लर्निंग

कैसी जिंदगी जीना चाहते हैं आप ......

कार और फ्लैट की EMI के लिए सेविंग और निवेश को नजरअंदाज करना बहुत महंगा सौदा है

 कार और फ्लैट की EMI के लिए सेविंग और निवेश को नजरअंदाज करना बहुत महंगा सौदा है

अपनी कार और अपना फ्लैट। मिडिल क्‍लास खास कर लोवर मिडिल क्‍लास की हर फैमिली जल्‍द से जल्‍द ये दो चीजें खरीदना चाहती है। अपनी कार में वीकेंड में फैमिली के साथ लॉंग ड्राइव पर जाना हो। या एक दो दिन की छुट्टियों में हरिद्वार या आगे पहाड़ों पर जाना हो। अपनी कार यह सब कुछ कितना आसान कर देती है। मेट्रो शहरों में ये चीजें एक तरह से एक ऐसी जरूरत बन गईं हैं, जिनको टाला नहीं जा सकता है। आसानी से मिलने वाला लोन इन जरूरतों को आसानी से पूरा कर देता है।

मुश्किल दौर में खुली पोल

सामान्‍य हालात में यह सब ठीक लगता है। लेकिन जैसे ही हालात मुश्किल होते हैं। हमारी सारी प्‍लानिंग और समझदारी की पोल खुल जाती है। ताजा मामला कोरोना का ही ले लें। इसकी वजह से करोड़ों लोग के रोजगार और नौकरियों पर असर पड़ा। किसी की नौकरी चली गई तो किसी को सैलरी कट का सामना करना पड़ा। लोगों के लिए EMI चुकाना मुश्किल हो गया। सरकार ने भी हालात को समझते हुए लोगों को ईएमआई से छह माह की राहत दी।

सेविंग और निवेश को नजर अंदाज करना पड़ा महंगा

कोरोना ने अनचाहे ही एक कड़वा सच हमारे सामने रख दिया। हम पहले भी इस सच को जानते थे लेकिन इससे आंख चुराते थे। सच यह है हम लोगों में से ज्‍यादातर लोग कार और फ्लैट की EMI वहन कर रहे हैं। लेकिन यह सेविंग और निवेश की कीमत पर है। मैं सब की बात नहीं कर रहा हूं। लेकिन ज्‍यादातर लोगों के लिए यही सच है। जब हम कार या फ्लैट खरीदने की प्‍लानिंग करते हैं तो यह कैलकुलेट करते हैं कि कार या फ्लैट की EMI चुकाने के बाद घर का खर्च आराम से चल जाएगा। बहुत कम लोग सेविंग और निवेश के बारे में सोचते हैं। आपात जरूरतों के लिए इमरजेंसी फंड। लंबी अवधि की जरूरतों के लिए निवेश। ये सब कार और फ्लैट की EMI की बलि चढ़ जाता है। अगर लोग सेविंग और निवेश की जरूरत को उतनी ही गंभीरता से लेते जितना उनको लेना चाहिए तो कोरोना के शुरूआती तीन या छह माह में ही अधिकतर लोवर मिडिल क्‍लास फैमिली के लोग इतनी असुरक्षा और तनाव में न जी रहे होते।

सेविंग के बिना कितनी डरावनी है जिंदगी

मुश्किल हालात ने हमें यह सिखाया है कि अपनी कार और फ्लैट होना जरूरी है लेकिन यह सेविंग और निवेश की कीमत पर नहीं हो सकता है। हमने देखा है कि हम अपनी कार और फ्लैट के बिना तो जी सकते हैं। लेकिन आज के दौर में खास कर मेट्रो में बिना सेविंग के रहना किस हद तक भयावह है। आज के मुश्किल दौर में भी जिन लोगों के पास अच्‍छी सेविंग है। जो बिना किसी इनकम के भी अपना एक दो साल का खर्च आराम से चला सकते हैं वे मौजूदा हालात का सामना बेहतर तरीके से कर रहे हैं। तो अब फैसला आपको करना है आप किस तरह की जिंदगी जीना चाहते हैं ?

ये लेख पहली बार दिसंबर 20, 2021 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

कुछ इंटरनेशनल फ़ंड निवेश के लिए खुले, लेकिन घरेलू फ़ंड भी दे सकते हैं मौक़ा

पढ़ने का समय 7 मिनट•आकार रस्तोगी

Jio Platforms: अगले दौर की ग्रोथ कहां से आएगी?

पढ़ने का समय 7 मिनट•सत्यजीत सेन

6 इंटरनेशनल फ़ंड्स ने अपनी पुरानी SIP बंद कीं, 5 ले रहे हैं नया निवेश

पढ़ने का समय 6 मिनट•आकार रस्तोगी

धनतेरस पर सोना ख़रीदना निवेश नहीं है

पढ़ने का समय 5 मिनट•धीरेंद्र कुमार

Paras Healthcare IPO: भविष्य के अस्पतालों के लिए क्या इतनी क़ीमत चुकाना सही है?

पढ़ने का समय 7 मिनट•Ananya Khurana

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

तीन साल का इंतज़ार

अभी-अभी पैर जमा रहे फ़ंड्स को परखने का चार-टेस्ट वाला तरीक़ा

अन्य एपिसोड

दूसरी कैटेगरी