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मिड-कैप फ़ंड में कितने साल तक निवेश बनाए रखना चाहिए?

जानिए, मिड-कैप फ़ंड कब “लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग” का ज़रिया बनते हैं

जानिए, मिड-कैप फ़ंड कब “लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग” का ज़रिया बनते हैंNitin Yadav/AI-Generated Image

सारांशः बीते 10 सालों में, औसत मिड-कैप फ़ंड में एक साल के निवेश के नकारात्मक होने की 25% संभावना रही है. तीन साल का समय भी रिस्क को पूरी तरह खत्म नहीं कर पाया. इसलिए हमने आंकड़ों का एनालेसिस करके वो सही समय निकाला जहां मिड-कैप फ़ंड “जुए के खेल” से बदलकर “लॉन्ग-टर्म कंपाउंडिंग” का ज़रिया बन जाते हैं. नतीजे आपके पूरे नज़रिये को बदल सकते हैं.

मिड-कैप फ़ंड हमेशा से पसंदीदा कैटेगरी रहे हैं. आज ये फ़ंड ₹4.54 लाख करोड़ से ज़्यादा का एसेट मैनेज कर रहे हैं. जो इन्हें तीसरी सबसे बड़ी इक्विटी कैटेगरी बनाता है, स्मॉल-कैप फ़ंड्स से भी बड़ी. साफ़ बात: निवेशक ग्रोथ चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा की पेटी बांधकर.

  • लेकिन असली सवाल ये है: मिड-कैप का असली फ़ायदा पाने के लिए कितना समय ज़रूरी है?
  • क्योंकि “मिड-कैप” नाम सुनकर भले थोड़ा सुरक्षित लगता हो, लेकिन डेटा बताता है कि कम समय में मिड-कैप रिस्की खेल हैं.
  • ये समझने के लिए, हमने नवंबर 2015 से नवंबर 2025 तक एक औसत मिड-कैप फ़ंड की रोलिंग रिटर्न का एनालेसिस किया.

अगर आपने एक साल के लिए निवेश किया होता

एक साल की तस्वीर शोरगुल से भरी है और ये आपके लिए सही नहीं है

  • औसत मिड-कैप फ़ंड ने 25% मौक़ों पर नेगेटिव रिटर्न दिया है. असल में, इस बात की संभावना चार में एक है कि मिड-कैप फ़ंड में एक साल का निवेश करने वाले निवेशक का निवेश कम होता गया होगा.
  • एक और भी ज़्यादा चिंताजनक आंकड़ा है: एक औसत मिड-कैप ने 10% मौक़ों पर 10% भी कम रिटर्न दिया है.
  • तेज़ रिटर्न के पीछे भागने वालों के लिए ये आंकड़े मायने रखते हैं: बीते 10 साल में एक औसत मिड-कैप ने 10 में से केवल चार बार ही 15% से ज़्यादा का रिटर्न दिया है. दूसरे शब्दों में, अगर आप किसी मिड-कैप फ़ंड को सिर्फ़ एक साल के लिए रखने की योजना बना रहे हैं, तो आपके निवेश के तेज़ी से बढ़ने की संभावना असल में 50% से कम है, यानी अगर आप 15 प्रतिशत को एक साल का "काफ़ी अच्छा" रिटर्न मानते हैं.

तो हां, मिड-कैप एक साल में तेज़ रिटर्न दे सकते हैं, पर ये ज़्यादातर किस्मत और टाइमिंग का खेल है.

अगर आपने दो साल के लिए निवेश किया होता

तस्वीर बेहतर होती है, लेकिन रिस्क बने रहते हैं.

  • नेगेटिव रिटर्न: नवंबर 2015 और नवंबर 2025 के दौरान 12% मौक़ों पर
  • 0–5% रिटर्न: 6% की संभावना
  • 15%+ रिटर्न: 57% मौक़ों पर

दो साल का समय अच्छा लगता है, पर निराशा की गुंजाइश अब भी मौजूद है.

अगर आपने तीन साल के लिए निवेश किया होता

अब तक तो आप अंदाज़ा लगा ही रहे होंगे कि हम किस तरफ़ जा रहे हैं.आप जितना ज़्यादा समय तक निवेशित रहेंगे, डेटा उतना ही बेहतर होता जाएगा. और यही डेटा साबित कर रहा है.

  • नेगेटिव रिटर्न तेज़ी से घटकर सिर्फ़ 5% रह जाता है
  • 0–5% रिटर्न: 7% मौक़ों पर
  • 15%+ रिटर्न: 63% मौक़ों पर

तीन साल पर गिरावट का रिस्क काफ़ी कम हो जाता है, और अच्छे रिटर्न की संभावना बढ़ती है. लेकिन उतार-चढ़ाव पूरी तरह खत्म नहीं होता.

अगर आपने पांच साल के लिए निवेश किया होता

चलिए सीधे पांच साल की बात करते हैं, क्योंकि चार साल के डेटा में अब भी नेगेटिव नतीजे सामने आए हैं. लेकिन पांच साल में तस्वीर साफ़ बदल जाती है.

  • नेगेटिव रिटर्न सिर्फ़ 17 मौक़ों पर: यानी 1% से भी कम संभावना
  • 15%+ रिटर्न: 59% संभावना

पांच साल का समय अब “मिड-कैप के लिए सही समय सीमा” जैसा लगता है - इतना कि इकनॉमिक साइकिल पूरे हो सकें और बाज़ार की मनोदशा शांत हो जाए.  लेकिन ये छोटा-सा 1% आपको याद दिलाता है कि मिड-कैप कभी-कभी हेर-फेर कर सकते हैं.

अगर आपने छह साल के लिए निवेश किया होता

ये पहला समय है जहां मिड-कैप फ़ंड अपनी असली पहचान दिखाते हैं.

  • नेगेटिव रिटर्न: शून्य. पूरे 10 साल के डेटा में एक भी छह-साल की अवधि लाल निशान में नहीं गई.
  • 15%+ सालाना रिटर्न: 53% संभावना

मतलब, छह साल पर मिड-कैप बुरी तरह चौंकाने बंद कर देते हैं. इस समय सीमा के बाद वॉलेटिलिटी नरम पड़ती है और रिटर्न काफ़ी भरोसेमंद दिखने लगते हैं - कम से कम पिछले दशक के आधार पर.

ये बात वैल्यू रिसर्च की हमारी पुरानी सलाह से मेल खाती है. हम हमेशा कहते हैं कि मिड और स्मॉल-कैप फ़ंड में तभी निवेश करें जब 7 साल का समय हो.

ये सिर्फ़ समझदारी के लिहाज़ से नहीं बल्कि आंकड़ों के आधार पर भी सही है.

मिड-कैप फ़ंड में नेगेटिव रिटर्न की संभावना

अगर आपने मिड-कैप फ़ंड को इतने समय तक रखा
नेगेटिव रिटर्न की संभावना
1 साल हर 4 में 1 बार
2 साल हर 8 में 1 बार
3 साल हर 20 में 1 बार
4 साल 1.2% की संभावना
5 साल 1% से भी कम
6 साल शून्य
ये डेटा नवंबर 16, 2015 से नवंबर 16, 2025 तक एक औसत मिड-कैप फ़ंड के प्रदर्शन पर आधारित है. यहां रेगुलर प्लान का डेटा माना गया हैं.

आखिरी बात

मिड-कैप फ़ंड अधीरता को नहीं बल्कि धैर्य को इनाम देते हैं. आप जितना ज़्यादा समय तक निवेश में बने रहेंगे, आपके लिए मुश्किलों से बचने और उस कैटेगरी की असल ताकत हासिल करने की संभावना उतनी ही ज़्यादा होगी.

तो, अगर आपके पास छह–सात साल का समय नहीं है, तो आप मिड-कैप में निवेश नहीं कर रहे, बल्कि आप मिड-कैप के साथ जुआ खेल रहे हैं.

तो, क्या आप जानना चाहते हैं कि कौन-सा मिड-कैप फ़ंड छह से सात साल तक रखने लायक़ है, और किनसे आपको बचना चाहिए?

वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र देखें को एक्सप्लोर कीजिए क्योंकि हमारे एनालिस्ट ने आपके लिए मिड-कैप फ़ंड्स की लिस्ट बनाई है. ताकि आपको ये मेहनत न करनी पड़े.

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ये भी पढ़ेंः इन 2 मिड कैप स्टॉक्स ने हर 4 साल में दोगुनी की रक़म, क्यों अब भी हैं सस्ते?

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