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मोतीलाल ओसवाल निफ़्टी इंडिया डिफ़ेंस इंडेक्स फ़ंड NFO: क्या आपको निवेश करना चाहिए?

ये डिफ़ेंस सेक्टर में निवेश करने वाला भारत का पहला इंडेक्स फ़ंड होगा. आपको इससे जुड़ी हर बात जाननी चाहिए

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Motilal Oswal Nifty India Defence Index Fund NFO: स्वदेशीकरण पर सरकार के बढ़ते जोर और ऑर्डर बुक में बढ़ोतरी के कारण भारत के रक्षा क्षेत्र में तेज़ उछाल देखने को मिल रहा है, ऐसे में ये आश्चर्य की बात नहीं है कि मोतीलाल ओसवाल AMC डिफ़ेंस कंपनियों में निवेश पर केंद्रित एक म्यूचुअल फ़ंड लॉन्च कर रहा है.

ये देश में दूसरा ऐसा फ़ंड है, इससे पहले पिछले साल HDFC ने अपना ख़ुद का फंड लॉन्च किया था.

हालांकि, HDFC फ़ंड के विपरीत, मोतीलाल ओसवाल निफ़्टी इंडिया डिफ़ेंस इंडेक्स फ़ंड एक पैसिव फ़ंड है जो डिफ़ेंस इंडेक्स की नकल करेगा.

मोतीलाल ओसवाल फ़ंड सब्सक्रिप्शन के लिए 27 जून 2024 तक खुला रहेगा.

फ़ंड का नाम मोतीलाल ओसवाल निफ़्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स फ़ंड
SEBI कैटेगरी इंडेक्स फ़ंड
NFO पीरियड 13-27 जून 2024
बेंचमार्क निफ़्टी इंडिया डिफेंस टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI)
फ़ंड मैनेजर राकेश शेट्टी और स्वप्निल मायेकर
एग्ज़िट लोड एलॉटमेंट के 15 दिन के अंदर अगर यूनिट्स को रिडीम करने पर 1%. इसके बाद कोई चार्ज नहीं लगता है.
टैक्स अगर यूनिट 1 साल बाद बेची जाती हैं तो ₹1 लाख से ज़्यादा फ़ायदा होने पर 10% टैक्स लगता है.अगर यूनिट 1 साल के अंदर बेची जाती हैं तो 15% टैक्स देना होता है.

फ़ंड के बारे में
चूंकि मोतीलाल ओसवाल निफ़्टी इंडिया डिफ़ेंस इंडेक्स फ़ंड एक इंडेक्स फ़ंड है, इसलिए ये रिटर्न जेनरेट करने के लिए निफ़्टी इंडिया डिफ़ेंस टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) की नकल करेगा.

19 जनवरी 2022 को लॉन्च किया गया, निफ्टी इंडिया डिफ़ेंस इंडेक्स TRI में 15 कंपनियां शामिल हैं जो मोटे तौर पर डिफ़ेंस सेक्टर का प्रतिनिधित्व करती हैं. इनमें से, टॉप 10 में पोर्टफ़ोलियो का लगभग 94 फ़ीसदी हिस्सा शामिल है. इंडेक्स में प्रत्येक स्टॉक का वेट फ़्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पर आधारित है और इसे हर छह महीने (मार्च और सितंबर) में एडजस्ट किया जाता है.

डिफ़ेंस इंडेक्स का प्रदर्शन
हाल के वर्षों में डिफ़ेंस मैन्युफैक्चरिंग पर सरकार का बढ़ता ध्यान इंडेक्स के लिए वरदान साबित हुआ है.

ज़्यादातर डिफ़ेंस कंपनियों के शेयरों में पिछले कुछ वर्षों में उछाल आया है, जिनमें से कई सरकारी कंपनियां (PSU) हैं. आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं. तीन साल के रोलिंग रिटर्न के आधार पर डिफ़ेंस इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट से लगभग चार गुना ज़्यादा बढ़त हासिल की है.

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फ़ंड मैनेजर्स के बारे में
राकेश शेट्टी और स्वप्निल मायेकर संयुक्त रूप से फ़ंड को मैनेज करेंगे.

शेट्टी को इक्विटी, डेट, कॉरपोरेट ट्रेजरी और बैंकिंग में 14 साल से ज़्यादा का तजुर्बा है. वर्तमान में, वो मोतीलाल ओसवाल में 36 पैसिवली मैनेज्ड फ़ंड का प्रबंधन संभालते हैं.

मायेकर मोतीलाल ओसवाल AMC में वाइस प्रेसिडेंट - फ़ंड मैनेजर हैं और 2010 से फ़ंड हाउस के साथ हैं. वो वर्तमान में मोतीलाल ओसवाल S&P BSE एन्हांस्ड वैल्यू इंडेक्स रेग्युलर-G और मोतीलाल ओसवाल निफ्टी मिडकैप 100 ETF-G जैसे 23 अन्य पैसिवली मैनेज्ड फ़ंड्स को संभालते हैं.

क्या आपको डिफ़ेंस फ़ंड में निवेश करना चाहिए?
जैसा कि पहले बताया गया है, पिछले कुछ सालों में डिफेंस सेक्टर और उसके परिणामस्वरूप डिफ़ेंस कंपनियों में बहुत तेजी आई है. HDFC डिफेंस फ़ंड , पहला एक्टिवली मैनेज्ड डिफ़ेंस फ़ंड, जिसका उसे फ़ायदा भी मिला है. इस फ़ंड ने मई 2023 में अपनी स्थापना के बाद से 130 फ़ीसदी से ज़्यादा रिटर्न दिया है.

भले ही, ऐसे रिटर्न किसी भी निवेशक के लिए एक सपना होते हैं, लेकिन आपको निम्नलिखित बातों पर विचार करना चाहिए:

  • सेक्टोरल रिस्क: पहली बात, डिफ़ेंस फ़ंड्स का नेचर सेक्टोरल होता है. आमतौर पर, ऐसे फ़ंड निवेशकों को लंबे समय में बहुत ज़्यादा फ़ायदा देते हैं, जिसमें आपको उछाल और मंदी का बड़ा दौर देखने को मिलता है.
  • ऊंची वैल्यूएशन: दूसरा, भले ही डिफ़ेंस पर ख़र्च में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन स्टॉक की क़ीमतों में हाल में आई उछाल ने उनके वैल्यूएशन पर भी सवालिया निशान लगा दिया है. दूसरे शब्दों में, कई कंपनियों के स्टॉक की क़ीमतें सहज स्तर से बहुत ज़्यादा हो गई हैं.

भले ही फ़्लेक्सी-कैप और मल्टी-कैप फ़ंड जैसे डाइवर्सिफ़ाइड इक्विटी फ़ंड आमतौर पर विभिन्न सेक्टर्स में निवेश करते हैं, लेकिन डिफ़ेंस के मामले में ऐसा नहीं है. इन फ़ंड्स का इंडेक्स में मौजूद डिफ़ेंस स्टॉक्स में ख़ास ज़्यादा निवेश नहीं है. यही कारण है कि अगर आप उनमें निवेश करने के लिए उत्सुक हैं, तो आप अपने पैसे का एक छोटा हिस्सा डिफ़ेंस फ़ंड में एलोकेट करने पर विचार कर सकते हैं.

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Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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