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अब इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड्स पर टैक्स किस तरह लगेगा?

अपने इक्विटी निवेश के मुनाफ़े पर लगने वाले टैक्स को समझिए

अब इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड्स पर टैक्स किस तरह लगेगा?

हाल के बजट में घोषित टैक्स के बदलावों के बाद मेरे ₹5 लाख के इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड निवेश के टैक्स पर क्या असर पड़ेगा? - पाठक

2024 के बजट सुधारों के बाद, इक्विटी-ओरिएंटेड इन्वेस्टमेंट पर लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स पर क्रमशः 12.5 और 20 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा. इसके अलावा, हर साल ₹1.25 लाख तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स नहीं लगता है. इसलिए, आपके ₹5 लाख के मूल इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड निवेश पर इस तरह टैक्स लगाया जाएगा:

केस 1: लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स

अगर आप अपनी इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड होल्डिंग्स को एक साल से ज़्यादा समय तक रखने के बाद ₹7 लाख में बेचते हैं, तो आपको ₹2 लाख का मुनाफ़ा होगा. इसमें से ₹1.25 लाख टैक्स-फ़्री होंगे. इसलिए, आपको ₹75,000 के बाक़ी के मुनाफ़े पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा.

केस 2: शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स

अगर आप अपने इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड निवेश को एक साल से कम समय में बेचते हैं, तो आपको पूरे ₹2 लाख के मुनाफ़े पर 20 प्रतिशत के फ़्लैट टैक्स रेट का भुगतान करना होगा. ध्यान दें, 31 जनवरी 2018 को या उससे पहले कमाए गए किसी भी मुनाफ़े पर अब टैक्स नहीं लगेगा.

ये भी पढ़िए - New Tax Regime हुई और बेहतर. Old Tax Regime से किनारा करने का वक़्त आ गया है क्या?

ये लेख पहली बार अक्तूबर 08, 2024 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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