
क्या मुझे पीएसयू बॉण्ड से मिल कर बने नए डेट ईटीएफ में निवेश करना चाहिए ? और अगर मैं रिटायरमेंट कॉर्पस बनाना चाहता हूं तो क्या मुझे अलग अलग फंड हाउस के रिटायरमेंट स्पेशिफिक फंड में निवेश करना चाहिए ?
संजय
भारत बॉण्ड ईटीएफ निवेश के लिए अच्छा विकल्प है। इस ईटीएफ यानी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड के तीन फायदे हैं। पहला, यह चुनिंदा पब्लिक सेक्टर कंपनियों के एएए रेटेड बॉण्ड से मिल कर बना है। इसका पोर्टफोलियो उच्च गुणवत्ता वाला है। दूसरा, 0.0005 फीसदी एक्सपेंश रेशियो के साथ निवेश के लिहाज से यह बहुत सस्ता प्रोडक्ट है। इसके अलावा यह ईटीएफ भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों द्वारा जारी एएए रेटेड बॉण्ड से मिल कर बना है इसलिए डिफॉल्ट का जोखिम बहुत कम है। आजकल लोग जोखिम लेने से परहेज कर रहे हैं और डेट बॉण्ड के बाजार में जोखिम को देखते हुए ईटीएफ जरूरी सुरक्षा मुहैया कराता है।
फिक्स्ड इनकम सेगमेंट में यह अच्छा विकल्प है। इसके दो तरह के वैरियंट हैं। एक तीन साल की मैच्योरिटी वाला है और दूसरा 10 साल की मैच्योरिटी वाला। यानी आप मैच्योरिटी पर ही आप इसे बेच सकते हैं। अगर आप तीन या साढ़े तीन साल के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं तो इसके कुछ फायदे हैं। जैसे डिफॉल्ट का जोखिम लगभग न के बराबर, उच्च गुणवत्ता वाली पोर्टफोलियो और निवेश का बहुत मामूली खर्च। एक्सपेंस रेशियो बहुत कम होने के कारण यह आपको आकर्षक रिटर्न दे सकता है।
अगर आप अभी निवेश करते हैं तो आपको एक अतिरिक्त साल के लिए इंडेक्सेशन बेनेफिट भी मिल सकता है। उदाहरण के लिए तीन साल की मैच्योरिटी वाला प्रोडक्ट अगर मैच्योरिटी तक रखा जाए तो चार साल के लिए इंडेक्सेशन बेनेफिट मुहैया कराता है। इस तरह से आपका पोस्ट टैक्स रिटर्न बढ़ जाता है। यानी यह टैक्स बचाने के लिए लिहाज से भी बेहतर है।
ईटीएफ के मामले में निवेशक को ब्रोकर से डील करना पड़ता है। रिटेल निवेशक के लिए ईटीएफ का फंड ऑफ फंड वैरिएंट बेहतर विकल्प है। फंड ऑफ फंड ओपेन एंडेड फंड की तरह है जो अपने आप ईटीएफ में निवेश करेगा। इससे निवेशक को लिक्विडिटी से जुड़े दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा और जिन निवेशकों के पास डीमैट अकाउंट नहीं हैं उनके लिए भी ट्रांजैक्शन आसान होगा।
अब आपके दूसरे सवाल पर बात करते हैं। मुझे नहीं लगता है कि रिटायरमेंट स्पेशिफिक फंड रिटायरमेंट के लिए बेहतर विकल्प हैं। इसके बजाए आपको रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने के लिए कुछ अच्छे फंड चुनने चाहिए। अगर आप 30 साल के बाद रिटायर हो रहे हैं तो आप इक्विटी फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं। आपको इस निवेश को रिटायरमेंट कॉर्पस के लिए निवेश ही मान कर चलना होगा। और अगर आप का रिटायरमेंट 10 साल बाद है तो एक अग्रेसिव हाइब्रिड फंड भी अच्छा विकल्प है। जब आप का रिटायरमेंट दो या तीन साल रह जाए तो सिस्टमेटिक विद्ड्रॉअल प्लान के जरिए आप पैसा निकाल सकते हैं।
मेरी राय है कि निवेशकों को प्री पैकेज्ड रिटायरमेंट प्लान के बजाए अपने लिए खुद से रिटायरमेंट तैयार करना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए।
ये लेख पहली बार जनवरी 07, 2020 को पब्लिश हुआ.




