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म्यूचुअल फ़ंड्स ने इन 5 स्मॉल-कैप स्टॉक्स में की सबसे ज़्यादा ख़रीदारी

आइए जानते हैं, इस जुलाई में किन स्मॉल कैप्स में संस्थागत निवेश में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली?

जुलाई 2025 में म्यूचुअल फ़ंड्स द्वारा सबसे ज़्यादा खरीदे जाने वाले 5 स्मॉल-कैप स्टॉकAman Singhal/AI-Generated Image

सारांश: जुलाई में म्यूचुअल फ़ंड्स ने चुपचाप कुछ चुनिंदा स्मॉल-कैप स्टॉक्स में अपना निवेश बढ़ाया है. कुछ में तो 9 प्रतिशत से ज़्यादा की नई ख़रीदारी देखी गई है. मुंबई की एक रियल एस्टेट कंपनी से लेकर लग्ज़री वाच रिटेलर और वैश्विक स्तर की महत्वाकांक्षा वाली टायर रिसाइकलर तक, ये नाम अलग-अलग सेक्टरों से हैं लेकिन एक बात कॉमन है: बढ़ता संस्थागत भरोसा. क्या आप जानना चाहते हैं कि इस लिस्ट में कौन-सी पांच कंपनियां शामिल हैं और फ़ंड मैनेजर इन पर क्यों दांव लगा रहे हैं? आगे पढ़िए और जानिए.

म्यूचुअल फ़ंड्स इस जुलाई में स्मॉल-कैप स्पेस में एक्टिव बायर्स रहे और चुनिंदा स्टॉक्स में संस्थागत होल्डिंग्स में ख़ासी बढ़ोतरी देखी गई. रियल एस्टेट डेवलपर्स से लेकर ख़ास फाइनेंशियल्स, लग्ज़री रिटेल से टायर रिसाइकलर्स तक, फ़ंड मैनेजर्स की दिलचस्पी अलग-अलग सेक्टरों में देखने को मिली.

चलिए, उन पांच स्मॉल-कैप स्टॉक्स पर नज़र डालते हैं जिनमें जुलाई महीने में म्यूचुअल फ़ंड ओनरशिप में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी हुई और उनके पीछे की स्टोरी कि वे क्यों ध्यान आकर्षित कर रहे हैं.

कंपनी स्टॉक रेटिंग म्यूचुअल फ़ंड स्टेक (जुलाई 2025) म्यूचुअल फ़ंड स्टेक (जून 2025) बदलाव (%)
Marathon Nextgen Realty ★★★★ 10.66% 1.57% 9.09
India Shelter Finance Corporation ★★★★ 14.97% 10.97% 4
Ethos ★★★ 16.23% 13.14% 3.1
Tinna Rubber and Infrastructure ★★★ 5.64% 3.02% 2.61
ICRA ★★★★★ 19.63% 17.34% 2.3

मैराथन नेक्स्टजेन रियल्टी

Marathon Nextgen Realty मुंबई की एक रियल एस्टेट डेवलपर है, जो 1969 से परिचालन में है. इसका डाइवर्सिफ़ाइड पोर्टफ़ोलियो अफोर्डेबल हाउसिंग, लग्ज़री रेजिडेंस, कमर्शियल स्पेस और टाउनशिप्स तक फैला है. कंपनी  पनवेल, भांडुप, डोंबिवली, बायकुला और लोअर परेल जैसे एमएमआर (मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन) के प्रमुख माइक्रो-मार्केट्स में काम कर रही है.

100 से ज़्यादा प्रोजेक्ट्स पूरे करने और 418 एकड़ लैंड बैंक के साथ, ये मर्जर के बाद ग्रोथ अनलॉक करने के लिए विस्तार कर रही है. कंपनी का गवर्नेंस मज़बूत है और उसे ₹900 करोड़ के QIP (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) फ़ंडिंग का समर्थन हासिल है.

P/E 5 साल की रेवेन्यू ग्रोथ 5 साल में नेट प्रॉफ़िट में ग्रोथ इक्विटी पर रिटर्न लगाई गई पूंजी पर रिटर्न
19.3 18.48% 48.81% 15.94% 16.44%

इंडिया शेल्टर फ़ाइनांस कॉर्पोरेशन

India Shelter Finance Corporation उन परिवारों को लोन देती है जिनकी बड़े बैंक अक्सर अनदेखी कर देते हैं. इनमें टियर 2 और 3 शहरों के सेल्फ-एम्प्लॉयड, मिडल-इनकम बॉरोअर्स आते हैं. इसका एवरेज लोन साइज़ सिर्फ़ ₹11 लाख है, जो ज़्यादातर घर बनाने या ख़रीदने के लिए दिए गए हैं.

15 राज्यों में 230 से ज़्यादा ब्रांचेस के साथ, मज़बूत अंडरराइटिंग और टेक आधारित प्रोसेस से कंपनी ग्रोथ कर रही है और एसेट क्वालिटी को कंट्रोल में रख रही है.

P/E 3 साल की रेवेन्यू ग्रोथ 3 साल में नेट प्रॉफ़िट में ग्रोथ इक्विटी पर रिटर्न लगाई गई पूंजी पर रिटर्न
23.4 37.54% 43.29% 14.12% 4.91%

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एथोस

Ethos भारत की सबसे बड़ी लग्ज़री घड़ी रिटेलर है, जो 60 से ज़्यादा स्टोर्स के ज़रिये रोलेक्स, ओमेगा और टिसॉट जैसे ब्रांड्स ऑफर करती है. ये अमीर ख़रीदारों और वाच कलेक्टर्स की बढ़ती डिमांड को पूरा करती है, साथ ही प्री-ओन्ड टाइमपीस भी बेचती है.

ऑनलाइन सेल्स में बढ़ोतरी, हाई-मार्जिन प्रोडक्ट मिक्स और प्रीमियमाइजेशन में बढ़ोतरी के साथ, कंपनी अच्छी रफ्तार से चल रही है. FY24 में इसने ₹889 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, जो सालाना आधार पर 22 प्रतिशत ज़्यादा था.

P/E 5 साल की रेवेन्यू ग्रोथ 5 साल में नेट प्रॉफ़िट में ग्रोथ इक्विटी पर रिटर्न लगाई गई पूंजी पर रिटर्न
71.4 22.28% 110.24% 10.99% 17.43%

टिन्ना रबर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर

Tinna Rubber and Infrastructure भारत की सबसे बड़ी एंड-ऑफ-लाइफ़ टायर्स रिसाइकलर्स में से एक है, जो वेस्ट को रोड्स, स्टील, कंज्यूमर गुड्स और इंडस्ट्रियल यूज के प्रोडक्ट्स में कन्वर्ट करती है. फ़ाइनेंशियल ईयर 25 में कंपनी ने 1.85 लाख टन टायर्स प्रोसेस करते हुए, 39 प्रतिशत ग्रोथ के साथ ₹500 करोड़ का रेवेन्यू क्रॉस किया.

वराले और ओमान में नए प्लांट्स के बेहतरीन परिचालन और सऊदी अरब व साउथ अफ्रीका में एक्सपैंशन प्लान्स के साथ, टिन्ना बड़े स्केल रिसाइक्लिंग से ग्रोथ हासिल कर रही है.

P/E 5 साल की रेवेन्यू ग्रोथ 5 साल में नेट प्रॉफ़िट में ग्रोथ इक्विटी पर रिटर्न लगाई गई पूंजी पर रिटर्न
33.5 35.89% 50.39% 36.02% 32.83%

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ICRA

मूडीज़ की एफिलेट कंपनी ICRA, भारत की टॉप क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से एक है, जो रेटिंग्स, रिसर्च, रिस्क एनालिटिक्स और ESG (एनवायरनमेंटल, सोशल एंड गवर्नेंस) असेसमेंट्स ऑफर करती है. फ़ाइनेंशियल ईयर 25 में कंपनी ने ₹498 करोड़ का रेवेन्यू और 12.5 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ ₹171 करोड़ का नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया,

2,600 से ज्यादा लाइव रेटिंग्स, 600 से ज्यादा रिसर्च रिपोर्ट्स और ESG व रिस्क सॉल्यूशंस में नए वेंचर्स के साथ, ICRA भरोसेमंद फ़ाइनेंशियल इनसाइट्स प्रोवाइडर के रूप में अपनी पोजिशन मज़बूत कर रही है.

P/E 5 साल की रेवेन्यू ग्रोथ 5 साल में नेट प्रॉफ़िट में ग्रोथ इक्विटी पर रिटर्न लगाई गई पूंजी पर रिटर्न
34.2 10.11% 13.80% 15.82% 21.81%

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