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सारांशः BSE सेंसेक्स में 4.5% की ग्रोथ के बावजूद, अक्टूबर में इक्विटी निवेश घटकर ₹24,690 करोड़ रह गया, जिससे हालिया मुनाफ़ावसूली का संकेत मिलता है. वहीं SIP योगदान ₹29,529 करोड़ के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा. हाइब्रिड और गोल्ड ETF ने कुल निवेश में संतुलन बनाए रखा.
अक्टूबर 2025 में म्यूचुअल फ़ंड निवेश की रफ़्तार थोड़ी धीमी रही, इसी दौरान इक्विटी मार्केट लगभग 4.5% तक चढ़ा. जिससे पता चलता है कि कुछ निवेशकों ने हालिया बढ़त के बाद मुनाफ़ा बुक किया है.
इक्विटी स्कीम में लगातार चौथे महीने निवेश में कमी देखी गई, जबकि हाइब्रिड फ़ंड ने रिकवरी के संकेत दिए.
AMFI (एसोसिएशन ऑफ़ म्यूचुअल फ़ंड्स इन इंडिया) के आंकड़ों के मुताबिक़, अक्टूबर में इक्विटी आधारित स्कीम में नेट इनफ़्लो ₹24,690 करोड़ रहा, जो सितंबर के ₹30,421 करोड़ से कम है. हालांकि SIP योगदान बढ़कर ₹29,529 करोड़ के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा. जो दिखाता है कि निवेशक एकमुश्त निवेश की बजाय नियमित निवेश (SIP) निवेश पर भरोसा कर रहे हैं.
गिरावट के बावजूद, अक्टूबर, मार्च 2021 के बाद से 2021 से पॉज़िटिव इक्विटी फ़्लो लगातार 56वां महीना रहा, जो लॉन्ग-टर्म बचत के का मज़बूत साधन के रूप में म्यूचुअल फ़ंड के प्रति निवेशकों की निरंतर प्राथमिकता को दर्शाता है.
किस फ़ंड कैटेगरी में सबसे ज़्यादा निवेश हुआ?
इक्विटी फ़ंड में, फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड ₹8,928 करोड़ नेट इनफ़्लो के साथ सबसे टॉप पर रहे. इसके बाद मिड-कैप फ़ंड (₹3,807 करोड़) और स्मॉल-कैप फ़ंड (₹3,476 करोड़) स्कीमें रही. अक्टूबर में सेक्टोरल और थीमैटिक फ़ंड में ₹1,366 करोड़ और मल्टी-कैप फ़ंड में लगभग ₹2,500 करोड़ का निवेश हुआ.
जहां इक्विटी फ़ंड में रिटर्न सीमित रहे, वहीं हाइब्रिड फ़ंड में तेज़ी दिखी. अक्टूबर में नेट इनफ़्लो ₹14,156 करोड़ रहा, जो सितंबर के ₹9,397 करोड़ से ज़्यादा है. इसमें मल्टी-एसेट और आर्बिट्राज स्ट्रैटेजी का बड़ा योगदान रहा. बैलेंस्ड एडवांटेज फ़ंड भी स्थिर रहे, जो दिखाता है कि निवेशक हाइब्रिड फ़ंड को इक्विटी उत्साह और रिस्क मैनेजमेंट के बीच एक संतुलन मानते हैं.
डेट और गोल्ड ETF में रुझान
डेट फ़ंड ने भी मज़बूत वापसी की. अक्टूबर में ₹1.59 लाख करोड़ के नेट इनफ़्लो दर्ज हुए, जिससे सितंबर की भारी बिक़वाली की भरपाई हुई. लिक्विड और ओवरनाइट फ़ंड ने इस रिकवरी को आगे बढ़ाया, जिससे तिमाही के अंत में निकासी के बाद संस्थागत फ़ंड्स की साइक्लिकल वापसी का संकेत मिला.
इस बीच, गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड्स (ETF) में मामूली गिरावट देखी गई, अक्टूबर में नेट इनफ़्लो ₹7,743 करोड़ रहा, जबकि सितंबर में ये ₹8,363 करोड़ था. दूसरी ओर, सिल्वर ETF में ₹3,412 करोड़ का नेट इनफ़्लो दर्ज हुआ. ये ऐसे समय में हुआ जब गोल्ड और सिल्वर दोनों फ़ंड ने पिछले महीने लगभग 4.5% रिटर्न दिए.
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