Khyati Simran Nandrajog/AI-generated image
सारांशः भारत में अब सभी इंटरनेशनल म्यूचुअल फ़ंड ने नई SIP रजिस्ट्रेशन लेना बंद कर दिया है, जिससे निवेशकों के पास सिर्फ़ ग्लोबल ETF या सीधे विदेश में निवेश का रास्ता बचा है. यह कहानी बताती है कि यह बंदी हुई क्यों, हर विकल्प की क़ीमत क्या है और अगला क़दम उठाने से पहले निवेशकों को क्या सोचना चाहिए.
23 जुलाई को Baroda BNP Paribas Aqua, वो आख़िरी इंटरनेशनल फ़ंड जो अभी तक नई SIP के लिए खुला था, उसने भी नई SIP रजिस्ट्रेशन और एकमुश्त रक़म लेना बंद कर दिया. जब यह ट्रैकर जून की शुरुआत में शुरू हुआ था, तब 12 फ़ंड नई SIP के लिए खुले थे; आज एक भी नहीं.
अगर आपकी कोई ग्लोबल SIP पहले से चल रही है, तो वो पहले की तरह चलती रहेगी, किश्तें और सब कुछ. जो बंद हुआ है, वो है नई SIP शुरू करना.
यह स्थिति कैसे बनी
इसकी वजह पूरी कहानी में चलती है. भारत इस बात की सीमा तय करता है कि उसके फ़ंड विदेश में कितना पैसा रख सकते हैं, पूरी इंडस्ट्री के लिए $7 अरब. और जनवरी 2022 में जैसे ही यह सीमा पार हुई, SEBI ने हर फ़ंड हाउस को उसके 1 फ़रवरी 2022 वाले स्तर पर रोक दिया. जैसे-जैसे बाज़ार इन होल्डिंग की क़ीमत बढ़ाते हैं, कोई फ़ंड हाउस अपनी सीमा के क़रीब पहुंच जाता है और उसे नया पैसा लेना रोकना पड़ता है. फ़ंड तभी से एक-एक कर बंद होते गए हैं.
कहने को तो ये बंदी अस्थायी हैं. इनमें से कोई भी फ़ंड तब दोबारा खुल सकता है, जब उसके हाउस की विदेशी होल्डिंग के लिए तय रेखा से नीचे आ जाए, चाहे बाज़ार गिरे, रुपया मज़बूत हो, या निवेशक पैसा निकालें. यह एक बंद दरवाज़ा है, दीवार नहीं. पर कोई नहीं कह सकता कि वो कब खुलेगा, इसलिए इंतज़ार करना कोई योजना नहीं है.
बचे हुए रास्ते, और उनकी क़ीमत
तो अब निवेश के दो ही रास्ते बचते हैं: या तो एक्सचेंज पर भारत में लिस्टेड कोई ग्लोबल ETF ख़रीदें, या पैसा विदेश भेजकर सीधे निवेश करें. दोनों आपसे कुछ न कुछ मांगते हैं. पहले ETF की बात, जो हर दिन ट्रेड होता है और कभी बंद नहीं होता. इसका पेच अब पहले से कहीं ज़्यादा मायने रखता है: इसकी बाज़ार क़ीमत, इसकी होल्डिंग की असल क़ीमत यानी NAV से ऊपर रहती है, क्योंकि अप्रैल 2024 में अपना कोटा भरते ही इन फ़ंड ने नई यूनिट बनाना बंद कर दिया था. सप्लाई तय है, मांग नहीं, और अब जब हर फ़ंड बंद है, तो जो पैसा किसी SIP में जाता, उसके पास इन ETF के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा और यही प्रीमियम को नीचे लाने के बजाय ऊपर धकेलता है. यह एक असली क़ीमत है: NAV से 20% ऊपर चुकाइए, तो होल्डिंग को 20% चढ़ना होगा, तब जाकर आप बराबरी पर आएंगे.
इस हफ़्ते: जो महंगे थे, वो और महंगे हो गए. Hang Seng TECH क़रीब 18% से बढ़कर 22% पर पहुंचा, जो अब इन छह में सबसे महंगा है और FANG+ 17% से 20% पर, जबकि Nasdaq Q50 और Nippon India का Hang Seng BeES थोड़े नरम पड़े और Nasdaq 100 टिका रहा. प्रीमियम के अलावा, पैसे की उपलब्धता भी देख लीजिए, क्योंकि इनमें से कुछ का रोज़ाना कारोबार सिर्फ़ एक-दो करोड़ का ही है, इसलिए लिमिट ऑर्डर लगाना समझदारी है.
हर ETF का प्रीमियम अभी कहां है
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ETF / कहां निवेश करता है
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NAV (₹) | क़ीमत (₹) | अभी प्रीमियम (%) | 52-हफ़्ते का प्रीमियम दायरा (%) | 52-हफ़्ते का औसत प्रीमियम (%) | 52-हफ़्ते का औसत रोज़ाना कारोबार (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| Mirae Asset Hang Seng TECH हॉन्ग कॉन्ग टेक |
19.3 | 23.55 | 22 | 9.0 से 36.4 | 19.2 | 2.7 |
| Mirae Asset NYSE FANG+ US मेगा-कैप टेक |
163.46 | 196.27 | 20.1 | 11.8 से 30.1 | 19.7 | 5.39 |
| Mirae Asset S&P 500 Top 50 US लार्ज-कैप |
66.28 | 78.81 | 18.9 | 10.8 से 23.7 | 19.2 | 1.67 |
| Motilal Oswal Nasdaq Q50 US Nasdaq अगली कतार |
118.71 | 140.41 | 18.3 | −1.7 से 26.4 | 12.3 | 1.44 |
| Motilal Oswal NASDAQ 100 / US टेक-भारी इंडेक्स |
273.46 | 323.44 | 18.3 | −3.0 से 27.7 | 8.6 | 23.6 |
| Nippon India ETF Hang Seng BeES हॉन्ग कॉन्ग इक्विटी |
454.37 | 478.7 | 5.4 | 3.4 से 25.6 | 15 | 9.26 |
| NAV, क़ीमत और 'अभी प्रीमियम' 22 जुलाई 2026 तक के हैं. प्रीमियम का दायरा, सिर्फ़ NSE का 52-हफ़्ते का औसत प्रीमियम और औसत रोज़ाना कारोबार, उस तारीख़ तक के एक साल के हैं. प्रीमियम यानी बाज़ार क़ीमत का फ़ंड की असल क़ीमत (NAV) से ऊपर होना; माइनस का आंकड़ा छूट दिखाता है. | ||||||
दूसरा रास्ता है सीधे निवेश का. लिबरलाइज़्ड रेमिटेंस स्कीम आपको अपना पैसा ख़ुद विदेश भेजने और वहां के शेयर या फ़ंड ख़ुद ख़रीदने देती है, फ़ंड वाली सीमा से बाहर. यह बंदियों से बच निकलता है, पर इसके साथ स्रोत पर कटने वाला टैक्स (TCS) आता है और हर चीज़ ख़ुद चुनने और संभालने की झंझट भी, यही वजह है कि फ़ंड एक आसान विकल्प था.
इनमें से कोई बात यह नहीं बदलती कि आप आख़िर विदेश में पैसा क्यों रखना चाहते हैं: उस दांव को थोड़ा फैलाने के लिए, जो आपकी नौकरी, आपका घर और आपकी बचत, सब पहले से एक ही अर्थव्यवस्था पर लगा चुके हैं. अगर आप निवेश कर चुके हैं, तो बने रहिए. और अगर आप शुरू करना चाहते हैं, तो सवाल यह है कि क्या आज के प्रीमियम पर एक ETF ख़रीदना सही है, या इंतज़ार करना. वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपको ठीक इसी को तौलने में मदद करने के लिए बना है.
पहले से कोई इंटरनेशनल फ़ंड है, या किसी ETF पर सोच रहे हैं? कोई क़दम उठाने से पहले देखिए कि वो कहां खड़ा है.
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