जानें अपना इन्कम टैक्स

सालाना ₹50 लाख से कम है कमाई, तो जानें कौन सा ITR फॉर्म आपके लिए सही है

समझें ITR-1, ITR-2 और ITR-3 के बीच का अंतर

समझें ITR-1, ITR-2 और ITR-3 के बीच का अंतरAprajita Anushree/AI-Generated Image

अगर आप नौकरीपेशा हैं और सालाना ₹50 लाख से कम कमाते हैं, तो आपको शायद सिर्फ दो फॉर्म्स: ITR-1 या ITR-2 के बीच से किसी एक को चुनना होगा. आइए देखें कि आपके लिए कौन सा फॉर्म सही रहेगा.

1. ITR-1 (सहज)

ये नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला फॉर्म है.

आप ITR-1 फाइल कर सकते हैं अगर:

  • आप भारत के निवासी हैं
  • आपकी सालाना आय ₹50 लाख तक है
  • आपकी आय के स्रोत हैं:

-वेतन या पेंशन

-एक मकान (जो किराए पर न हो या जिसमें नुक़सान न हो)

  • अन्य स्रोत जैसे बैंक का ब्याज
  • ₹5,000 तक की कृषि आय

आप ITR-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकते अगर:

  • आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं
  • आपके पास अनलिस्टेड शेयर हैं
  • आपको कैपिटल गेन हुआ है, जैसे शेयर या म्यूचुअल फ़ंड से
  • आपको विदेशी इनकम होती है या आपके पास विदेशी एसेट्स हैं
  • आप सेक्शन 90 या 91 के तहत विदेशी करों पर राहत मांग रहे हैं (विदेश में टैक्स के भुगतान पर)

संक्षेप में, अगर आपकी इनकम सीधी-सादी है (वेतन, बचत खाते का ब्याज और खुद के रहने वाला मकान), तो ITR-1 आपके लिए बिल्कुल सही है.

2. ITR-2

आपको ITR-2 की ज़रूरत होगी अगर:

  • आपको कैपिटल गेन हुआ है (जैसे शेयर, म्यूचुअल फ़ंड या प्रॉपर्टी बेचने से)
  • आपके पास एक से ज़्यादा मकान हैं
  • आपको विदेश से इनक हुई है या आप विदेश में एसेट्स रखते हैं
  • आपकी कृषि आय ₹5,000 से ज़्यादा है
  • आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं या अनलिस्टेड इक्विटी शेयर रखते हैं
  • आप अनिवासी भारतीय (NRI) हैं

ITR-2 उन लोगों के लिए है जो ₹50 लाख से कम कमाते हैं, लेकिन उनकी आय के स्रोत वेतन से इतर भी हैं, जैसे ESOPs (इम्प्लॉाई स्टॉक ऑप्शन).

3. ITR-3 के बारे में क्या?

ये बिजनेस करने वालों और फ्रीलांसर्स के लिए है. अगर आप फुल-टाइम नौकरी करते हैं और न तो कोई बिज़नस चलाते हैं और न ही फ्रीलांसिंग करते हैं, तो आप ITR-3 को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं.

संक्षेप में

  • ITR-1 = सैलरी + एक मकान + बैंक ब्याज
  • ITR-2 = सैलरी + कैपिटल गेन्स/एक से ज़्यादा मकान/विदेशी इनकम
  • ITR-3 = बिज़नस या प्रोफ़ेशनल इनकम (जो यहां कवर नहीं की गई)

आखिरी बात

अगर आप सालाना ₹50 लाख से कम कमा रहे हैं, तो सही ITR फॉर्म चुनना इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी इनकम कैसे आ रही है, न कि सिर्फ़ कितनी आ रही है. सही फॉर्म चुनने से आपका रिटर्न आसानी से और समय पर प्रोसेस हो जाएगा.
टैक्स फाइल करना तनावपूर्ण नहीं होना चाहिए. बस सही फॉर्म चुनें और इसे 15 सितंबर, 2025 तक जमा कर दें.

ये भी पढ़ेंः ITR में अमेरिकी स्टॉक से इनकम का ख़ुलासा कैसे करें

ये लेख पहली बार जुलाई 25, 2025 को पब्लिश हुआ.

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