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इंडेक्स फ़ंड्स के लिए कम हो रहा क्रेज़

क्या इंडेक्स फ़ंड उतने ही प्रभावशाली हैं, जैसे वे नजर आते हैं

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Index Fund: हाल में SBI के दो इंडेक्स फ़ंड्स SBI निफ़्टी 50 ETF और SBI S&P BSE सेंसेक्स ETF को अच्छी लोकप्रियता हासिल हुई और उनका AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) ख़ासा बढ़ गया.

दमदार ग्रोथ के साथ उनके AUMs के बढ़कर क्रमशः ₹1.5 लाख करोड़ और ₹1 लाख करोड़ होने की मुख्य वजह एम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फ़ंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) इनफ्लो में बढ़ोतरी रही है.

इंडेक्स फ़ंड्स की लोकप्रियता
ऐतिहासिक रूप से, इंडेक्स फ़ंड्स (Index Fund) की लोकप्रियता में बढ़ोतरी का पता जॉन बोगले (John Bogle) और वॉरेन बफ़े (Warren Buffett) जैसे निवेश के दिग्गजों के प्रभाव से लगाया जा सकता है.

उन्होंने इन फ़ंड्स की सरलता, क्षमता और कम कॉस्ट की तारीफ की थी, हालांकि, ऐसा कुछ शर्तों के साथ किया गया था.

निवेश करने वालों लोगों ने भी इसी भावना को प्रदर्शित किया, जो कम खर्च और व्यापक मार्केट एक्सपोजर के भरोसे के साथ इन फंडों की ओर तेजी से आकर्षित हुए.

एक्टिव फ़ंड्स भी नहीं रहे पीछे
Active funds: हालांकि जब हम सक्रिय रूप से मैनेज होने वाले फ़ंड्स पर गौर करते हैं तो हमने देखा कि उनमें से कई का शानदार प्रदर्शन रहा है, जो अक्सर अपने बेंचमार्क इंडेक्स से भी बेहतर रहा है.

उदाहरण के लिए, 24 एक्टिव लॉर्ज कैप फ़ंड्स (large-cap funds) पर ग़ौर करें तो 20 फ़ंड्स ने 10 साल के रोलिंग बेसिस पर 2010 से अभी तक S&P BSE 100 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) से बेहतर प्रदर्शन किया है. इसे स्पष्ट करने के लिए हमने औसत रिटर्न की तुलना की, न कि यह देखा कि कितनी बार फ़ंड ने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा.

यह आंकड़ा आश्चर्यचकित करने के लिए पर्याप्त है कि क्या इंडेक्स फ़ंड को लेकर सनक वास्तव में उचित है.

ये भी पढ़िए- इंडेक्स फ़ंड्स में इन्वेस्टमेंट का क्या है लॉजिक

इंडेक्स फ़ंड्स का रिस्क
index funds: इसके अलावा, इंडेक्स फ़ंड्स भी जोख़िमों से अछूते नहीं हैं.

अपने डिजाइन के आधार पर, इंडेक्स फ़ंड्स मार्केट को ट्रैक करते हैं. मार्केट में उतार-चढ़ाव के दौर में, इसमें किए गए निवेश पर ख़ासा लॉस हो सकता है. 2008 की फ़ाइनेंशियल क्राइसिस और 2020 का कोविड महामारी का दौर हमें इसी हकीकत की याद दिलाता है. उस दौर में मार्केट के साथ-साथ इंडेक्स फ़ंड्स भी डूब गए थे और इन्वेस्टर्स को ख़ासा नुकसान उठाना पड़ गया था.

वहीं, विशेषज्ञ फ़ंड मैनेजर्स की अगुआई वाले सक्रिय रूप से मैनेज होने वाले फ़ंड्स ने मुश्किल दौर में पर्याप्त सुरक्षा दी है. उदाहरण के लिए, लगभग 69 फ़ीसदी एक्टिव लॉर्ज कैप फ़ंड्स ने 2008 में S&P BSE 100 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) की तुलना में बेहतर प्रदर्सन किया.

अंत में सलाह
उनमें मिलने वाले डायवर्सिफ़िकेशन को देखते हुए, निवेशकों के लिए अपने पोर्टफ़ोलिया में अपनी एसेट्स का एक छोटा सा हिस्सा इंडेस्क फ़ंड्स को एलोकेट करना चाहिए.

व्यापक इक्विटी मार्केट में एक्सपोजर वाले 1-2 फ़ंड्स से लंबे समय के फ़ायदे मिल सकते हैं.

हालांकि, अपने पैसे का 10 फ़ीसदी से ज़्यादा इन फ़ंड्स के लिए एलोकेट नहीं करें.

ये भी पढ़िए- आपके लिए कौन सा Debt Fund है बेहतर

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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