Aditya Roy/AI-Generated Image
सारांशः एक मिड-कैप फ़ंड के पहले तीन साल पूरे होना आमतौर पर एक सामान्य मील का पत्थर होता है. लेकिन जब ये अपनी तीसरी सालगिरह पर बिल्कुल नई पांच-स्टार वैल्यू रिसर्च रेटिंग लेकर पहुंचता है, तो इसे नज़रअंदाज़ करना मुश्किल हो जाता है. WhiteOak Capital Mid Cap ने न सिर्फ़ अपने कैटेगरी के कई बड़े फ़ंड्स को पीछे छोड़ा है, बल्कि लॉन्च से अब तक किसी भी मिड-कैप फ़ंड से ज़्यादा पॉज़िटिव हफ़्ते दिए हैं. इसके पोर्टफ़ोलियो में एक दिलचस्प पैटर्न भी दिखता है: स्मॉल-कैप का मिड-कैप में जाना, मिड-कैप का लार्ज-कैप में बदलना और हाई-कन्विक्शन स्टॉक्स का पीछे से चुपचाप कंपाउंड होना. अगर ये समझना है कि असल में कौन-से स्टॉक इस फ़ंड की रफ़्तार चला रहे हैं, तो ये स्टोरी ध्यान से पढ़नी चाहिए.
जब कोई मिड-कैप फ़ंड चुपचाप अपने पहले तीन साल पूरे करता है और सीधे 5-स्टार रेटिंग में प्रवेश कर जाता है, तो ये क़रीब से देखने लायक होता है. WhiteOak Capital Mid Cap के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ है - ये अब उन सिर्फ़ चार मिड-कैप फ़ंड्स में शामिल है जिनके पास वैल्यू रिसर्च की 5-स्टार रेटिंग है.
और भले ही हमारी रेटिंग्स एक शुरुआती संकेत हैं, कोई रेकमंडेशन नहीं, लेकिन इस फ़ंड की स्टोरी को समझना फ़ायदेमंद हो सकता है.
अपनी कैटेगरी में तीन साल के सबसे मज़बूत प्रदर्शनों में से एक
सितंबर 2022 में लॉन्च हुआ ये फ़ंड शुरू से ही एक मज़बूत परफ़ॉर्मर रहा है. अपनी तीन साल की अवधि में इसने 26.3 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया है, जो मिड-कैप कैटेगरी में दूसरा सबसे ऊंचा है. 26.9 प्रतिशत रिटर्न के साथ, Invesco India Mid Cap ही इससे थोड़ा आगे है.
इसके अलावा, इसने देश के चार सबसे बड़े मिड-कैप फ़ंड्स - HDFC Mid Cap (25.4 प्रतिशत), Kotak Midcap (20.3 प्रतिशत), Nippon India Midcap (23.7 प्रतिशत) और Motilal Oswal Midcap (25.5 प्रतिशत) - सभी से बेहतर रिटर्न दिया है.
हालांकि, सिर्फ़ मज़बूत रिटर्न किसी फ़ंड को महान नहीं बनाते. कंसिस्टेंसी यानि लगातार प्रदर्शन भी उतना ही अहम होता है और इसी मोर्चे पर फ़ंड के आंकड़े और भी दिलचस्प हो जाते हैं.
असल में, ये फ़ंड सिर्फ़ तीन साल और दो महीने पुराना है, इसलिए कंसिस्टेंसी मापने के लिए हमने 15 सितंबर 2022 से इसके 167 साप्ताहिक रिटर्न पीरियड देखे. नतीजा काफ़ी ध्यान खींचने वाला था. फ़ंड ने 110 पॉज़िटिव हफ़्ते दिए, जो देश के किसी भी अन्य मिड-कैप फ़ंड से ज़्यादा थे.
इसके मुकाबले, दूसरे टॉप-रेटेड या टॉप-परफ़ॉर्मिंग फ़ंड्स - HDFC (107), Motilal Oswal (105), Nippon India (105), Edelweiss (104) और Kotak (103) - सब पीछे रह गए.
ये भी पढ़ेंः मिड-कैप फ़ंड में कितने साल तक निवेश बनाए रखना चाहिए?
फ़ंड के लिए कौन-से कदम सही रहे?
मिड-कैप फ़ंड्स को अपनी एसेट में कम से कम 65 प्रतिशत मिड-कैप स्टॉक्स में निवेश करना होता है. बाक़ी हिस्सा लार्ज-कैप और स्मॉल-कैप में जा सकता है.
मिड-कैप कैटेगरी (अक्तूबर 2022–अक्तूबर 2025) में औसत एलोकेशन इस तरह रहा है:
- 75.3 प्रतिशत मिड-कैप
- 12.9 प्रतिशत स्मॉल-कैप
- 11.9 प्रतिशत लार्ज-कैप
WhiteOak का तरीक़ा इससे कहीं ज़्यादा स्मॉल-कैप-फ्रेंडली रहा है. इसका स्मॉल-कैप एक्सपोज़र 22.4 प्रतिशत है, जो कैटेगरी औसत से लगभग 10 प्रतिशत ज़्यादा रहा.
कुछ महीने पहले, फ़ंड हाउस के CIO रमेश मंत्री ने वैल्यू रिसर्च के साथ अपनी फ़िलॉसफ़ी साझा करते हुए कहा था: “हम स्मॉल-कैप में भी अच्छा-ख़ासा एक्सपोज़र रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि समय के साथ ये मिड-कैप में बदल जाएंगे. हमारा पोर्टफ़ोलियो मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स का मिला-जुला सेट है. यही हमारा तरीक़ा है - आज के मिड-कैप और कल के मिड-कैप (यानी आज के स्मॉल-कैप) को चुनना.”
डेटा भी यही दिखाता है. फ़ंड की 10 स्मॉल-कैप होल्डिंग्स पहले ही मिड-कैप बन चुकी हैं, जैसा नीचे देखा जा सकता है.
स्मॉल-कैप होल्डिंग्स जो मिड-कैप में बदल गईं
| कंपनी | अक्तूबर 2022 और अक्तूबर 2025 के बीच औसत नेट एसेट (%) | होल्डिंग पीरियड |
|---|---|---|
| 360 One Wam | 1.2 | अक्तूबर 2022 से |
| Ajanta Pharma | 1.1 | अक्तूबर 2022 से |
| Blue Star | 0.41 | फ़रवरी 2023 से |
| Cholamandalam Financial Holdings | 0.3 | अक्तूबर 2024 से |
| Fine Organic Industries | 0.25 | अक्तूबर 2022 से |
| Global Health | 0.74 | फ़रवरी 2023–सितंबर 2024 |
| IIFL Finance | 1.8 | अक्तूबर 2022–फ़रवरी 2024 |
| Kaynes Technology India | 1.3 | अक्तूबर 2022 से |
| Laurus Labs | 1.4 | अप्रैल 2025 से |
असल में, पोर्टफ़ोलियो की 13 मिड-कैप होल्डिंग्स आगे बढ़कर लार्ज-कैप बन चुकी हैं. इससे पता चलता है कि फ़ंड ने न सिर्फ़ उनकी क्षमता पहचानी है, बल्कि उसे पूरा होने तक पकड़े रखा.
मिड-कैप होल्डिंग्स जो लार्ज-कैप में बदल गईं
|
कंपनी
|
पहली होल्डिंग डेट | लास्ट होल्डिंग डेट | होल्डिंग पीरियड | औसत नेट एसेट (%) |
| ABB India | 31/10/2022 | 31/10/2023 | 1 साल | 0.6691 |
| CG Power and Industrial Solutions | 31/10/2022 | 31/03/2025 | 2 साल 5 महीने | 3.1096 |
| Indus Towers | 30/04/2024 | 31/12/2024 | 8 महीने | 0.7092 |
| JSW Energy | 30/04/2024 | 31/08/2024 | 4 महीने | 0.4056 |
| Lupin | 30/04/2024 | 31/10/2025 | 1 साल 6 महीने | 1.437 |
| Max Healthcare Institute | 31/01/2023 | 31/08/2025 | 2 साल 7 महीने | 2.1704 |
| Polycab India | 31/05/2023 | 31/12/2023 | 7 महीने | 1.3612 |
| Power Finance Corporation | 31/03/2023 | 31/10/2025 | 2 साल 7 महीने | 0.9415 |
| REC | 31/07/2023 | 31/10/2025 | 2 साल 3 महीने | 1.2165 |
| The Indian Hotels Company | 31/05/2023 | 30/09/2025 | 2 साल 4 महीने | 2.4436 |
| Trent | 31/10/2022 | 30/09/2025 | 2 साल 11 महीने | 1.2122 |
| Varun Beverages | 30/11/2022 | 30/09/2025 | 2 साल 10 महीने | 0.6725 |
| Zydus Lifesciences | 29/02/2024 | 31/07/2024 | 5 महीने | 0.7022 |
मिड-कैप का धीरे-धीरे लार्ज-कैप ज़ोन में जाना इस बात का संकेत है कि पोर्टफ़ोलियो स्केलेबल बिज़नेस को जल्दी पहचान लेता है और उन्हें ग्रोथ फेज़ में लगातार पकड़े रखता है.
इसके अलावा, अक्तूबर 2022 से फ़ंड की 15 लगातार होल्डिंग्स में से सबसे मज़बूत पांच रही हैं:
- Dixon Technologies – 55.5 प्रतिशत XIRR
- The Phoenix Mills – 44.8 प्रतिशत XIRR
- Persistent Systems – 40.3 प्रतिशत XIRR
- Safari Industries – 35 प्रतिशत XIRR
- 360 One Wam – 21.8 प्रतिशत XIRR
अन्य मज़बूत लॉन्ग-टर्म होल्डिंग्स:
- Fortis Healthcare – 34 महीनों में 81.9 प्रतिशत XIRR
- Power Finance Corporation – 32 महीनों में 93.2 प्रतिशत XIRR
- Muthoot Finance – 31 महीनों में 67.4 प्रतिशत XIRR
- CG Power & Industrial Solutions – 30 महीनों में 52.3 प्रतिशत XIRR
- Trent – 36 महीनों में 44.2 प्रतिशत XIRR
XIRR की बात करें तो वो असल सालाना रिटर्न बताता है जिसमें पैसा अलग-अलग समय पर लगने और निकलने का असर भी शामिल होता है. ये सरल प्वाइंट-टू-प्वाइंट रिटर्न से ज़्यादा वास्तविक निवेश अनुभव दिखाता है.
फ़ंड की हाल की पसंद भी तेज़ी से बढ़ी हैं. कम से कम 12 महीने के लिए रखे गए नौ स्टॉक्स ने 99 प्रतिशत से ज़्यादा रिटर्न दिया है, जिनमें शामिल हैं:
- IDFC First Bank – 236.6 प्रतिशत
- Kaynes Technology India – 199 प्रतिशत
- Senco Gold – 189.5 प्रतिशत
- Neuland Laboratories – 139.3 प्रतिशत
- KRN Heat Exchanger and Refrigeration – 126.6 प्रतिशत
- Vesuvius India – 103.5 प्रतिशत
- Global Health – 99.7 प्रतिशत
- Acutaas Chemicals – 99.4 प्रतिशत
इससे पता चलता है कि पोर्टफ़ोलियो सिर्फ़ पुराने विनर्स की सवारी नहीं कर रहा. इसकी हाल की स्टॉक-चॉइस भी काफ़ी मज़बूत रही हैं.
क्या आपको WhiteOak के मिड-कैप फ़ंड में निवेश करना चाहिए?
फ़ंड की नेट एसेट्स तीन साल में 434 करोड़ से बढ़कर ₹4,075 करोड़ हो गई हैं - यानी नौ गुना से ज़्यादा. इस तरह की बढ़त आमतौर पर दो वजहों से देखने को मिलती है:
- परफ़ॉर्मेंस - NAV बढ़ने से एसेट बढ़ते हैं.
- पॉपुलैरिटी - ज़्यादा निवेशक इसमें नया पैसा लगाते हैं.
लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है कि भले ही वैल्यू रिसर्च रेटिंग्स ने इसे पांच-स्टार दिए हैं, यह रेटिंग सिर्फ़ एक शुरुआती संकेत है - कोई निवेश सलाह नहीं.
ये तय करने के लिए कि ये फ़ंड - आपके रिस्क, समय और लक्ष्यों के हिसाब से - आपके लिए सही है या नहीं या कोई दूसरा मिड-कैप फ़ंड ज़्यादा उपयुक्त है, इसका सही तरीक़ा है वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र का इस्तेमाल करना. ये आपके पोर्टफ़ोलियो को पूरी तरह देखकर वही फ़ंड सुझाता है जो आपकी प्रोफ़ाइल से मेल खाते हों, न कि सिर्फ़ वे जिनका हालिया परफ़ॉर्मेंस सबसे अच्छा रहा हो.
फ़ंड एडवाइज़र को आज ही सब्सक्राइब करें
ये भी पढ़ेंः क्या इस फ़्लेक्सी-कैप फ़ंड का ज़्यादा बड़ा होना अच्छा नहीं है?
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
शिकायतों के लिए संपर्क करें: [email protected]

