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Groww AMC में 23% हिस्सेदारी लेगी स्टेट स्ट्रीट, जानिए कितना निवेश करेगी?

यह डील Groww AMC के विस्तार में मदद करेगी और भारत के म्यूचुअल फ़ंड बाज़ार में स्टेट स्ट्रीट की एंट्री को दिखाती है

यह डील Groww AMC के विस्तार में मदद करेगी और भारत के म्यूचुअल फ़ंड बाज़ार में स्टेट स्ट्रीट की एंट्री को दिखाती हैAditya Roy/AI-Generated Image

सारांशः ग्रो एसेट मैनेजमेंट ने स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइज़र्स की ओर से अल्पांश निवेश की घोषणा की है. यह भारत के म्यूचुअल फ़ंड सेक्टर में विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है. साथ ही यह भी पक्का करता है कि घरेलू कंट्रोल मज़बूती से बना रहे.

ग्रो एसेट मैनेजमेंट ने ऐलान किया कि स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइज़र्स कंपनी में निवेश करेगी और एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) में क़रीब ₹580 करोड़ के साथ 23 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी हासिल करेगी.

इस डील के तहत स्टेट स्ट्रीट का निवेश दो हिस्सों में होगा. एक हिस्सा पैरेंट कंपनी से शेयर ख़रीद के ज़रिए आएगा और दूसरा हिस्सा सीधे AMC में नया पैसा डाले जाने के रूप में होगा. हालांकि स्टेट स्ट्रीट के वोट देने के अधिकार 4.99 प्रतिशत तक सीमित रहेंगे. इससे यह तय होगा कि ग्रो के पास AMC का नियंत्रण बना रहे.

स्टेट स्ट्रीट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस निवेश से कंपनी को दुनिया के सबसे उम्मीद भरे बाज़ारों में से एक में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही वह अपने विदेशी ग्राहकों को भारत से जुड़े निवेश के विकल्प भी दे सकेगी.

स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी यी हसिन हंग ने कहा कि भारत एक ऐसा बाज़ार है जहां आगे बढ़ने की बहुत बड़ी संभावना है. यहां मध्यम वर्ग तेज़ी से बढ़ रहा है और लोग पारंपरिक तरीकों से हटकर नए निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ग्रो AMC के साथ यह साझेदारी हमें भारत के घरेलू एसेट मैनेजमेंट बाज़ार की बढ़त में सीधे हिस्सा लेने का मौका देती है. इससे हम ज़्यादा लोगों तक निवेश के अलग अलग तरीक़े पहुंचा सकेंगे और विदेशी बाज़ारों के लिए भारत से जुड़े निवेश विकल्प तैयार कर सकेंगे.

इस निवेश से मिलने वाला पैसा ग्रो AMC की रोज़मर्रा की ज़रूरतों को मज़बूती देने और आगे बढ़ने की योजनाओं में लगाया जाएगा. ग्रो ने साल 2023 में म्यूचुअल फ़ंड बिज़नेस में क़दम रखा था, जब उसने इंडियाबुल्स हाउसिंग फ़ाइनेंस की म्यूचुअल फ़ंड यूनिट को पूरी तरह ₹175.62 करोड़ में ख़रीदा था. दिसंबर 2025 तक ग्रो म्यूचुअल फ़ंड के पास मैनेज करने के लिए क़रीब ₹4,118 करोड़ के एसेट थे.

स्टेट स्ट्रीट एक वैश्विक स्तर की एसेट मैनेजर है, जिसकी एसेट अंडर मैनेजमेंट सितंबर 2025 तक क़रीब 5.4 ट्रिलियन डॉलर और 51.7 ट्रिलियन डॉलर की एसेट अंडर कस्टडी थी. यह निवेश उसकी इकाई स्टेट स्ट्रीट ग्लोबल एडवाइज़र्स के ज़रिए किया जा रहा है.

इस सौदे का स्ट्रक्चर एक बड़े चलन को भी दिखाती है. विदेशी निवेश कंपनियां अब भारत के प्लेटफॉर्म में छोटी हिस्सेदारी लेकर देश के क़रीब ₹82 लाख करोड़ के घरेलू म्यूचुअल फ़ंड उद्योग में अपनी जगह बना रही हैं. इससे पहले साल 2023 में ब्लैकरॉक ने जियो फ़ाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मिलकर भारत में म्यूचुअल फ़ंड कारोबार शुरू किया था.

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