फंड बेसिक

म्‍यूचुअल फंड में कितना सुरक्षित है आपका निवेश?

आपको जानना ही चाहिए कि फंड निवेश में आपकी पूंजी बची रहने की गारंटी है या नहीं

आपको जानना ही चाहिए कि फंड निवेश में आपकी पूंजी बची रहने की गारंटी है या नहीं


जब कोई निवेशक पहली बार म्‍यूचुअल फ़ंड (Mutual Fund) में निवेश करने का मन बनाता है तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल पूंजी की सुरक्षा का होता है. नए निवेशक के मन में अपने पैसे गायब होने की आशंका बनी रहती है. यानि उसे पैसे का नुकसान तो नहीं उठाना होगा. और म्‍यूचुअल फ़ंड में रिटर्न की गारंटी भी नहीं होती है. इसलिए पूंजी की सुरक्षा का मसला और भी अहम हो जाता है. आइये समझते हैं कि म्‍यूचुअल फ़ंड में आपका निवेश कितना सुरक्षित रहेगा.


ये समझने से पहले आपको जानना होगा कि म्‍यूचुअल फ़ंड काम कैसे करता है. म्‍यूचुअल फ़ंड मार्केट लिंक्‍ड प्रॉडक्‍ट है. यानी यहां भी मार्केट का उतार-चढ़ाव अपना रंग दिखाता है. और म्‍यूचुअल फ़ंड आपका पैसा कई कंपनियों के शेयरों में लगाता है. ये कंपनियां यानि शेयर अलग-अलग सेक्‍टर के होते हैं. इस तरह से म्‍यूचुअल फ़ंड को डायवर्सीफिकेशन का फ़ायदा मिलता है.


यही वजह है कि म्‍यूचुअल फ़ंड में निवेश का जोखिम स्‍टॉक की तुलना में कम होता है. लेकिन फिर भी म्‍यूचुअल फ़ंड निवेश के जोखिम से परे नहीं होते हैं. और अगर आप जरूरी सावधानी नहीं रखते हैं तो म्‍यूचुअल फ़ंड निवेश में भी आपको पूंजी का नुकसान उठाना पड़ सकता है. हां, अगर आप म्‍यूचुअल फ़ंड में निवेश के कुछ बुनियादी नियमों का पालन करते हैं तो न सिर्फ म्‍यूचुअल फ़ंड में आपका पैसा सुरक्षित रहेगा बल्कि आपको शानदार रिटर्न भी मिलेगा.


सुकून छीन लेगा एकमुश्‍त निवेश

अगर आप चाहते हैं कि म्‍यूचुअल फ़ंड में आपको नुक़सान न उठाना पड़े तो आपको एक बार में बड़ी रक़म निवेश नहीं करनी चाहिए. अगर आपके पास बड़ी धनराशि है तो आप इसे 12 महीने से लेकर 3 साल तक के समय में थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करें. इससे निवेश की लागत सीमित रहेगी और जोखिम भी कम हो जाएगा. वहीं, अगर आपने एक बार में बड़ी रक़म निवेश कर दी और कुछ समय बाद ही मार्केट में बड़ी गिरावट आ जाती है तो आपको मुश्किल हो सकती है. बेहतर होगा कि आप म्‍यूचुअल फ़ंड में निवेश SIP के जरिए करें.

लंबे समय में होगा फ़ायदा

म्‍यूचुअल फ़ंड में निवेश लंबे समय के लिए करें. खासकर इक्विटी म्‍यूचुअल फ़ंड में वही रक़म निवेश करें जिसकी जरूरत आपको 5 साल या इससे अधिक समय के बाद पड़ने वाली हो. इक्विटी लंबे समय में अच्‍छा रिटर्न देती है. वहीं, अगर आप इक्विटी फ़ंड में 5 साल से कम समय के लिए निवेश कर रहे हैं तो आपको रिटर्न के मामले में निराशा हो सकती है और हो सकता है कि आपको पूंजी का नुकसान भी उठाना पड़ जाए.


डरे तो होगा नुक़सान

म्‍यूचुअल फ़ंड निवेश में सबसे अहम बात ये है कि आप निवेश के लिए सोच समझकर म्‍यूचुअल फ़ंड चुनें. दरअसल, मार्केट में अचानक बड़ी गिरावट आने पर हो सकता है कि इसका असर आपके फ़ंड पर भी दिखे. ऐसे में जरूरी है कि आप डरकर अपना निवेश न बेचें. आम तौर पर मार्केट की बड़ी गिरावट कुछ समय के लिए होती है और अगर आप इसी गिरावट में निवेश बेचकर निकल जाएंगे तो अपने नुक़सान उठा बैठेंगे. कोविड की शुरुआत के समय फरवरी 2020 में ऐसा ही हुआ और इसके बाद मार्केट 30 प्रतिशत कर गिर गया था. इस गिरावट से डरकर कुछ लोगों ने अपना निवेश बेच लिया था लेकिन अप्रैल से ही मार्केट में रिकवरी शुरू हो गई और जिन लोगों ने निवेश बनाए रखा, उनके नुक़सान की भरपाई हो गई.

ये लेख पहली बार मार्च 15, 2023 को पब्लिश हुआ.

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