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सारांशः ट्रांसमिशन के ज़रिए मिली म्यूचुअल फ़ंड यूनिट पर टैक्स का क्या नियम है? कैपिटल गेन निकालने के लिए, ख़रीद की तारीख़ ही मूल ख़रीद की तारीख़ या ट्रांसफ़र की तारीख़ मानी जाएगी? – थिरुमला राव जे
जब मूल निवेशक की मृत्यु के बाद म्यूचुअल फ़ंड यूनिट विरासत में मिलती हैं, तो इस ट्रांसफ़र को ट्रांसमिशन कहते हैं. बिक्री के उलट, ट्रांसमिशन पर तुरंत कोई टैक्स नहीं लगता, क्योंकि मालिकाना बस क़ानूनी वारिस या नॉमिनी को सौंपा जाता है.
टैक्स के लिहाज़ से, वारिस असल में मूल निवेशक की जगह ले लेता है. इसका मतलब है कि जब विरासत में मिली यूनिट आगे चलकर बेची जाती हैं, तो कैपिटल गेन निकालने के लिए मूल ख़रीद क़ीमत (कॉस्ट ऑफ़ एक्विज़िशन) और मूल ख़रीद की तारीख़, दोनों इस्तेमाल की जाती हैं.
विरासत में मिले म्यूचुअल फ़ंड पर टैक्स कैसे लगता है
टैक्स सिर्फ़ तब देना होता है जब विरासत में मिली यूनिट बेची जाती हैं. लगने वाला टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि म्यूचुअल फ़ंड किस तरह का है और मूल निवेशक ने यूनिट किस तारीख़ को ख़रीदी थीं.
इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड
- लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG), जहां होल्डिंग पीरियड एक साल से ज़्यादा हो, एक वित्त वर्ष में ₹1.25 लाख तक टैक्स-फ़्री हैं. इस हद से ऊपर के मुनाफ़े पर 12.5% टैक्स लगता है.
- शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG), जहां होल्डिंग पीरियड एक साल या उससे कम हो, उन पर 20% टैक्स लगता है.
डेट म्यूचुअल फ़ंड
अगर मूल निवेशक ने यूनिट 1 अप्रैल 2023 को या उसके बाद ख़रीदी थीं, तो पूरा कैपिटल गेन वारिस की टैक्स वाली आमदनी में जुड़ जाता है और उनकी लागू इनकम-टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स होता है, चाहे होल्डिंग पीरियड कुछ भी हो.
अगर मूल निवेशक ने यूनिट 1 अप्रैल 2023 से पहले ख़रीदी थीं:
- 24 महीने या उससे कम रखीं: कैपिटल गेन पर वारिस पर लागू इनकम-टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है.
- 24 महीने से ज़्यादा रखीं: लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर 12.5% टैक्स लगता है (बिना इंडेक्सेशन के).
आप ऐसे समझिए!
मान लीजिए एक निवेशक ने 1 जनवरी 2019 को ₹5 लाख की इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड यूनिट ख़रीदीं. जनवरी 2024 में उस निवेशक की मृत्यु हो गई, और यूनिट उनके बच्चे को विरासत में मिलीं. बच्चे ने मार्च 2025 में वो यूनिट ₹12 लाख में बेच दीं.
चूंकि मूल ख़रीद की तारीख़ 1 जनवरी 2019 मानी जाती है, इसलिए होल्डिंग पीरियड एक साल से ज़्यादा हो जाता है, जिससे यह मुनाफ़ा लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन बन जाता है.
- कैपिटल गेन ₹7 लाख है (₹12 लाख − ₹5 लाख).
- लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन का पहला ₹1.25 लाख टैक्स-फ़्री है.
- बाक़ी ₹5.75 लाख पर 12.5% टैक्स लगता है.
देय टैक्स ₹71,875 है.
वैल्यू रिसर्च की राय
विरासत में मिले फ़ंड पर टैक्स की समझ आपको बेचते वक़्त सही फ़ैसला लेने में मदद करती है. वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपको आपके पोर्टफ़ोलियो और लक्ष्यों के हिसाब से सही राह दिखाता है.
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ये लेख पहली बार मार्च 21, 2025 को पब्लिश हुआ, और जुलाई 22, 2026 को अपडेट किया गया.






