फंड वायर

सबसे मज़बूत फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड, जो हर बड़े मार्केट क्रैश में टिका रहता है

हमने 10 साल के डेटा में गहराई से जाकर जवाब खोजा

हमने 10 साल के डेटा में गहराई से जाकर जवाब खोजाAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः हर किसी को लगता है कि जवाब पहले से ही स्पष्ट है-पराग पारिख फ़्लेक्सी कैप फ़ंड, जिसे फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स में निर्विवाद चैंपियन माना जाता है. लेकिन जब बाज़ार बिखरने लगता है, तब क्या ये बढ़त उतनी ही मज़बूत रहती है? या फिर डर के माहौल में कोई दूसरा फ़ंड चुपचाप इसे चुनौती देता है? यही जानने के लिए हमने पिछले 10 वर्षों के दौरान मार्केट में आई हर बड़ी गिरावट का डेटा खंगाला.

अनुभवी म्यूचुअल फ़ंड निवेशक शायद सोचते हों कि उन्हें पहले से पता है कि नतीजा क्या होगा.

फ़्लेक्सी-कैप कैटेगरी में अक्सर ऐसा लगता है कि सब कुछ Parag Parikh Flexi Cap Fund से ही शुरू होकर उसी पर खत्म हो जाता है.

आप इसे टेनिस के उदाहरण से भी समझ सकते हैं - पराग पारिख इस कैटेगरी का Carlos Alcaraz और Jannik Sinner जैसा है. सबसे ऊपर पराग पारिख, फिर लंबा अंतर, और उसके बाद बाक़ी फ़ंड्स.

लेकिन क्या कोई और फ़ंड ऐसा है जो मुश्किल हालात में इस दिग्गज को असल टक्कर देता है? इसका जवाब पाने के लिए हमने पिछले 10 साल में उन सभी दौर का एनालिसिस किया जब मार्केट (Nifty 500 TRI) 15% से ज़्यादा टूटा था.

आइए हर क्रैश पर एक-एक करके ग़ौर करते हैं.

1. मार्च 2015 से फ़रवरी 2016 - जब Nifty 500 TRI लगभग 20% गिरा

मार्केट में गिरावट: –19.4%

सबसे स्थिर फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड्स:

पहली बड़ी गिरावट में ही पराग पारिख ने अपनी वो ख़ासियत साबित कर दी, जिसके लिए उसे जाना जाता है, वो है-मार्केट से कहीं कम गिरावट.

2. अगस्त 2018 से अक्तूबर 2018

मार्केट में गिरावट: –15.6%

टॉप परफॉर्मर्स:

अलग गिरावट, पैटर्न वही. पराग पारिख फिर सबसे मज़बूत.

3. जनवरी 2020 से मार्च 2020 (कोविड क्रैश)

मार्केट में गिरावट: –29%

पांच सबसे स्थिर फ़ंड्स:

इस बार एक्सिस आगे निकल गया, लेकिन पराग पारिख ने अपने ग्लोबल एलोकेशन की वजह से मज़बूती बनाए रखी.

4. अक्तूबर 2021 से जून 2022

मार्केट में गिरावट: –16.9%

बेस्ट परफ़ॉर्मर:

इस बार HDFC ने सबसे बेहतर प्रदर्शन दिखाया.

5. सितंबर 2024 से फ़रवरी 2025

मार्केट गिरावट: –18.6%

सबसे कम गिरने वाले फ़ंड्स:

एक बार फिर पुराना नतीजा-पराग पारिख ने 18.6% की गिरावट में सिर्फ़ 6.3% का नुक़सान झेला.

पैटर्न क्या बताते हैं?

कुछ बातों की तस्वीर बेहद साफ़ है:

  • Parag Parikh Flexi Cap चार बार इस क्रैश-प्रूफ़ लिस्ट में दिखता है
    और पांच में से तीन गिरावटों में सबसे स्थिर फ़ंड रहा.
  • HDFC Flexi Cap तीन बार लिस्ट में शामिल है और एक बार टॉप पर रहा.
  • SBI और Tata Flexi Cap दो-दो बार आए, जबकि बाकी फ़ंड्स आते-जाते रहे.

इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है. डेटा वही साबित करता है जो निवेशक सालों से महसूस करते आ रहे हैं. इस तरह Parag Parikh Flexi Cap मार्केट की गिरावटों में सबसे निरंतर, सबसे भरोसेमंद फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड है.

और इसका सबसे नज़दीकी चैलेंजर HDFC Flexi Cap है.

इसीलिए ये दोनों भारत के सबसे बड़े एक्टिव इक्विटी फ़ंड्स हैं और कुल मिलाकर ₹2.1 लाख करोड़ का प्रबंधन करते हैं.

तो फिर किस फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड में निवेश करें?

यही हिस्सा मुश्किल होता है. हर गिरावट एक जैसी नहीं होती. हर फ़ंड मैनेजर हमेशा समान प्रदर्शन नहीं करता. और हर निवेशक का जोखिम-स्तर भी अलग होता है.

अगर आप एक ऐसी शॉर्टलिस्ट चाहते हैं जो डेटा, लंबे समय के ट्रैक रिकॉर्ड, जोखिम से जुड़े व्यवहार और स्थिरता पर आधारित हो-तो अंदाज़ा लगाने की जरूरत नहीं.

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र ये पूरी रिसर्च आपके लिए करता है. ये बताता है कि कौन सा फ़ंड आपकी लंबी अवधि की योजना में सही जगह रखता है-और कैसे एक ऐसा पोर्टफ़ोलियो बनाएं जो तेज़ी और गिरावट, दोनों साइकल्स में टिकाऊ रहे.

अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन-से फ़ंड वाक़ई आपके निवेश के सफर में जगह पाने लायक हैं, वहीं से शुरुआत करें.

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ये भी पढ़ेंः भारत के 4 सबसे भरोसेमंद फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड कौन-से हैं?

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