Vinayak Pathak/AI-Generated Image
सारांशः ₹1 करोड़ का कवर. सिर्फ़ ₹500 प्रति महीने. लेकिन ग़लत प्लान लिया तो परिवार को क्लेम भी नहीं मिलेगा. हम बताते हैं सही प्लान कैसे चुनें, कितना कवर लें, कौन सी कंपनी भरोसेमंद है और वो 6 ग़लतियां जो लोग टर्म इंश्योरेंस ख़रीदते वक़्त करते हैं.
सोचिए एक सुबह. घर में सब ठीक है. बच्चे स्कूल जा रहे हैं. पत्नी चाय बना रही है. आप दफ़्तर की तैयारी में हैं.
और अगले पल सब बदल जाए.
यह डर की बात नहीं है. यह ज़िम्मेदारी की बात है. अगर आप न हों तो आपका परिवार कहां जाएगा? बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी? घर का EMI कौन चुकाएगा?
टर्म इंश्योरेंस इसी एक सवाल का जवाब है. लेकिन ग़लत प्लान ले लिया तो यह जवाब काम नहीं आएगा. भारत में 70% से ज़्यादा परिवारों के पास पर्याप्त लाइफ़ इंश्योरेंस नहीं है. यानी अगर घर का कमाने वाला न रहा तो परिवार को घर बेचना पड़ सकता है, बच्चों की पढ़ाई रोकनी पड़ सकती है.
टर्म इंश्योरेंस बाज़ार में मिलने वाला सबसे सीधा और सस्ता जीवन बीमा है. पॉलिसी की अवधि में अगर बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो तो परिवार को पैसा मिलता है. इसमें कोई बचत या निवेश नहीं होता. इसीलिए यह सस्ता होता है और कवरेज ज़्यादा देता है.
1. कितना कवर लें? - सिर्फ़ अंदाज़े से नहीं, हिसाब से
यह सबसे अहम फ़ैसला है. और यहीं ज़्यादातर लोग ग़लती करते हैं. पर एक आसान तरीक़ा है अपनी सालाना आमदनी का कम से कम 10 से 15 गुना कवरेज लें.
|
सालाना आमदनी
|
कम से कम कवर |
| ₹5 लाख | ₹75 लाख - ₹1करोड़ |
| ₹10 लाख | ₹1.5 करोड़ - ₹2 करोड़ |
| ₹20 लाख | ₹3 करोड़ - ₹4 करोड़ |
इसमें घर का EMI, बच्चों की पढ़ाई, रोज़मर्रा के ख़र्च और क़र्ज़ सब जोड़ें. अगर ₹30 लाख का होम लोन है तो कवर उतना ज़्यादा रखें ताकि परिवार वो भी चुका सके.
कवर कम हो तो परिवार को आर्थिक तकलीफ़ हो सकती है. कोई भी मनमाना कवर न लें.
2. जल्दी लें, पैसे बचाएं - उम्र बढ़ने के साथ प्रीमियम बढ़ता है
यह बात जान लें: जितनी कम उम्र में लिया, उतना कम प्रीमियम. और यह फ़र्क़ लाखों रुपये का हो सकता है.
₹1 करोड़ के कवर के लिए अनुमानित सालाना प्रीमियम:
|
उम्र
|
सालाना प्रीमियम (अनुमानित) |
| 25 साल | ₹9,500 - ₹10,500 |
| 30 साल | ₹8,500 - ₹9,500 |
| 35 साल | ₹12,000 - ₹15,000 |
| 40 साल | ₹18,000 - ₹22,000 |
सोर्स: HDFC Life, ICICI Prudential, कुछ और इंश्योरेंस वेबसाइट
यानी 25 साल में लिया और 35 साल में लिया तो हर साल ₹5,000 से ₹8,000 का फ़र्क़. 30 साल की पॉलिसी में यह ₹1.5 लाख से ₹2.4 लाख तक बन जाता है.
अभी स्वस्थ हैं? अभी लीजिए. कल का इंतज़ार महंगा पड़ता है.
यह भी पढ़ें: बिना फ़ायदे गंवाए हेल्थ इंश्योरेंस कैसे पोर्ट करें
3. प्रीमियम भरते रहें, वरना सुरक्षा ख़त्म
टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम पूरी पॉलिसी अवधि में एक ही रहता है. यह इसकी सबसे अच्छी बात है.
30 साल की उम्र में ₹500 से ₹900 प्रति महीने में ₹1 करोड़ का कवर मिल सकता है. यह एक अच्छे रेस्टोरेंट में एक बार खाने से भी कम है.
लेकिन अगर प्रीमियम भरना बंद हो गया तो पॉलिसी रद्द हो जाती है. परिवार की सुरक्षा ख़त्म. इसलिए ऐसा प्रीमियम चुनें जो आसानी से हर महीने चुकाया जा सके.
4. सही जानकारी दें - झूठ बोला तो क्लेम नहीं मिलेगा
यह सबसे ज़रूरी बात है जो लोग अनदेखी करते हैं.
पॉलिसी लेते वक़्त अपनी स्वास्थ्य की स्थिति, आदतें जैसे धूम्रपान, शराब और पहले से मौजूद बीमारियां सही बताएं.
धूम्रपान करने वाले को 30 साल की उम्र में ₹1 करोड़ का कवर लेने पर प्रीमियम 100% तक बढ़ सकता है. यानी ग़ैर-धूम्रपान (non-smoker) करने वाले का प्रीमियम ₹9,000 है तो धूम्रपान करने वाले का ₹18,000 हो सकता है.
ग़लत जानकारी देने पर भविष्य में क्लेम रद्द हो सकता है. तब पैसे गए, सुरक्षा भी नहीं मिली. ईमानदारी से भरें.
5. राइडर - ज़रूरत के हिसाब से चुनें, सब मत लें
टर्म प्लान के साथ कुछ अतिरिक्त सुविधाएं यानी राइडर मिलते हैं:
- क्रिटिकल इलनेस राइडर: कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी पर एकमुश्त रक़म मिलती है. उपचार महंगा हो सकता है इसलिए यह उपयोगी है.
- एक्सीडेंटल डेथ राइडर: दुर्घटना में मृत्यु पर अतिरिक्त कवर मिलता है. ज़्यादा जोख़िम वाले काम करने वाले लोगों के लिए सही है.
- प्रीमियम माफ़ी राइडर: अगर गंभीर बीमारी हो जाए तो बाक़ी प्रीमियम माफ़ हो जाते हैं, कवर जारी रहता है.
लेकिन हर राइडर से प्रीमियम बढ़ता है. सिर्फ़ वही लें जो आपकी असली ज़रूरत हो. सभी राइडर लेना ज़रूरी नहीं.
6. क्लेम सेटलमेंट रेशियो - यह नंबर सबसे ज़रूरी है
टर्म इंश्योरेंस लेने की एकमात्र वजह यह है कि ज़रूरत पड़ने पर पैसा मिले. इसलिए यह देखना ज़रूरी है कि कंपनी वाकई क्लेम देती है या नहीं.
भरोसेमंद बीमा कंपनियों का क्लेम सेटलमेंट रेशियो (FY 2024-25):
|
बीमा कंपनी
|
क्लेम सेटलमेंट रेशियो |
| Axis Max Life | 99.62% |
| Max Life | 99.51% |
| HDFC Life | 99.50% |
| Tata AIA | 99.13% |
| ICICI Prudential | 98% |
सोर्स: IRDAI की सलाना रिपोर्ट 2024-25
98% से ऊपर का रेशियो अच्छा माना जाता है. इसका मतलब है कि 100 क्लेम में से 98 से ज़्यादा मंज़ूर किए जाते हैं.
लेकिन सिर्फ़ क्लेम सेटलमेंट रेशियो नहीं, अमाउंट सेटलमेंट रेशियो भी देखें. कुछ कंपनियां क्लेम तो मंज़ूर करती हैं लेकिन पूरी रक़म नहीं देतीं. दोनों आंकड़े देखें.
समझदारी से चुनें
टर्म इंश्योरेंस परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए लंबे समय का फ़ैसला है. पॉलिसी का कवर, प्रीमियम और शर्तें अच्छी तरह समझना ज़रूरी है.
जल्दी लें. सही लें. और परिवार को निश्चिंत रखें.
ध्यान दें!
टर्म इंश्योरेंस और म्यूचुअल फ़ंड, दोनों परिवार की वित्तीय सुरक्षा के दो अलग-अलग स्तंभ हैं. पहले टर्म इंश्योरेंस लीजिए, फिर निवेश शुरू करिए. सही फ़ंड चुनने के लिए वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपके गोल और जोख़िम के हिसाब से मदद करता है.
आज ही फ़ंड एडवाइज़र एक्सप्लोर करें!
यह भी पढ़ें: अब निवेशक की मृत्यु होने पर नॉमिनी की मदद करेगा डिजिलॉकर
ये लेख पहली बार मई 29, 2026 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
शिकायतों के लिए संपर्क करें: [email protected]




