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अचानक बड़ी रक़म की ज़रूरत हो तो कैसे करेंगे इंतजाम?

अचानक बड़ी रक़म की ज़रूरत आपकी फ़ाइनेंशियल प्लानिंग को बिगाड़ सकती है, इसके लिए एक बैक अप प्‍लान होना चाहिए

अचानक बड़ी रक़म की ज़रूरत आपकी फ़ाइनेंशियल प्लानिंग को बिगाड़ सकती है, इसके लिए एक बैक अप प्‍लान होना चाहिए

आप अच्‍छी नौकरी में हैं. लाइफ़ में सब कुछ अच्छा चल रहा है. रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की एजुकेशन सहित हर तरह के गोल के लिए नियमित रूप से निवेश कर रहे हैं. अचानक, फ़ैमिली का कोई मेंबर बीमार हो जाता है या कोई बड़ा एक्सीडेंट हो जाता है. आपके पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है और न ही, अचानक आने वाली ज़रूरतों के लिए कोई सेविंग है, तो क्या करेंगे? ऐसे में आपकी पूरी फ़ाइनेंशियल प्लानिंग गड़बड़ा सकती है और अलग-अलग गोल्स के लिए चल रहे निवेश भी अटक सकते हैं. निश्चित तौर पर आप ऐसी स्थिति में नहीं पड़ना चाहेंगे. आखिर, ये सारी जमा पूंजी का सवाल है.

आपके जीवन में इमरजेंसी जैसे हालात न आएं, इस पर आपका कोई जोर नहीं है. लेकिन आप थोड़ी प्‍लानिंग से ये ज़रूर कर सकते हैं कि किसी भी इमरजेंसी जैसे हालात का सामना आसानी से कर सकें. और इससे आपके लंबी अवधि के निवेश पर भी असर नहीं पड़ेगा.

मेडिकल इमरजेंसी

आजकल अस्‍पतालों में इलाज बहुत महंगा हो गया है. अगर कोई व्‍यक्ति डेंगू जैसी किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अस्‍पताल 4-5 दिनों के लिए भी एडमिट होता है तो इलाज का बिल लाखों में हो सकता है. तो अगर आप या आपके परिवार के किसी सदस्‍य को अस्‍पताल में एडमिट होना पड़ जाए तो आपको बड़ी रक़म की ज़रूरत पड़ सकती है. लेकिन अच्‍छी बात ये है कि आप इसके लिए पहले से ख़ुद को तैयार कर सकते हैं. आप अपने और अपने परिवार के लिए हेल्‍थ इंश्योरेंस कवर ले सकते हैं. बाज़ार में ऐसे बहुत से हेल्‍थ प्‍लान उपलब्‍ध हैं जो अस्‍पताल में भर्ती होने से पहले और अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज होने के बाद होने वाले ख़र्च को भी कवर करते हैं. कुछ प्‍लान में भी तो प्रिवेंटिव हेल्‍थ चेकअप के तौर पर कराए जाने वाले मेडिकल टेस्‍ट को भी कवर किया गया है.

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यानी हेल्‍थ इंश्योरेंस प्‍लान के ज़रिए आप मेडिकल इमरजेंसी का सामना आसानी से कर सकते हैं. अगर कोई 30 साल का शख्स ₹5 लाख का हेल्‍थ कवर लेता है तो इसके लिए उसे ₹7 से 9 हजार तक प्रीमियम देना पड़ सकता है. वहीं, 35 साल का व्‍यक्ति जिसके परिवार में दो बच्‍चे और वाइफ़ हैं ₹5 लाख का फ़ैमिली फ़्लोटर प्‍लान लगभग ₹15 हजार के सालाना प्रीमियम पर ले सकता है.

होम इमरजेंसी

भूकंप आने या आग लगने से घर को बड़ा नुक़सान हो सकता है. लेकिन आप होम इंश्योरेंस कवर लेकर इस तरह के संभावित नुक़सान से ख़ुद को बचा सकते हैं. इसके अलावा, घर में मौजूद फ्रिज, टीवी और AC जैसे सामान को चारी और नुक़सान के लिए भी अलग से इन्‍श्‍योरेंस कवर ले सकते हैं. होम इन्‍श्‍योरेंस कवर सालाना ₹5,000 से ₹10,000 तक के प्रीमियम में उपलब्‍ध हैं. अगर आप भूकंप, बाढ़ या आग लगने से घर को होने वाले नुक़सान से तुलना करें तो सालाना ₹5,000- 10,000 प्रीमियम ज्‍यादा नहीं है.

इमरजेंसी फंड

इसके अलावा आपको अचानक नौकरी चले जाने जैसी दूसरी तरह की इमरजेंसी का सामना करने के लिए भी ख़ुद को तैयार रखना चाहिए. आजकल के माहौल में ऐसा होना आम बात है. तो इसके लिए आपको छह माह से लेकर 1 साल तक के ख़र्च के लायक रक़म का इमरजेंसी फ़ंड बनाना चाहिए. जैसे अगर आपका एक महीने का ख़र्च ₹50,000 है तो आपको ₹3 से 6 लाख का इमरजेंसी फ़ंड बनाना चाहिए. शुरुआत में आप ₹3 लाख का इमरजेंसी फ़ंड बना सकते हैं, जिसे बाद में बढ़ा कर ₹6 लाख तक कर सकते हैं. आप ये पैसा अल्‍ट्रा शार्ट ड्यूरेशन फ़ंड में रख सकते हैं. अल्‍ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फ़ंड आपको बैंक सेविंग अकाउंट से ज़्यादा ब्‍याज़ देगा और आप कभी भी ज़रूरत पड़ने पर पैसा निकाल सकते हैं.

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ये लेख पहली बार अक्तूबर 18, 2019 को पब्लिश हुआ, और मई 20, 2024 को अपडेट किया गया.

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