
टैक्स सेविंग के लिए आपके पास एक माह से कुछ ज्यादा ही समय बचा है। खास कर उन लोगों के लिए जिन्होंने टैक्स बचाने के लिए पूरे साल नियमित तौर पर कुछ नहीं किया है, उनके लिए यह टैक्स बचाने का सीजन है। दुर्भाग्य से ऐसे बहुत से लोग हैं जो टैक्स बचाने के लिए पूरा इन्वेस्टमेंट अब से और 31 मार्च के बीच करेंगे। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इस काम को 31 मार्च करीब आने पर अंजाम देंगे।
अगर आप निवेश अब कर रहे हैं तो निवेश उत्पाद बेचने वालों की सलाह पर निवेश न चुनें। कई वजहों से निवेशक टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट चुनते समय जल्दबाजी में खराब फैसले लेते हैं। मेरा मानना है कि जो टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट के लिए साल के अंत तक निवेश करते हैं वे टैक्स सेविंग के अलावा कोई और निवेश नहीं करते हैं। वे इस पूरी गतिविधि के बारे में खास अनुभव नहीं रखते हैं और साल में सिर्फ एक बार निवेश करते हैं। और जो पहला सेल्समैन आता है उसके शिकार हो जाते हैं। अगर कोई निवेश टैक्स बचाता है तो उनको लगता है कि काम हो गया।
यह तरीका आपकी रकम को बरबादी की ओर ले जाता है। एक अच्छा टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट पहले इन्वेस्टमेंट होना चाहिए और टैक्स बचाने वाला बाद में। ज्यादातर लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प इक्विटी ELSS फ़ंड होना चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि सैलरी क्लास के लोग आम तौर पर एक तय रकम PF यानी फिक्स्ड इनकम ऑप्शन में जमा कराते हैं। ऐसे में संतुलन के लिए इक्विटी सबसे बेहतर है। इसके अलावा ELSS में लॉक इन पीरियड सिर्फ तीन साल का है। यह फिक्स्ड इनकम ऑप्शन की तुलना में कम है। इक्विटी में निवेश के लिहाज से भी यह अवधि सही है और काफी हद तक जोखिम को कम कर देती है। सबसे बड़ी बात यह है कि लंबी अवधि के सभी इक्विटी रिटर्न की तरह ELSS रिटर्न टैक्स फ्री है।
जिस तरह से महंगाई पर लगाम लगाना मुश्किल हो रहा है उससे लगता है कि लंबे समय तक फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट का रियल रिटर्न नेगेटिव रहेगा। ऐसे में फिक्स्ड इनकम ऑप्शन में किसी भी तरह का लंबी अवधि का निवेश सही नहीं है।






