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उठाएं ये 4 कदम, नहीं रहेगी कल की फिक्र

आने वाले बेहतर कल के लिए आज कदम उठाना जरूरी है

आने वाले बेहतर कल के लिए आज कदम उठाना जरूरी है

कल क्‍या होगा ? कल यानी आने वाला समय। हम सब आने वाले समय की फिक्र ज्‍यादा करते हैं। कल की जरूरतें क्‍या होंगी ? ये जरूरते कैसे पूरी होंगी ? अगर इन जरूरतों को पूरा करने लायक इंतजाम नहीं हो पाया तो क्‍या होगा? लेकिन क्‍या आपने कभी सोचा है कि हमें कल की फिक्र क्‍यों होती है ?


कल की फिक्र न रहे। इसका बहुत सरल तरीका है। और यह काम आप ही कर सकते हैं। बस आपको खुद से इमानदारी से एक सवाल पूछना होगा। और इसका जवाब भी इमानदारी से देना होगा। सवाल है कि कल की फिक्र न रहे इस‍के लिए आज क्‍या कर रहे हैं। आपको इसका जवाब खुद ही मिल जाएगा। अगर आप कल यानी आने वाली जरूरतों के लिए उतना कर रहे हैं, जितना करना चाहिए तो आपको कल की फिक्र नहीं होनी चाहिए और अगर आप ऐसा नहीं कर रहे हैं तो आपको जरूर फिक्र करनी चाहिए।

कुछ गड़बड़ हो गया तो क्‍या होगा

आज के EMI कल्‍चर में हर दूसरा आदमी इस फिक्र से दो चार है। कल बड़ी रकम की जरूरत पड़ गई तो क्‍या होगा। किसी तरह की इमरजेंसी आ गई। या प्राइवेट सेक्‍टर में काम कर रहे हैं और नौकरी चली गई तो क्‍या होगा। तो यह फिक्र आपको इसलिए है क्‍योंकि आपने कोई इमरजेंसी फंड नहीं बनाया है। आपको कम से कम छह माह या 1 साल के खर्च के लायक रकम का इमरजेंसी फंड जरूर बनाना चाहिए। कोरोना का दौर है तो जोखिम और बढ़ गया है। ऐसे में आप जोखिम के हिसाब से इमरजेंसी फंड और बड़ा कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए हो सकता है कि आपको अपनी चाहतों से समझौता करना पड़े। बड़ा टीवी खरीदने का प्‍लान टालना पड़े या फैमिली टूर कैंसिल करना पड़े तो भी यह महंगा सौदा नहीं है। आप यह सब एक दो साल बाद भी कर सकते हैं। लेकिन इमरजेंसी फंड आपको जो सुकून देगा। उसके आगे यह कुछ भी नहीं है।


मेडिकल खर्च की फिक्र
आपको मेडिकल खर्च की फिक्र है कि अगर कल परिवार में किसी को कोई बीमारी हो गई तो इलाज कैसे होगा। तो यह फिक्र आपको इसलिए है क्‍योंकि आपने जरूरतों के लायक हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर नहीं खरीदा है। इसकी फिक्र करने के बजाए आप आज की फिक्र करें और अपने खर्च में थोड़ी कटौती करके खुद के लिए और परिवार के लिए हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस कवर खरीदें। यह इतना महंगा भी नहीं है कि आपकी पॉकेट से बाहर हो।


परिवार का क्‍या होगा

अगर मुझे कुछ हो गया तो परिवार का क्‍या होगा। बच्‍चों का जरूरतें कैसे पूरी होंगी। तो यह फिक्र इसलिए है क्‍योंकि आपने टर्म इन्‍श्‍योरेंस कवर नहीं खरीदा है। आप टर्म इन्‍श्‍योरेंस खरीद कर इस फिक्र को दूर कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी रकम का इंतजाम भी बहुत मुश्किल नहीं है। बस आप को हर माह 1000 या 1500 रुपए की बचत करनी होगी।

कल की जरूरतें

अब आते हैं कल की जरूरतों पर। जैसे बच्‍चों की हायर एजुकेशन या रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों पर। अगर आपको इसकी फिक्र है तो जाहिर है कि आप इसके लिए जरूरी बचत और निवेश नहीं कर रहे हैं। फिक्र छोडि़ए। बचत और निवेश शुरू करिए। और बचत और निवेश म्‍यूचुअल फंड में। 5 साल के बाद आने वाली जरूरतों के लिए इक्विटी म्‍यूचुअल फंड बेहतर है। क्‍योंकि यही आपको महंगाई की मार से भी बचाएगा और अच्‍छा रिटर्न भी देगा। और म्‍यूचुअल फंड में निवेश आप SIP के जरिए शुरू कर सकते हैं। छोटी रकम के साथ। यानी हर माह 2,000, 4,000 की रकम के साथ निवेश शुरू कर सकते हैं। और इनकम बढ़ने के साथ SIP की

ये लेख पहली बार जनवरी 05, 2022 को पब्लिश हुआ.

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