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इंडेक्सेशन का असर: गोल्ड और हाइब्रिड फ़ंड का विकल्प

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और इक्विटी सेविंग, लोगों के पसंदीदा विकल्प के तौर पर उभर कर सामने आए हैं

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड और इक्विटी सेविंग, लोगों के पसंदीदा विकल्प के तौर पर उभर कर सामने आए हैं

आइए पहले उन निवेशकों की बात करें जो सोने को एसेट मानते हैं. वैसे, हम भी मानते हैं कि भारत में एसेट के तौर पर लोग गोल्ड के दीवाने हैं, मगर लंबे अर्से में ये आपके लिए कोई पैसा नहीं बनाता. गोल्ड म्यूचुअल फ़ंड के ट्रेलिंग रिटर्न इस मामले में गोल्ड के बेअसर होने की बात साबित करते हैं. और यही नहीं, इंडेक्सेशन का ख़त्म कर दिया जाना, निवेश के तौर पर गोल्ड के लिए ताबूत का आख़िरी कील हो गया है. हालांकि, अगर आप गोल्ड में निवेश को लेकर अब भी अड़े हुए हैं क्योंकि मुश्किल वक़्त में ये सुरक्षित समझा जाता है, तो हमारा सुझाव है कि आप सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश पर ग़ौर करें. ये सस्ते होते हैं. मैच्योरिटी तक अपने

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