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सारांशः कभी तीसरे क्वार्टाइल में रहने वाला कोटक मिडकैप फ़ंड अब अपनी पुरानी जगह पर लौट आया है, जो कभी अपनी कैटेगरी के टॉप परफ़र्मर्स में से एक रहा था. क्या बदला? बाज़ार की सोच के विपरीत, IT में दांव लगाने से लेकर समय पर सेक्टर से बाहर निकलने तक, फ़ंड मैनेजर अतुल भोले का शांत और भरोसे के साथ निवेश करने का तरीक़ा रंग लाया. हम यहां उन चार अहम क़दमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे ₹57,000 करोड़ के फ़ंड को कायापलट करने में मदद की. और, जानिए पिछले 12 महीनों में किन शेयरों ने इस फ़ंड को बड़ी कंपनियों की लिस्ट में वापस लाने में मदद की.
2024 के मध्य तक, कोटक मिडकैप फ़ंड तीन साल के प्रदर्शन के आधार पर तीसरे क्वार्टाइल में था. लेकिन अब, ये पिछले एक साल में टॉप क्वार्टाइल में है और अपनी कैटेगरी में चौथा सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाला फ़ंड है. वैल्यू रिसर्च की चार-स्टार रेटिंग और ₹57,000 करोड़ से ज़्यादा के एसेट के साथ, ये बदलाव ध्यान देने लायक़ है.
तो, क्या बदला?
हम इन चार अहम वजहों का एनालेसिस कर रहे हैं, जिनके दम पर अतुल भोले के मैनेजमेंट में इस फ़ंड ने हाल के महीनों में अपने जैसे दूसरे ज़्यादातर फ़ंड्स से बेहतर प्रदर्शन किया है.
1. सावधानी के दौर में समझदारी से निवेश
ऐसे साल में, जब कई मिड और स्मॉल-कैप के फ़ंड मैनेजर सतर्क हो गए, भोले ने ‘महंगे मार्केट’ वाली सोच को अपनाने से इनकार किया.
वे कहते हैं, “तमाम लोगों के बाज़ार को महंगा बताने के बावजूद, हमने कोई बड़ी कैश कॉल नहीं ली.”
भले ही, फ़ंड के पास पहले कुछ कैश था, लेकिन जैसे ही मौक़े मिले, भोले ने उसे सोचे-समझे तरीक़े से लगाया और उनके ये दांव सही साब़ित हुए. दूसरे फ़ंड इंतज़ार करते रह गए, लेकिन कोटक मिडकैप लगभग पूरी तरह निवेश में बना रहा, जिससे उसके लिए मौक़े गंवाने के बजाय तेज़ी का फ़ायदा उठाना संभव हुआ.
2. समय पर सेक्टर बदलना
2024 के आम चुनावों के ठीक बाद ये टर्निंग पॉइंट आया.
जून और जुलाई 2024 के बीच, पावर, डिफ़ेंस और कैपिटल गुड्स सेक्टर बाज़ार में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय थे और कोटक मिडकैप का इनमें 30-32% एक्सपोज़र था. लेकिन भोले ने देर नहीं की. उन्होंने वैल्यू रिसर्च को बताया, “हमने काफ़ी तेज़ी से हिस्सेदारी घटाते हुए, निवेश को क़रीब 16-17% तक कम कर दिया.”
ऐसे समय में जब कई फ़ंड इन सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे थे, भोले मुनाफ़ावसूली कर रहे थे और ये ठीक ही रहा. आने वाले महीनों में इनमें से कई शेयरों में भारी गिरावट आई.
3. मिड-कैप IT और हॉस्पिटल में अलग सोच का दांव
पूंजी कहां लगाई? 2024 के बीच में, जहां बहुत कम लोग IT मिड-कैप और हॉस्पिटल में निवेश की सोच रहे थे. भोले ने कैपिटल को इन कमज़ोर रहे हिस्सों में लगाया. सीधे शब्दों में, पावर, डिफ़ेंस और कैपिटल गुड्स से गिरावट से पहले निकलकर और IT व हॉस्पिटल में जाने से, फ़ंड ने न सिर्फ़ नुक़सान से बचाव किया बल्कि आगे आई तेज़ी में भी भागीदारी की. ये एक दुर्लभ दोहरी जीत थी.
हाल के पोर्टफ़ोलियो के अनुसार, फ़ंड ने लगभग 19% एसेट टेक्नोलॉजी शेयरों में लगाए हैं (औसत मिड-कैप फ़ंड एक्सपोज़र 11.56% है) और क़रीब 11% हेल्थकेयर में.
4. ख़ास स्टॉक्स के चयन से अतिरिक्त फ़ायदा
इसमें सेक्टोरल रोटेशन ज़रूरी होने के साथ-साथ स्टॉक चयन ने भी अहम योगदान दिया.
भोले ने कहा, “इसके अलावा, 3-4 ऐसे व्यक्तिगत स्टॉक के फ़ैसले थे जो हमारे लिए अच्छे निकले.”
उन्होंने नाम तो नहीं बताए, लेकिन जून के पोर्टफ़ोलियो के हमारे एनालेसिस से साफ़ है कि फ़ोर्टिस हेल्थकेयर (पिछले 12 महीनों में 81% ग्रोथ), JK सीमेंट (59% ऊपर), भारती हेक्साकॉम (55%), कोरोमंडल इंटरनेशनल (50%), मैक्स हेल्थकेयर (48%) और डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ (43%) ने मज़बूती दिखाई है.
आख़िरी बात
कोटक मिडकैप का लगभग 55% एक्सपोज़र मिड-कैप में है. भोले के हिसाब से कंपनी के प्रमोटर या मैनेजमेंट की क्वालिटी पर बहुत ज़्यादा ज़ोर दिया गया है. उनका मानना है, “अंतर लाने वाली चीज़ है मैनेजमेंट की स्ट्रैटेजी और उसका एक्ज़ीक्यूशन.”
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