इंश्योरेंस

लाइफ इन्‍श्‍योरेंस से घटाएं टैक्‍स देनदारी

आपका टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम और एडिशनल राइडर्स टैक्‍स बचाने में मदद कर सकते हैं

लाइफ इन्‍श्‍योरेंस से घटाएं टैक्‍स देनदारी

मैं बचत करने वालों और निवेशकों को पिछले तीन दशकों से देख रहा हूं। आजकल एक आम भारतीय पहले की तुलना में निवेश और टैक्‍स के मामलों में अधिक जागरूक है लेकिन इन्‍श्‍योरेंस खरीदने के मामले में सही फैसला बहुत कम लोग ही कर पाते हैं। ज्‍यादातर लोग 31 मार्च से पहले सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स बचाने के लिए लाइफ इन्‍श्‍योरेंस खरीद लेते हैं। अक्‍सर उनका यह फैसला भी एजेंट की सलाह पर होता है। एजेंट बता देता है कि यह पॉलिसी आपके लिए ठीक है और इससे आप टैक्‍स भी बचा सकते हैं। इतना उनके लिए काफी होता है। सेक्‍शन 80 सी के तहत कोई भी व्‍यक्ति 1.5 लाख रुपए के निवेश पर टैक्‍स छूट हासिल कर सकता है। बहुत से लोग आखिरी समय में टैक्‍स बचाने के लिए ऐसा इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान खरीद लेते हैं जो उनकी जरूरतों पर खरा नहीं उतरता है। लेकिन थोड़ी जानकारी और दूरदर्शी रवैया अपना कर आप इस मुश्किल को हल कर सकते हैं।

बाजार में कई तरह के लाइफ इन्‍श्‍योरेंस प्रोडक्‍ट उपलब्‍ध हैं। ऐसे में किसी के लिए भी सही इन्‍श्‍योरेंस प्रोडक्‍ट चुनना मुश्किल हो सकता है। लेकिन आप इस मुश्किल से आसानी से बच सकते हैं। क्‍योंकि किसी को भी लाईफ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी में सिर्फ टर्म प्‍लान की जरूरत होती है। इसके अलावा यह आपको टैक्‍स बचाने में भी मदद करता है।

लेकिन आपका इन्‍श्‍योरेंस खरीदने का फैसला सिर्फ टैक्‍स बचाने के लिए नहीं होना चाहिए। पहले आपको इस पर विचार करना चाहिए। आपको इन्‍श्‍योरेंस की जरूरत क्‍यों है। अगर आपके परिजन आप पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं तो आपके लिए लाइफ इंन्‍श्‍योरेंस खरीदना जरूरी है। यहां पर यह मायने नहीं रखता है कि 80 सी के तहत टैक्‍स छूट की सीमा कितनी है और इससे आपको टैक्‍स बचाने में मदद मिलेगी या नहीं।

लाइफ इन्‍श्‍योरेंस के मामले में मैं एक सामान्‍य नियम पर भरोसा करता हूं। आपको अपनी सालाना इनकम का कम से कम 10 गुना लाइफ इन्‍श्‍योरेंस कवर लेना चाहिए। उदाहरण के लिए अगर आपकी सालाना इनकम 10 लाख रुपए है और आपके परिजन वित्‍तीय तौर पर आप पर निर्भर है तो आपको 1 करोड़ का कवर लेना चाहिए। आपको 1 करोड़ रुपए कवर की राशि से डरने की जरूरत नहीं है। 35 साल का एक स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति 1 करोड़ रुपए का लाइफ कवर लगभग 12,000 रुपए सालाना प्रीमियम में ले सकता है। अगर आप महीने के हिसाब से देखें तो यह सिर्फ 1,000 रुपए महीना हुआ।

टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम के प्रीमियम का भुगतान करके आप इस पर सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट भी क्‍लेम कर सकते हैं। टर्म प्‍लान खरीदते हुए आपको मिलने वाले राइडर्स पर भी विचार करना चाहिए। राइडर्स आपको न सिर्फ अतिरिक्‍त फायदे देते हैं बल्कि इससे आपको अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट हासिल करने में भी मदद मिलती है। यानी राइडर्स एक तरह से अतिरिक्‍त फायदे हैं जिनको आपको मामूली रकम में अपने बेसिक लाइफ कवर के साथ जोड़ सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि टर्म प्‍लान के साथ कौन से राइडर्स उपलब्‍ध हैं।

1- एक्‍सीडेंटल डेथ बेनेफिट: इस राइडर के तहत अगर पॉलिसी होल्‍डर की पॉलिसी टर्म यानी पॉलिसी की अवधि में दुर्घटना में मौत हो जाती है तो नॉमिनी को अतिरिक्‍त रकम मिलेगी। यह रकम सम एश्‍योर्ड के बराबर या उससे कम हो सकता है।

2- डिसएबिलिटी इनकम: अगर पॉलिसी होल्‍डर दुर्घटना की वजह से पूरी तरह से अशक्‍त हो जाता है तो इन्‍श्‍योरेंस कंपनी एक तय समय तक जैसे 10 साल तक हर माह एक तय राशि मुहैया कराती है।

3- प्रीमियम से छूट: अगर पॉलिसी होल्‍डर दुर्घटना या बीमारी की वजह से स्‍थाई तौर पर अपंग हो जाता है या काम करने के लायक नहीं रह जाता है तो इन्‍श्‍योरेंस कंपनी प्रीमियम माफ कर देती है। यानी उसे बची अवधि के लिए प्रीमियम नहीं देना होता है और लाइफ कवर जारी रहता है।

4- क्रिटिकल इलनेस बेनेफिट: इस राइडर के तहत इन्‍श्‍योरेंस कैंसर या किडनी फेल होने जैसी खतरनाक बीमारी होने पर एकमुश्‍त राशि देने का वादा करती है। हर इन्‍श्‍योरेंस कंपनी बीमारियों की एक सूची तय करती है जो इस राइडर के तहत कवर होती हैं। अगर पॉलिसी की अवधि में पॉलिसी होल्‍डर को इनमें से कोई बीमारी हो जाती है तो इन्‍श्‍योरेंस कंपनी सम एश्‍योर्ड के बराबर राशि देती है भले ही इलाज का खर्च कुछ भी हो।

आप इन राइडर्स के लिए जो अतिरिक्‍त प्रीमियम चुकाएंगे उस पर भी टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं। लाइफ से जुड़े राइडर जैसे एक्‍सीडेंटल डेट बेनेफिट के प्रीमियम पर आप सेक्‍शन 80 सी के तहत टैक्‍स छूट पा सकते हैं वहीं हेन्‍थ से जुड़े राइडर्स जैसे क्रिटिकल इलनेस बेनेफिट सेक्‍शन 80 डी के तहत आते हैं। 80 डी 25,000 रुपए तक के हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट मुहैया कराता है। अगर पॉलिसी होल्‍डर वरिष्‍ठ नागरिक है तो उसके लिए यह 50,000 रुपए तक हो जाती है। अगर आप अपने माता पिता के लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी खरीदते हैं तो आपको इतनी ही राशि की अतिरिक्‍त टैक्‍स छूट मिलती है।

लेकिन आपको सिर्फ इसलिए राइडर नहीं खरीदना चाहिए क्‍योंकि यह बहुत कम कीमत में मिल रहा है। भले ही राइडर कितना भी सस्‍ता हो लेकिन कई राइडर मिल कर कुल प्रीमियम को बढ़ा देते हैं जो आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। आपको राइडर लेने से पहले खुद से पूछना चाहिए क्‍या वास्‍तव में आपको इस राइडर की जरूरत है। उदारहरण के लिए अगर आपको नौकरी ऐसी है जिसमें आपको बहुत ज्‍यादा ट्रैवेल करना पड़ता है तो आपके लिए एक्‍सीडेंटल डेथ बेनेफिट राइडर खरीदना फायदेमंद हो सकता है।

आपको इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान खरीदने के लिए एजेंट को कॉल करने की जरूरत नहीं है। आप ऑनलाइन कुछ मिनटो में टर्म इन्‍श्‍योरेंस प्‍लान खरीद सकते हैं। ऑनलाइन प्‍लान खरीदना न सिर्फ सस्‍ता है बल्कि सुविधा जनक भी है।

ये लेख पहली बार जनवरी 06, 2020 को पब्लिश हुआ.

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