Trending

Belrise की साधारण शुरुआत, जानिए कितने प्रीमियम पर हुआ लिस्ट

हाइप के बावजूद, शेयर ग्रे मार्केट की उम्मीदों से नीचे लिस्ट हुए

हाइप के बावजूद, शेयर ग्रे मार्केट की उम्मीदों से नीचे लिस्ट हुएAdobe Stock

Belrise Industries के पास एक ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग के सारे मसाले थे. मज़बूत ऑर्डर बुक, ठोस फ़ंडामेंटल और बड़े-बड़े क्लाइंट्स. लेकिन बुधवार (28 मई, 2025) को जब शेयर मार्केट में उतरा, तो हाइप की हवा निकल गई. शेयर NSE पर ₹100 पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस ₹90 से सिर्फ़ 11% ज़्यादा था. बुरा नहीं, लेकिन ग्रे मार्केट की 20-25% उछाल की उम्मीदों से कोसों दूर.

क्यों रही फीकी शुरुआत?

₹2,150 करोड़ का IPO पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसमें कोई ऑफ़र फॉर सेल नहीं था.

ये 21 से 23 मई तक खुला था, प्राइस बैंड ₹85-90 के बीच.

कुल मिलाकर सब्सक्रिप्शन? 41.3 गुना.

लेकिन इतने ओवरसब्सक्रिप्शन के बावजूद, लिस्टिंग गेन निराशाजनक रहे.

IPO के पहले दिन केवल NSE पर एक करोड़ से ज़्यादा शेयर ट्रेड हुए.

आंकड़े एक नज़र में

मेट्रिक वैल्यू
लिस्टिंग प्राइस ₹100
इश्यू प्राइस ₹90
पहले दिन की रेंज ₹91.5-102.40
मार्केट कैप ₹8,000 करोड़
ROE 14.20%
ROCE 14.60%

Belrise क्या करती है?

पुणे बेस्ड Belrise Industries टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फ़ोर-व्हीलर के लिए कंपोनेंट्स बनाती है. ये ऑटो इंडस्ट्री के कुछ बड़े नामों जैसे बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प और टाटा मोटर्स को सप्लाई करती है.

ध्यान दें!

अगर आपको Belrise Industries का अलॉटमेंट मिला और आप जल्दी मुनाफ़ा कमाने की सोच रहे थे, तो शायद आप थोड़ा निराश हैं. लेकिन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए कहानी अभी बाक़ी है. बेलराइज़ का कोर बिज़नेस मज़बूत है, और IPO से मिली रक़म कर्ज़ कम करने और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में मदद करेगी.

हालांकि, हाई वैल्यूएशन के साथ, अगर कंपनी की कमाई में कोई चूक हुई तो शेयर को नुक़सान हो सकता है. साथ ही, मार्केट हाल में उतार-चढ़ाव भरा रहा है, और निवेशक तब तक नहीं कूद रहे जब तक बड़ा मुनाफ़ा नज़र न आए. कई लोग अगले कुछ तिमाहियों में शेयर के परफ़ॉर्मेंस को देखने का इंतज़ार कर रहे हैं.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

ज़्यादातर इंटरनेशनल फ़ंड बंद, लेकिन ये 12 अभी भी SIP ले रहे हैं

पढ़ने का समय 5 मिनटआकार रस्तोगी

पराग पारिख को REITs पर इतना भरोसा क्यों है?

पढ़ने का समय 6 मिनटहर्षिता सिंह

पुरानी फ़ाइल, नई कंपनी

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

ऐसे ही पड़े हैं ₹1 लाख, तो सेविंग अकाउंट से बेहतर है यह विकल्प

पढ़ने का समय 3 मिनटख्याति सिमरन नंदराजोग

Anant Raj: बड़े प्लान, सुनहरा भविष्य लेकिन एग्जीक्यूशन कमज़ोर

पढ़ने का समय 7 मिनटसत्यजीत सेन

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

इस बार जल्द ख़त्म नहीं होगा मुश्किल दौर!

पिछले 30 साल से, मैं पाठकों से हर संकट का डटकर सामना करने के लिए कहता आया हूं. लेकिन अमेरिका-ईरान युद्ध इसका अपवाद है, और यहां ख़बर से ज़्यादा उसका कारण मायने रखता है.

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी