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बड़ा सबक दे गया कोरोना का झटका

मार्च की बड़ी गिरावट और उसके बाद रिकवरी से पता चलता है कि प्‍लान पर बने रहना कितना अहम है

मार्च की बड़ी गिरावट और उसके बाद रिकवरी से पता चलता है कि प्‍लान पर बने रहना कितना अहम है

साल 2020 की शुरूआत से ही कोरोना के मामलों की खबरें आने लगी थीं। और फरवरी आते आते इसका खौफ पूरी दुनिया पर छा गया। भारत का शेयर बाजार भी इससे बुरी तरह से सहम गया था। फरवरी और मार्च में ऐसा लग रहा था कि शेयर बाजार की गिरावट थमने का नाम ही नहीं लेगी। कोरोना का डर भी कुछ ऐसा था। लग रहा था कि दुनिया तबाह हो जाएगी। खैर मार्च में ही बाजार की तेज गिरावट काफी हद तक थम गई और कुछ महीनों के बाद बाजार में तेजी का दौर भी आ गया।

जारी रखें निवेश
कोराना काल का यह बड़ा झटका निवेशकों खास कर नए और कम अनुभवी निवेशकों को एक बड़ा सबक भी दे गया। सबक यह है कि बाजार में अच्‍छा समय आएगा। बुरा समय आएगा। हो सकता है कोरोना से भी ज्‍यादा बुरा समय भी आए। लेकिन आप को अपने प्‍लान पर बने रहना है। अगर आप एसआईपी चला रहे हैं तो आपकी एसआईपी चलती रहनी चाहिए। या आप फंड में सीधे निवेश कर रहे हैं तो आपको निवेश बंद नहीं करना है। क्‍योंकि हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी का दौर भी आता है। मार्च की बड़ी गिरावट के बाद भी यही हुआ। रिकवरी का दौर कभी जल्‍दी आता है तो कभी इसमें समय लगता है।

निवेश बेचने वालों को हुआ नुकसान

नए निवेशकों के लिए कोरोना काल का यह बड़ा झटका एक अच्‍छा सबक है। अगर बड़ी गिरावट से डर कर आप निवेश बंद कर देते हैं तो आप बाजार में ऐसे समय में खरीदारी करने का मौका गवां देते हैं जब बाजार सस्‍ता है। और बड़ी गिरावट के बीच निवेश बेच कर बाजार से निकल लेना तो और भी बुरा है। मार्च की गिरावट के बावजूद जो निवेशक बाजार में बने रहे कुछ महीनों में रिकवरी का दौर शुरू हुआ और उनको हुए नुकसान की भरपाई हो गई। लेकिन जिन लोगों ने बड़ी गिरावट के बाद अपनी रकम निकाल ली। उनका नुकसान तो हो गया। अब वे इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं कर पाएंगे।

लंबी अवधि के लिए करें निवेश

अगर आप लंबी अवधि की जरूरतों जैसे रिटायरमेंट, बच्‍चों की हायर एजुकेशन या इसी तरह की दूसरी जरूरतों के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपको कम अवधि में बाजार के उतार-चढ़ाव की ज्‍यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। और लंबी अवधि के निवेश के लिए इक्विटी म्‍युचुअल फंड सबसे बेहतर विकल्‍प हैं। बस आपको प्‍लानिंग के साथ निवेश शुरू करना है। प्‍लान पर बने रहना है। और जब आप अपने गोल या जरूरतें पूरी होने के नजदीक पहुंच जाएं तो डेढ़ या दो साल पहले से ही आपको थोड़ी थोड़ी रकम निकालना शुरू कर देना चाहिए। इससे जब आपको रकम की जरूरत होगी तब आपको इस बात की चिंता नहीं करनी होगा कि इस समय बाजार ऊपर है या नीचे।

ये लेख पहली बार दिसंबर 27, 2021 को पब्लिश हुआ.

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