
अगर मैं अपने निवेश को एक ELSS फ़ंड से उसी AMC के तहत दूसरे इक्विटी-ओरिएन्टेड फ़ंड में Systematic Transfer Plan (STP) के ज़रिए ट्रांसफ़र करूं, तो क्या मुझे Long-Term Capital Gains (LTCG) टैक्स देना पड़ेगा? - श्रीकांत एन. वी.
हां, अगर आप एक Equity-Linked Savings Scheme (ELSS) से (सिस्टमेटिक ट्रांसफ़र प्लान) STP के ज़रिए से किसी दूसरे इक्विटी-ओरिएन्टेड फ़ंड में स्विच करने पर LTCG टैक्स लगेगा, भले ही दोनों फ़ंड एक ही Asset Management Company (AMC) में क्यों न हों.
STP यानी Systematic Transfer Plan एक ऐसी सुविधा है जिससे आप अपने पैसे को एक म्यूचुअल फ़ंड से दूसरे म्यूचुअल फ़ंड में धीरे-धीरे करके ट्रांसफ़र कर सकते हो, वो भी बिना उनके पैसे को अपने बैंक खाते में आए. मगर, टैक्स के नज़रिये से देखा जाए, तो हर ट्रांसफ़र को पहले स्रोत फ़ंड (इस मामले में ELSS) से पैसा निकालना (रिडेम्पशन) और टारगेट फ़ंड में एक नया निवेश माना जाता है.
ELSS फ़ंड में तीन साल का लॉक-इन होता है, इसलिए सिर्फ़ तीन साल पूरे करने वाली यूनिट को ही STP के ज़रिए ट्रांसफ़र किया जा सकता है. जब ये यूनिट रिडीम की जाती हैं, तो एक फ़ाइनेंशियल ईयर में ₹1.25 लाख से ज़्यादा के मुनाफ़े पर 12.5% की दर से LTCG टैक्स लागू होता है.
STP का विकल्प चुनने से पहले कुछ ख़ास बातें
टैक्स: अगर आप अपनी टैक्स लायबिलिटी को कम करना चाहते हैं, तो सालाना ₹1.25 लाख की टैक्स फ़्री LTCG लिमिट का असरदार तरीके से इस्तेमाल करने के लिए अपनी निकासी को अलग-अलग फ़ाइनेंशियल ईयर में फै़लाने का सोच सकते हैं.
इनवेस्टमेंट: स्विच करने से पहले ये पक्का करें कि नया इक्विटी फ़ंड आपके मौजूदा रिस्क प्रोफ़ाइल, निवेश की अवधि और फ़ाइनेंशियल गोल से मेल खाता हो.
याद रखें, STP फ़ंड के बीच में आसानी से स्विच करने की सुविधा तो देता है, लेकिन इससे टैक्स में कोई ख़ास फ़ायदा नहीं मिलता, जो आमतौर पर रेग्युलर रिडेम्पशन और फिर से निवेश करने पर मिलता है.
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ये लेख पहली बार मार्च 04, 2025 को पब्लिश हुआ.
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