
भारतीय स्टॉक मार्केट के निफ़्टी 50 इंडेक्स में 50 सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा लिक्विड (जिन्हें आसानी से भुनाया जा सकता है) कंपनियां हैं. पिछले कुछ हफ़्तों में, इस इंडेक्स ने नई ऊंचाई हासिल की हैं, जिससे इसके एक साल के रिटर्न डबल-डिजिट में पहुंच गए. इस इंडेक्स का प्रदर्शन अपने जैसे एक्टिव लार्ज-कैप से बढ़ कर रहा है. एक साल के अच्छे ट्रेलिंग रिटर्न के दो बड़े कारण रहे, पहला, मार्च 2023 के अंत से जारी रैली, और दूसरा, ठीक एक साल पहले इंडेक्स में आई गिरावट. हालांकि, केवल शॉर्ट-टर्म रिटर्न पर ही फ़ोकस करने के बजाए बड़ी तस्वीर को देखा जाना चाहिए. अक्टूबर 2021 में अपने अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद, जून महीने में मार्केट अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था और उसके बाद दिसंबर में फिर से ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया. अगर पिछले कुछ दिनों के संकेत देखें, तो लगता है कि अब ये एक और नई ऊंचाई हासिल करने वाला है. निफ़्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स को छोड़ दें, तो निफ़्टी की कंपनियों में पिछले एक साल से कोई बदलाव नहीं आया है. इसके अलावा, इंडेक्स के सेक्टर में भी काफ़ी हद तक स्थिरता बनी हुई है. ये भी पढ़िए- "ज़्यादा टैक्स और महंगाई असली रिटर्न नेगेटिव कर देते हैं" सबसे अच्छे और ख़राब प्रदर्शन अपने जैसी जूनियर कंपनियों के मुक़ाबले, अडानी ग्रुप की दो कंपनियां भी निफ़्टी इंडेक्स पर सुस्त रही हैं. 2023 के लिए टॉप-5 परफ़ॉर्मर रिटर्न (%) टॉप-5 अंडरपरफ़ॉर्मर रिटर्न (%)
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