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होम-लोन पर आपके पैसे बच सकते हैं

मौजूदा ब्याज दरें कम होने से आप होम लोन री-फ़ाइनेंस करा कर पैसे आसानी से बचा सकते हैं

होम-लोन पर आपके पैसे बच सकते हैं

ऐसे होम-लोन धारक, जिनका पुराना होम-लोन चल रहा है, उनके लिए ये ख़बर अच्छी हो सकती है। पिछले कुछ वक़्त से होम-लोन की ब्याज दरों में बदलाव आया है। अगर ध्यान दें, तो हो सकता है आप पाएं कि अब भी आप मौजूदा लोन दरों से ज़्यादा ब्याज दे रहे हों। आप इसे कैसे आसानी से कम कर सकते हैं, इसी पर हम इस आर्टिकल में चर्चा कर रहे हैं।

होम लोन का री-फ़ायनांस
पिछले डेढ़ साल के दौरान, होम-लोन की ब्याज दरों में काफ़ी कमी आई है। इसलिए पहले से चल रहे होम-लोन को कम ब्याज दरों पर री-फ़ाइनांस कराना बड़े फ़ायदे का सौदा हो सकता है।

आप अपने होम लोन पर जो फ़्लोटिंग-रेट आप अदा कर रहे हैं, उसकी ब्याज-दर इस बात पर निर्भर करती है, कि लोन का डिस्बर्समेंट कब किया गया था। जिन बेंचमार्क के आधार पर बैंक ब्याज लेते हैं, उनमें पिछले पांच साल के दौरान कई बदलाव हुए हैं। मिसाल के तौर पर, अप्रैल 2016 में सभी फ़्लोटिंग-रेट वाले बैंकों के लोन को, MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending) से लिंक कर दिया गया था। इसके बाद RBI ने बैंकों के लिए अनिवार्य कर दिया, कि अक्टूबर 1, 2019 से दिए जाने जाने वाले सभी लोन, EBR (External Benchmark Rate) में बदल दिए जाएं, और ऐसे सभी लोन पर ब्याज की छूट का फ़ायदा, ग्राहकों तक पहुंचाया जाए। इसलिए जिन लोन-धारकों ने अपने लोन को नई प्रणाली में नहीं बदला है, हो सकता है कि वो अब भी ऊंची ब्याज-दर अदा कर रहे हों।

अगर आपका मौजूदा लोन, लोन के पुराने बेंचमार्क पर आधारित है, तो आपके लिए ये फ़ायदेमंद होगा, कि आप उसे EBR में शिफ़्ट करा लें। कई बैंक अपने ग्राहकों को ये विकल्प दे रहे हैं, कि वो एक बार लगने वाला सर्विस चार्ज अदा कर के, अपने लोन को MCLR से EBR में स्विच करा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, लोन का बेंचमार्क बदलने के लिए, SBI अपने ग्राहकों से एक बार का सर्विस चार्ज लेता है, जो ₹5,000 प्लस, GST है। वहीं दूसरी तरफ़, कोटक महिंद्रा बैंक अपने ग्राहकों को, कम फ़्लोटिंग रेट चुनने के लिए, प्रिंसिपल आउटस्टैंडिंग बैलेंस का 0.5 प्रतिशत चार्ज कर रहा है। इस पर ₹10,000 का कैप रखा गया है, यानि ये चार्ज, अधिकतम ₹10,000 ही लिया जा सकता है।

हालांकि आपके होम-लोन (EBR के आधार पर) का ब्याज पिछले एक साल में कुछ घटा होगा, मगर हो सकता है कि नए होम लोन फिर भी उससे सस्ती दरों पर मिल रहे हों। जैसे, कोटक महिंद्रा बैंक लोन-धारकों को 6.60-6.65 प्रतिशत की ब्याज-दर पर लोन बैलेंस ट्रांसफ़र का ऑफ़र दे रहा है। इसलिए बेहतर होगा, कि आप अपना होम लोन नए सिरे से, कम ब्याज दर पर फ़ाइनेंस करा लें।

मगर जब आप अपना लोन रीफ़ाइनेंस कराने का निर्णय लेते हैं, तो इस बात का ध्यान ज़रूर रखें, कि अब आपका प्री-क्लोज़र चार्ज (अगर है तो) क्या होगा। इसके अलावा ये भी पता कर लें, कि नए लोन की प्रोसेसिंग फ़ीस क्या रहेगी। इन दिनों, SBL और दूसरे कई बैंक, नए लोन पर कोई प्रोसेसिंग फ़ीस नहीं ले रहे हैं। अगर आप अब भी अपने होम-लोन पर ऊंची ब्याज दर अदा कर रहे हैं, तो रीफ़ाइनांस कराने और अपने पैसे बचाने का ये बहुत बढ़िया मौक़ा है।

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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