
Equity Savings Funds: नियमित इनकम की खोज में रहने वाले उन लोगों के लिए 2022 में इक्विटी सेविंग्स फ़ंड्स का प्रदर्शन संभवतः निराशाजनक रहा हो, जिनको हमने इसमें निवेश की सलाह दी थी. इसमें 4 फ़ीसदी से कुछ ज़्यादा का औसत रिटर्न बमुश्किल ही पर्याप्त इनकम उपलब्ध करा सकेगा। यह महंगाई दर से भी कम रहा, जो पिछले कुछ समय में केंद्रीय बैंक की 6 फ़ीसदी की ऊपरी सीमा से भी ज़्यादा हो गई थी. तो इन फंड्स के मामले में क्या गलत हुआ? क्या वे इनकम की आस लगाए बैठे लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहे? यहां हम उनके प्रदर्शन पर अपनी राय दे रहे हैं और साथ ही, बता रहे हैं कि क्यों वे आसानी से टिकाऊ इनकम की खोज में रहे लोगों के लिए अभी भी एक अच्छा ऑप्शन है. कमजोर प्रदर्शन की वजह पिछले साल के प्रदर्शन पर गौर करें तो इस साल ना तो इक्विटी, ना ही डेट ने अच्छा प्रदर्शन किया. रूस-यूक्रेन जंग सहित कई वजहों से महंगाई बढ़ गई. इसके चलते ब्याज दरों में हुई बढ़ोतरी का डेट और इक्विटी मार्केट पर असर पड़ा. ऐसा कम होता है कि दोनों एसेट क्लास एक ही कैलेंडर ईयर में महंगाई को पीछे छोड़ने में नाकाम रही हों. 2022 से पहले, आखिरी बार 2013 मे
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मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।
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