
साल 2023 इस फ़ंड के लिए एक बुरे नोट पर ख़त्म हुआ. हर तिमाही में इसका प्रदर्शन ख़राब रहा और इस ख़राब प्रदर्शन का क़रीब आधा हिस्सा आख़िरी तिमाही में हुआ. 2024 में भी इसकी बहुत अच्छी शुरुआत नहीं रही, पर ये अपने साथियों से थोड़ा ही पीछे है. पांच साल के रोलिंग रिटर्न के आधार पर भी मिराए एसेट एग्रेसिव हाइब्रिड फ़ंड का आउट-परफ़ॉर्मेंस मार्जिन कम हो गया है, पर ये अब भी अपने साथियों से आगे बना हुआ है. परफ़ॉर्मेंस की वजह विशेष रूप से फ़ाइनेंशियल और कंज़्यूमर स्टेपल्स सेक्टर पिछले छह महीनों में फ़ंड के लिए परेशानी का सबब बने रहे. फ़ाइनेंशियल सेक्टर में HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक ने सबसे बड़ा घाटा पहुंचाया. कंज़्यूमर स्टेपल्स सेक्टर में ITC कंपनी सबसे बड़ी फिसड्डी साबित हुई. छह महीने पहले तक विजेता रही क्राफ्ट्समैन ऑटोमेशन ने इस बार अपनी राह बदल ली और ये ग़लत साबित हुआ. एक सकारात्मक बात ये है कि फ़ाइनेंशियल सेक्टर में SBI और श्रीराम फ़ाइनांस का परफ़ॉरमेंस अच्छा रहा है. NTPC और टाटा मोटर्स ने भी
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