हाऊस वॉयस

'एक्टिव फ़ंड का बड़ा हिस्सा पैसिव फ़ंड में बदल सकता है'

मनोज शिनॉय, चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर, आईआईएफ़एल म्यूचुअल फ़ंड, म्यूचुअल फ़ंड इंड्स्ट्री से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दे रहे हैं।

मनोज शिनॉय, चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव ऑफ़िसर, आईआईएफ़एल म्यूचुअल फ़ंड, म्यूचुअल फ़ंड इंड्स्ट्री से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब दे रहे हैं।

पिछला एक साल, कई बिज़नस, मार्केट और निवेशकों के लिए रोलर-कोस्टर की सवारी जैसा रहा। क़िस्मत से, जितना सोचा गया था, उससे कहीं ज़्यादा तेज़ी से दुनिया वापस पटरी पर लौट रही है। और ये साल, पिछले साल से बेहतर लग रहा है। काफ़ी कंपनियों ने अपने ढांचे में बदलाव किए हैं, आने वाले कुछ साल में ये बदलाव ग्रोथ को तेज़ करेंगे। कॉर्पोरेट इस साल रिकॉर्ड कमाई कर रहे हैं। आरबीआई और दूसरी कई एजेंसियों ने भारत की ग्रोथ को, वित्त-वर्ष22 में 9.5 से 10 प्रतिशत के बीच रखा है। उम्मीद है, ये हमें कोविड से पहले के स्तर की जीडीपी के पर ले आएगा।

क़रीब पांच साल की धीमी रफ़्तार के बाद, अब स्टॉक मार्केट रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। हालांकि, स्टॉक मार्केट में तेज़ी है मगर लोगों को इसे लेकर अतिउत्साह में नहीं आना चाहिए, और अपने एसेट एलोकेशन पर ही बने रहना चाहिए। अपने फ़ाइनेंशियल गोल को हासिल करने के लिए, अपने पोर्टफ़ोलियो में डेट और इक्विटी का एक आदर्श संतुलन बनाए रखना चाहिए, और इसे अनुशासित तरीक़े से जारी रखना चाहिए। सही निर्णय लेने के लिए, निवेशकों को अपने फ़ाइनेंशियल एडवाइज़रों से परामर्श लेते रहना चाहिए।

रेग्युलेटर का ख़र्च के स्लैब को रिवाइज़ करना, पैसिव इन्वेस्टिंग पर ज़ोर होना, और कई नई AMCs का आना, इन कारणों से ख़र्च पर और ज़्यादा फ़ोकस बढ़ जाता है। क्या आप मानते हैं कि बिज़नस को मुनाफ़े में रखते हुए, ख़र्च (एक्सपेंस रेशियो) के मौजूदा स्तर को घटाए जाने की संभावना है?

ये सब कुछ स्वागत योग्य है। स्केल की अर्थव्यवस्था से फ़ायदा उठा कर, ख़र्च कम करने पर ध्यान देना एक अच्छी शुरुआत है। ये हमें, आम लोगों तक पहुंचने में मदद करेगी, जो असल में म्यूचुअल फ़ंड से फ़ायदा पा सकेंगे। मोटे तौर पर, हमारा मुनाफ़ा बड़े मार्जिन पर आधारित होने के बजाए, स्केल के आधार पर होना चाहिए।

पैसिव स्ट्रैटजी किसी भी तरह की निवेश स्कीमों (product bouquet) का अहम हिस्सा होता है, ख़ासतौर पर तब, जब फ़ंड मैनेजरों के लिए कोई एक ही शानदार फ़ंड खड़ा कर पाना मुश्किल हो गया हो। इस बात का कोई मतलब ही नहीं है कि निवेशक को फ़ीस देनी पड़े, जब फ़ंड मैनेजर लगातार बेंचमार्क से नीचे का रिटर्न दे रहा हो। ये निवेशकों को एक विकल्प देता है। आप यू.एस. मार्केट को देखिए; जहां वैनगार्ड और दूसरे बड़े खिलाड़ी $15 ट्रिलियन से ज़्यादा की पैसिव स्ट्रैटजी मैनेज करते हैं। जैसे-जैसे हम विकसित अर्थव्यवस्था की तरफ़ जाएंगे और जानकारी के अभाव से पैदा हुआ असंतुलन कम होता जाएगा, वैसे-वैसे दूसरों से बेहतर प्रदर्शन करना और मुश्किल होता जाएगा। इसीलिए, एक्टिव का बड़ा हिस्सा पैसिव में बदल सकता है।

बढ़ते हुए डायरेक्ट प्लान, और नए प्लेटफ़ार्म के आने की वजह से - निवेशक, डिस्ट्रिब्यूटर, और निर्माता (AMCs) तीनों के बीच के संबंधों में क्या बदलाव आ रहे हैं?

मेरी नज़र में, बड़े कॉर्पोरेट्स, यूएचएनआई (ultra-high-net-worth individuals), फ़ैमिली ऑफ़िस और जानकार निवेशकों को, डाइरेक्ट-प्लान पूरे मन से स्वीकार करने होंगे, जिससे वो छोटे ख़र्च हर साल बचा सकें। ये बात सही इसलिए लगती है, क्योंकि उन्हें फ़ाइनेंशियल प्लानिंग की कोई ज़रूरत नहीं है। हालांकि, समाज के बड़े हिस्से को एडवाज़र/ डिस्ट्रीब्यूटर की ज़रूरत रहती है। मेरे ख़याल से, एडवाइज़र, निवेशक के लिए एक मेंटोर या गाइड के तौर पर काम करता है, और उनकी वैल्थ जमा करने के सफ़र में, बरसों अपने क्लाइंट के साथ-साथ रहता हैI एडवाइज़र का फ़ायदा ये होता है, कि वो निवेशक के लिए अनुशासन क़ायम रखता है, जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर एसेट का एलोकेशन तय करता है, वैल्यू की पहचान सिखाता है, अच्छे सैक्टर्स के बारे में बताता है, निवेश के उद्देश्य तय करता है, और पूरी फ़ाइनेंशियल प्लानिंग का प्रबंधन भी करता है। बजाए इसके, कि डायरेक्ट प्लान की सिर्फ़ 40-50 bps (बेसिस प्वाइंट्स) की बचत की जाए, ये सभी फ़ैक्टर्स कहीं ज़्यादा महत्व के है।

रैपिड-फ़ायर राउंड:

निवेश गुरु/ मैनेजर जिसे आप सबसे ज़्यादा पंसद करते हैं: वॉरेन बफ़ेट
बिज़नस लीडर जिसकी तरह आप होना चाहेंगे: आज़िम प्रेमजी
आपका अब तक का सबसे फ़ायदेमंद निवेश: म्यूचुअल फ़ंड के ज़रिए
आपका धन का मंत्र: भेड़ चाल में कभी मत फंसो और अपने एसेट एलोकेशन पर बने रहो
अगर आप मनी मैनेजर नहीं होते तो क्या होते: एक होटल या रेस्टोरेंट का मालिक

ये लेख पहली बार दिसंबर 10, 2021 को पब्लिश हुआ.

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