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Mutual Funds: बंपर रिटर्न के लिए कैसे करें निवेश की शुरुआत ?

बहुत से लोग निवेश की जरूरत तो समझते हैं लेकिन उनको पता नहीं होता कि कैसे शुरुआत करें और क्‍या करें

बहुत से लोग निवेश की जरूरत तो समझते हैं लेकिन उनको पता नहीं होता कि कैसे शुरुआत करें और क्‍या करें

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Mutual Funds: निवेश शुरू करने से पहले ज़्यादातर लोगों के मन में ये सवाल आता होगा. पहली बात तो ये है कि सफल निवेश की ओर आपका पहला कदम अपने फ़ाइनांस पर गौर करने के साथ शुरू होता है. हालांकि, आपको सबसे पहले अपनी इनकम, ख़र्च, देनदारी और बचत के बारे में जानना चाहिए. निश्चित तौर पर आप इन सभी बातों के बारे में मोटे तौर पर जानते ही होंगे. लेकिन इतना ही काफ़ी नहीं है. आपको इन बातों को लेकर पूरी तरह स्‍पष्‍ट होना चाहिए.

जरूरी है सेविंग्स बढ़ाना
निवेश के लिए ज़्यादा रक़म उपलब्‍ध हो, इसके लिए सेविंग्स बढ़ाना अहम है. इसीलिए आपको अपने ख़र्च पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, ख़ास कर ऐसे ख़र्च पर जो गैर ज़रूरी हैं. आपको इन ख़र्चों में कमी करने की कोशिश करनी चाहिए. इसी तरह, आपको अपनी देनदारियों पर भी गौर करना चाहिए और ये आकलन करना च‍ाहिए कि इन पर कितनी लागत आ रही है. उदाहरण के लिए, अगर आप पर क्रेडिट कार्ड बिल (credit card bill payment) की बड़ी रक़म बकाया है तो आपको सबसे पहले इस बिल को चुकाना चाहिए. इस बात का कोई मतलब नहीं है कि आप क्रेडिट कार्ड बकाए पर 40 फ़ीसदी ब्‍याज दें और निवेश पर 10-12 फ़ीसदी रिटर्न हासिल करें.

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इसके बाद कुछ ऐसे काम हैं जो आपको निवेश शुरू करने से पहले कर लेने चाहिए. सबसे पहले ख़ुद के लिए और परिवार के लिए हेल्‍थ इंश्योरेंस (health insurance) कवर ख़रीदें. दूसरा, अगर कोई आप पर आर्थिक रूप से निर्भर है तो टर्म लाइफ़ कवर ख़रीदें. तीसरी बात, एक इमरजेंसी फ़ंड बनाएं जो कम से कम छह महीने के ख़र्च को कवर कर सके. इन कदमों से यह सुनिश्चित होगा कि किसी तरह की अप्रत्‍याशित घटना से आपके निवेश प्‍लान पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा.

इसके बाद दें इन सवालों के जवाब
1- आपका वित्‍तीय गोल (Financoal Goal) क्‍या है ?
2- आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं ?
3- आपको किस तरह के विकल्‍प में निवेश करना चाहिए ?
4- आपको कितनी रक़म निवेश करनी चाहिए ?

आप इन सवालों का जवाब देते समय कुछ भी छुपाने की कोशिश न करें. अगर आप अपने तमाम गोल और आपको कितनी रकम की ज़रूरत है, सही तरह से तय नहीं करते हैं तो आप अपने गोल को हासिल नहीं कर पाएंगे. ऐसा इसलिए है क्‍योंकि अगर आप कोई गोल भूल जाते हैं तो दूसरे निवेश प्‍लान पर इसका बहुत बुरा असर पड़ सकता है. इसीलिए ये बात बेहद अहम है कि निवेश की अवधि और निवेश का विकल्‍प सही चुना जाए.

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आप इस पर कैसे आगे बढ़ सकते हैं इसे उदाहरण से समझ सकते हैं:

गोल: विदेश में हॉलीडे के लिए ₹8 लाख.

समय: पांच से सात साल

विकल्‍प: इक्विटी म्यूचुअल फंड (Mutual Funds)

निवेश: ₹10,500 प्रति माह

अब आप जल्‍दी से एक्‍सेल शीट खोलें और यह पता करने के लिए फ्यूचर वैल्‍यू फॉर्मूला लागू करें कि आप अपना गोल हासिल कर पाएंगे या नहीं. या इससे भी आसान तरीका है, आप अपना सेविंग कैलकुलेटर इस्‍तेमाल कर सकते हैं. मान लेते हैं कि आपका निवेश सालाना 10 फ़ीसदी रिटर्न देगा तो आप पांच साल में ₹8 लाख का कॉर्पस बना पाएंगे. इसका मतलब है कि विदेश में हॉलीडे काफ़ी हद तक आपकी पहुंच में है.

इसी तरह से आप अपने फ़ाइनेंशियल गोल के लिए एक तय समय में एक तय रक़म जमा करने के लिए हर माह कितनी रक़म निवेश करने की ज़रूरत है यह कैलकुलेट कर सकते हैं या यह पता कर सकते हैं कि एक तय मासिक निवेश से आप जितनी रक़म बनाना चाहते हैं उसमें कितना समय लगेगा.

एक बार अपने फ़ाइनेंशियल गोल की लिस्‍ट बना लेने के बाद आप एक प्‍लान बनाने के लिए ऊपर बताए गए तरीके को अपना सकते हैं. इससे आप अपने फ़ाइनें‍शियल गोल हासिल कर सकते हैं.

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ये लेख पहली बार जून 13, 2023 को पब्लिश हुआ.

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