
तीन साल की अवध्रि में ब्याज दरों घटने या बढ़ने को लेकर आपका क्या अनुमान है ? अपने एक हैंगआउट सेशन में आपने कहा था कि सबसे अच्छे डेट फंड में निवेश से बचना चाहिए। इस बात को ध्यान में रखते हुए क्या कोटक बॉण्ड शार्ट टर्म फंड निवेश के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है ? वैल्यू रिसर्च पर इसकी रेटिंग 5 स्टार है।
आयुष मानियर
पहले आपके सवाल के दूसरे भाग का जवाब देता हूं। मैंने कोटक बॉण्ड शार्ट टर्म फंड को बेहद करीब से नहीं देखा है। लेकिन आम तौर पर सामान्य से ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड का विश्लेषण बहुत गहराई से करने की जरूरत होती है।डेट फंड में असामान्य तौर पर बहुत ऊंचा रिटर्न ऊंचे जोखिम के साथ आता है। ये जोखिम तीन तरह के होते हैं। एक है क्रेडिट रिस्क। जैसे कम रेटिंग वाले बॉण्ड में निवेश करना। फंड इंटरेस्ट रेट रिस्क लेकर भी ज्यादा रिटर्न हासिल करते हैं। यहां फंड मैनेजर्स को अगर लगता है कि ब्याज दरें कम होंगी तो वे लंबी अवधि में मैच्योर होने वाले बॉण्ड में निवेश करते हैं। और जब इंटरेस्ट रेट कम हो जाता है तो जितने लंबे समय में बॉण्ड मैच्योर होगा उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा बढ़ेगी। क्योंकि ये बॉण्ड आपको लंबे समय तक ऊंची ब्याज दर का भुगतान करेंगे इस तरह से ये बॉण्ड महंगे हो जाएंगे। और इसके ठीक उलट भी हो सकता है। तीसरी तरह का जोखिम लिक्विडिटी रिस्क है। कुछ फंड ऐसे बॉण्ड में निवेश कर सकते हैं जो बहुत सक्रिय तौर पर ट्रेड नहीं किया जा रहा है। ऐसे में मैच्योरिटी के पहले ऐसे बॉण्ड को बेचना मुश्किल हो सकता है। तो लिक्विडिटी रिस्क उठा कर ऊंचा रिटर्न हासिल कर सकते हैं।
फंड मैनेजर अपने पोर्टफोलियो के एक छोटे हिस्से पर यह जोखिम उठा सकते हैं। लेकिन बुरा समय आने पर यह छोटा हिस्सा बड़ा बन जाता है क्योंकि निवेशक अपनी रकम निकालने लगते हैं। इस तरह से मैं अपनी बात पर कायम रहूंगा कि सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले डेट फंड में निवेश करते हुए सतर्क रहना चाहिए और यह मान कर चलना चाहिए कि इसमें कुछ जोखिम हो सकते हैं।
अब बात करते हैं पहले सवाल की। मेरा मानना है कि अपेक्षाकृत सामान्य समय में भी फंड मैनेजर अक्सर ब्याज दरों को लेकर अपने अनमान में गलत हो जाते हैं। अगर मौजूदा समय की बात करें तो मुझे लगता है कि कम अवधि में ब्याज दरें थोड़ा और गिर सकती हैं। हालांकि अगले तीन साल में ब्याज दरों के उतार चढ़ाव के बारे में नहीं जानता। मुझे यह भी पता कि अब यहां से अर्थव्यवस्था किस तरह से आगे बढ़ेगी। अर्थव्यवस्था में गिरावट कितनी होगी और सरकार क्या कदम उठाएगी। या सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक मिल कर क्या कदम उठाएंगे। तो ऐसे में इन चीजों का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि हम वापस सामान्य हालात में लौटेंगे।
ये लेख पहली बार अगस्त 19, 2020 को पब्लिश हुआ.
Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.
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