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सारांशः एक ऐसे सेगमेंट में जहां लंबे समय से खड़े दिग्गज फ़ंड्स का दबदबा रहा है, वहां एक नया फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड चुपचाप से आउटपरफ़ॉर्मर बनकर सामने आया है. लेकिन असल कहानी सिर्फ़ रिटर्न नहीं है; ये आक्रामकता और धैर्य का वो संतुलन है जिसने अब तक इसका रास्ता तय किया है. इसके साथ इसके हाई-कन्विक्शन वाले स्टॉक चुनने का नज़रिया जोड़ दें, तो समझ आता है कि ये फ़ंड क्यों चर्चा में है.
13 नवंबर को हेलिओस फ़्लेक्सी कैप ने चुपचाप अपने दो साल पूरे किए. इतने नए फ़ंड के लिए इसका रिपोर्ट-कार्ड काफ़ी शानदार है. असल में, इसका दूसरा साल पहले साल से भी बेहतर था.
पहले साल में फ़ंड ने 35.1 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया, जो इसके बेंचमार्क BSE 500 TRI के 26.4 प्रतिशत रिटर्न से ऊपर था. ये 33 प्रतिशत का आउटपरफ़ॉर्मेंस है.
इसका दूसरा साल बहुत ज़्यादा मुश्किल मार्केट में आया, जो फ्लैट, उतार-चढ़ाव वाला और एकतरफ़ा रहा. फिर भी हेलिओस फ़्लेक्सी कैप ने 15.2 प्रतिशत रिटर्न दिया, जबकि बेंचमार्क ने 9.3 प्रतिशत रिटर्न दिया. ये 53 प्रतिशत का आउटपरफ़ॉर्मेंस है, जो पहले साल से भी ज़्यादा मज़बूत है.
असल में, पिछले 12 महीनों में ये सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड रहा है, जिसने कैटेगरी औसत से तीन गुना रिटर्न दिया (15.2 प्रतिशत बनाम 4.7 प्रतिशत). कोई हैरानी नहीं कि निवेशक इस फ़ंड में पैसा डाल रहे हैं और इसका कॉर्पस (नेट एसेट) पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना हो गया है.
दो साल का स्कोरकार्ड
| फ़ंड / बेंचमार्क | दो साल का सालाना रिटर्न |
|---|---|
| हेलिओस फ़्लेक्सी कैप (Direct) | 24.20% |
| फ़्लेक्सी-कैप कैटेगरी औसत | 14.80% |
| BSE 500 TRI | 17.50% |
हालांकि, ये सच है कि दो साल के आंकड़े किसी फ़ंड को आंकने के लिए काफ़ी नहीं हैं, लेकिन इस फ़ंड ने शुरुआत में ही तेज़ दौड़ दिखाई है.
हेलिओस पर सबकी नज़र क्यों है?
हेलिओस की फ़्लेक्सी-कैप स्कीम 2023 में बड़ी धूमधाम से लॉन्च हुई. क्योंकि ये हेलिओस कैपिटल के फ़ाउंडर समीर अरोड़ा की वापसी थी - जो भारतीय फ़ंड मैनेजमेंट की दुनिया में एक जाना-माना नाम हैं. 1990 के दशक और 2000 के दशक की शुरुआत में उनके अलायंस कैपिटल वाले नतीजे आज भी बाज़ार में मशहूर है.
समीर अरोड़ा का अलायंस में ऐतिहासिक प्रदर्शन
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फ़ंड
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कार्यकाल | फ़ंड का रिटर्न (%) | S&P BSE Sensex (%) |
|---|---|---|---|
| अलायंस टैक्स रिलीफ़ ’96 | अप्रैल 1996 – अगस्त 2003 | 37.68 | 1.27 |
| अलायंस ’95 | फ़रवरी 1995 – अगस्त 2003 | 23.36 | 0.71 |
| अलायंस इक्विटी | सितंबर 1998 – अगस्त 2003 | 27.55 | 5.23 |
| सिर्फ़ चार साल से ज़्यादा समय से मैनेज किए गए फ़ंड शामिल हैं | |||
अरोड़ा के रिकॉर्ड को देखते हुए हेलिओस फ़्लेक्सी कैप से उम्मीदें बहुत ज़्यादा थीं. और अब तक इसने निराश नहीं किया है.
तो, पिछले दो सालों में इस फ़ंड को लगातार बढ़त दिलाने में किन चीज़ों ने मदद की? आइए कुछ संभावित कारणों पर नज़र डालते हैं.
1. मिड और स्मॉल कैप में ज़्यादा एक्सपोज़र
एक समय जब एवरेज फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड अपनी लगभग 60 प्रतिशत रक़म लार्ज-कैप स्टॉक्स में लगाता है, हेलिओस का फ़्लेक्सी-कैप इससे काफ़ी कम और 50 फ़ीसदी से थोड़ा ज़्यादा पर है. ज़ाहिर है, इससे इसे मिड और स्मॉल-कैप कंपनियों में ज़्यादा एक्सपोज़र मिलता है.
पिछले 12 महीनों इन लोअर-कैप सेगमेंट के लिए कुछ ख़ास नहीं रहे हैं, लेकिन उससे पहले का साल इनके लिए काफ़ी मज़बूत था और वही ताक़त दो साल के आंकड़ों में अब भी नज़र आती है.
इस तरह देखिए. पिछले दो सालों में मिड और स्मॉल कैप ने अपनी स्थिति मज़बूती से बनाए रखी है. स्मॉल-कैप इंडेक्स ने 15.9 प्रतिशत रिटर्न दिया, जो लार्ज-कैप (निफ़्टी 50 TRI: 16.2 प्रतिशत) के लगभग बराबर है. वहीं मिड-कैप ने इससे भी बेहतर करते हुए 21 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया और लार्ज-कैप यूनिवर्स को काफ़ी पीछे छोड़ा.
ये आंकड़े बताते हैं कि मिड और स्मॉल कैप की ओर हेलिओस के औसत से ज़्यादा झुकाव ने उसके मज़बूत प्रदर्शन को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.
2. पूरी तरह निवेशित रहना, कैश कम रखना
मान लीजिए आप किसी म्यूचुअल फ़ंड में ₹100 निवेश करते हैं. स्कीम को पूरी रक़म तुरंत निवेश नहीं करनी होती. वह इसका एक हिस्सा कैश में रख सकता है, ताकि बेहतर मौक़े पर ख़रीदारी की जा सके.
उदाहरण के लिए, दो सबसे बड़े फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड - पराग पारिख़ फ़्लेक्सी कैप और HDFC फ़्लेक्सी कैप - अभी अपने निवेशकों की 21.5 प्रतिशत और 10.3 प्रतिशत रकम कैश में रखे हुए हैं. दरअसल, कैटेगरी में औसत कैश होल्डिंग 4.4 प्रतिशत है. सरल शब्दों में, हर ₹100 में से फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड लगभग ₹4.4 को खाली (idle) रख रहे हैं (31 अक्तूबर 2025 के अनुसार).
हालांकि, हेलिओस का तरीक़ा बिल्कुल अलग है. शुरुआत से ही इसने कैश होल्डिंग बेहद कम रखी है और अभी ये सिर्फ़ 0.7 प्रतिशत कैश रखता है. इसका मतलब है कि लगभग पूरा कॉर्पस एक्टिवली स्टॉक्स में लगा हुआ है. असल में, कैश से ज़्यादा रिटर्न नहीं मिलता, इसलिए हेलिओस की कम कैश पोज़िशन और मज़बूत स्टॉक सलेक्शन ने शायद इसे अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स के मुक़ाबले बढ़त दिलाई है.
3. साहसिक और अलग तरह के स्टॉक का चयन
अब ज़रा देखें कि हेलिओस वास्तव में अपने दांव कहां लगा रहा है.
31 अक्तूबर 2025 तक, फ़ंड के पास 13 ऐसे स्टॉक हैं जो तीन से कम फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स में दिखाई देते हैं. यानी लगभग 12.2 प्रतिशत पैसा ऐसे स्टॉक्स में लगा है जो या तो सिर्फ़ हेलिओस के पास हैं या एक-दो और फ़ंड्स के पास हैं.
स्टॉक जो सिर्फ़ हेलिओस फ़्लेक्सी कैप के पास मौजूद हैं
सिर्फ़ हेलिओस के मौजूदा स्टॉक
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स्टॉक
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वेट | होल्डिंग समय | रिटर्न |
|---|---|---|---|
| ABB India | ~1.00% | 28/02/2025 | -13.60% |
| ITC Hotels | ~0.66% | 31/03/2025 | 26.40% |
| Jain Resource Recycling | ~1.20% | 30/09/2025 | 98.10% |
| Ola Electric Mobility | ~1.19% | 31/07/2024 | -2% |
| Saregama India | ~0.49% | 31/05/2024 | -7.90% |
हेलिओस और 1 अन्य फ़्लेक्सी फ़ंड के पास शेयर
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स्टॉक
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वेट | होल्डिंग समय |
|---|---|---|
| Adani Energy Solutions | ~1.04% | 31/08/2024 |
| Oswal Pumps | ~0.75% | 31/07/2025 |
| Honeywell Automation | ~0.65% | 31/01/2024 |
| India Shelter Finance | ~0.34% | 31/07/2025 |
हेलिओस और 2 अन्य फ़्लेक्सी फ़ंड के पास शेयर
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स्टॉक
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वेट | होल्डिंग समय |
|---|---|---|
| Delhivery | ~1.82% | 31/05/2025 |
| Indian Oil Corporation | ~1.32% | नया निवेश |
| NBCC (India) | ~1.23% | 30/04/2024 |
| Aadhar Housing Finance | ~0.55% | 31/07/2025 |
4. कम टर्नओवर + पक्के इरादे
हेलिओस की फ़्लेक्सी-कैप स्कीम का एक सबसे दिलचस्प पहलू इसका कम टर्नओवर रेशियो है - जो ये संकेत देता है कि फ़ंड लगातार ख़रीद-बिक्री करने के बजाय भरोसे और धैर्य पर ज़ोर देता है.
पोर्टफ़ोलियो में मौजूद 67 स्टॉक्स में से 33 - यानी लगभग आधे - पिछले 12 महीनों से लगातार पोर्टफ़ोलियो का हिस्सा रहे हैं. ये छोटे दांव नहीं हैं. ये 33 स्टॉक मिलकर पूरे पोर्टफ़ोलियो का 57.39 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं. ये बड़ा कोर ऐलोकेशन है, जो बार-बार बदलाव करने के बजाय पक्के इरादे और धैर्य पर आधारित स्ट्रैटेजी को दिखाता है.
अगर गहराई में जाएं तो कहानी और दिलचस्प हो जाती है.
हेलिओस के पास 18 ऐसे स्टॉक हैं जो 30 नवंबर 2023 से 31 अक्तूबर 2025 तक बिना किसी ब्रेक के पोर्टफ़ोलियो में बने रहे. ये लंबे समय के “एवरग्रीन” स्टॉक अब पूरे पोर्टफ़ोलियो के 37.57 प्रतिशत हिस्से पर बैठे हैं.
और इनके नतीजे इस धैर्य को सही साबित करते हैं. इन 18 में से 14 स्टॉक्स ने निफ़्टी 500 TRI को पछाड़ा है, जिसने इस अवधि में 16.5 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया.
सदाबहार होल्डिंग्स
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स्टॉक
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वेट | रिटर्न (%) |
|---|---|---|
| HDFC Bank | 5.32% | 13% |
| ICICI Bank | 4.11% | 21.50% |
| Adani Ports | 3.94% | 35.20% |
| Eternal | 3.83% | 61.70% |
| One 97 Communications | 3.20% | 22.10% |
| Bharat Electronics | 2.53% | 71.30% |
| State Bank of India | 2.02% | 31.80% |
| Motilal Oswal Financial Services | 1.77% | 81.50% |
| Fortis Healthcare | 1.49% | 56.20% |
| Varun Beverages | 1.43% | 1.74% |
| 360 One WAM | 1.33% | 38% |
| Shriram Finance | 1.21% | 43.70% |
| NTPC | 1.11% | 12.30% |
| Lemon Tree Hotels | 1.09% | 16.80% |
| Apollo Hospitals | 1.09% | 15.80% |
| Phoenix Mills | 0.89% | 20.90% |
| Cholamandalam Investment | 0.76% | 40.40% |
| GlaxoSmithKline Pharma | 0.45% | 23% |
| रिटर्न: 30 नवंबर 2023 से 18 नवंबर 2025 तक. हम मानकर चल रहे हैं कि ये 18 स्टॉक अभी भी नवंबर पोर्टफ़ोलियो में मौजूद हैं. | ||
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बाई-एंड-होल्ड स्ट्रैटेजी कोई संयोग नहीं है
दरअसल, बाय-एंड-होल्ड रणनीति यूं ही नहीं हैं. भारत के दो सबसे सफ़ल फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड पराग पारिख़ फ़्लेक्सी कैप और HDFC फ़्लेक्सी कैप भी इसी फ़िलॉसफ़ी पर बने हैं. ये दोनों फ़ंड लंबे समय में बेहतरीन प्रदर्शन इसलिए कर पाए क्योंकि इन्होंने हाई क्वालिटी वाली कंपनियां ख़रीदीं और उन्हें साइकिल के दौरान बस होल्ड करके रखा - शॉर्ट-टर्म शोर पर प्रतिक्रिया देने के बजाय लॉन्ग-टर्म परफ़ॉर्मेंस दिया है.
हेलिओस भी यही प्लेबुक अपनाता दिख रहा है: मज़बूत कोर बनाएं, विनर्स को होल्ड करें, सिर्फ़ ज़रूरत पड़ने पर मामूली निवेश घटाएं और लॉन्ग-टर्म की कंपाउंडिंग को काम करने दें.
आख़िरी बात
इस बात को दोहराना ज़रूरी है: सिर्फ़ दो साल किसी भी म्यूचुअल फ़ंड को जज करने के लिए काफ़ी नहीं है. कम-से-कम तीन साल का ट्रैक रिकॉर्ड ज़रूरी है. लेकिन हेलिओस फ़्लेक्सी कैप की शुरुआत निस्संदेह मज़बूत रही है.
अब असली सवाल ये है: क्या ये तीसरे साल विनर बन पाएगा? इसका जवाब जल्द मिलेगा. लगभग 11 महीनों में इस फ़ंड को अपनी पहली वैल्यू रिसर्च स्टार रेटिंग मिलेगी और ये देखने लायक़ माइलस्टोन होगा.
जानना चाहते हैं कि इस समय कौन-से फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड 4 या 5 स्टार रेटिंग के साथ मौजूद हैं?
हमारे म्यूचुअल फ़ंड मॉनिटर पेज पर जाइए, जो ये देखने का सबसे आसान तरीक़ा है कि हर फ़ंड कैसा चल रहा है. वहां आपको हमारी लेटेस्ट स्टार रेटिंग्स, रिस्क ग्रेड, परफ़ॉर्मेंस ट्रेंड और सही स्कीम को शॉर्टलिस्ट करने के लिए सभी ज़रूरी नंबर मिलेंगे.
लेकिन याद रखिए - वैल्यू रिसर्च रेटिंग एक शुरुआत हैं, ख़रीदने-बेचने की सलाह नहीं. ये बस आपको लगातार मज़बूत फ़ंड्स को कमज़ोर फ़ंड्स से अलग करने में मदद करती हैं, लेकिन आखिरी फ़ैसला हमेशा आपको एसेट एलोकेशन, फ़ंड मैनेजर की शैली और लॉन्ग-टर्म के रिकॉर्ड को देखकर लेना चाहिए.
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