वैल्यू रिसर्च से पूछें

NCD पर TAX कैसे लगता है?

NCD या नॉन कन्वर्टेबल डिबेंचर पर लगने वाला टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि वो इनकम किस तरह जनरेट करते हैं.

NCD पर TAX कैसे लगता है?

मैंने सेकेंडरी मार्केट से ₹5,000 की फ़ैस वैल्यू का एक NCD ₹5,200 में खरीदा. इसका सालाना ब्याज ₹500 था. मैंने इसे तब ख़रीदा था जब ये चार महीने में मैच्योर होने वाला था. मैच्योरिटी पर मुझे ₹5,500 मिले और मेरा मुनाफ़ा ₹300 है. तो इस पर टैक्स कैसे लगेगा? 1) ₹300 का कैपिटल गेन . 2) ₹300 की इंटरेस्ट इनकम. 3) ₹500 की इंटरेस्ट इनकम और ₹200 का कैपिटल लॉस - विनीत मित्तल

ये समझने के लिए कि NCD (non-convertible debentures) पर किस तरह टैक्स लगाया जाता है, तो हमें पहले ये जानना होगा कि उनसे किस तरह की इनकम हो सकती है.

लेकिन NCD क्या हैं?

अनजान लोगों के लिए NCD (नॉन कन्वर्टिबल डिबेंचर) एक तरह का लॉन्ग-टर्म डेट का ज़रिया है जिसे कंपनियां पैसा जुटाने के लिए जारी करती हैं. ये एक फ़िक्सड इंटरेस्ट रेट ऑफ़र करते हैं. इनकी मैच्योरिटी की तारीख़ पहले से तय होती है और इन्हें इक्विटी शेयर में नहीं बदला जा सकता है.

ये भी पढ़ें: NSC से प्री-मेच्योर विड्रॉल हो सकता है?

NCD से इनकम

NCD से दो तरह की इनकम जनरेट हो सकती है: ब्याज से मिलने वाली (इंटरेस्ट) और कैपिटल गेन से मिलने वाली. NCD, एक फ़िक्सड इंटरेस्ट पेआउट के तौर पर ब्याज की इनकम देता है. इस इनकम को आपकी टैक्स वाली इनकम में जोड़ दिया जाता है. और लागू टैक्स स्लैब के अनुसार इस पर टैक्स लगता है.

कैपिटल गेन इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने समय के लिए NCD रखते हैं. अगर आप इसे 12 महीने के अंदर बेचते हैं, तो इससे होने वाले मुनाफ़े को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन माना जाता है. यानी, इसे (निवेशक की कुल आमदनी में जोड़ा जाता है) और टैक्स स्लैब के मुताबिक़ टैक्स लगता है. अगर आप इसे 12 महीने बाद बेचते हैं, तो इस मुनाफ़े को लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन माना जाता है और बिना इंडेक्सेशन के 10 प्रतिशत के कम-रेट से टैक्स लगता है.

आपकी जानकारी के आधार पर

ऐसा लगता है कि रिडीम करने पर आपको NCD की फ़ेस वैल्यू के तौर पर, ₹5,000 और सालाना ब्याज के रूप में ₹500 मिले हैं.

जैसा ऊपर बताया है, ₹500 की ब्याज से मिली आमदनी को आपकी टैक्स वाली इनकम में जोड़ा जाएगा और लागू स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाएगा.

कैपिटल गेन के संबंध में, ऐसा लगता है कि आपको ₹200 का शॉर्ट-टर्म कैपिटल का नुक़सान हुआ है, क्योंकि आपने NCD को ₹5,200 में ख़रीदा और चार महीने तक होल्ड करने के बाद इसे ₹5,000 में रिडीम किया था.

इस शॉर्ट-टर्म कैपिटल लॉस की भरपाई आपके किसी भी दूसरे शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन से पूरी की जा सकती है. किसी भी बचे हुए “unutilised” लॉस को लगातार आठ साल तक के लिए आगे बढ़ा सकते हैं.

ये भी पढ़ें: 10 साल के लिए ₹5 लाख कहां निवेश कर सकते हैं?

ये लेख पहली बार मार्च 18, 2024 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

20% रिटर्न, हर महीने ₹1 लाख: क्या ऐसी उम्मीद लगाना सही है?

पढ़ने का समय 6 मिनटअभिषेक राणा

मिडिल ईस्ट में युद्ध और असर आपकी जेब पर

पढ़ने का समय 6 मिनटउदयप्रकाश

‘मेरे पोर्टफ़ोलियो में 25 फ़ंड हैं. शुरुआत कहां से करूं?’

पढ़ने का समय 5 मिनटउदयप्रकाश

इमरजेंसी फ़ंड की समस्या

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

क्या आपका म्यूचुअल फ़ंड सच में आपके लिए काम कर रहा है?

पढ़ने का समय 5 मिनटअमेय सत्यवादी

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

एक 'बोरिंग' बजट की ख़ूबसूरती

एक 'बोरिंग' बजट की ख़ूबसूरती

जब मीडिया किसी सनसनी की तलाश में भटकता है, तो यह अक्सर इस बात का संकेत होता है कि आपके फ़ाइनेंसेज सुरक्षित हाथों में है

दूसरी कैटेगरी