-बैगर यानी 100 गुना होने वाले शेयरों में ज़्यादा ऐलोकेशन किया. नतीजतन, उन फ़ंड्स को अपने इन्वेस्टर्स को बंपर रिटर्न देने में सफलता मिली.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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