IPO अनालेसिस

Hero Motors IPO: EV कारोबार बढ़ रहा है, लेकिन क्या इतनी क़ीमत चुकाना सही है?

पावरट्रेन कारोबार में तेज़ सुधार है, लेकिन शेयर की ज़्यादा क़ीमत को सही ठहराने के लिए कंपनी को आगे भी बेहतर नतीजे देने होंगे

पावरट्रेन कारोबार में तेज़ सुधार है, लेकिन शेयर की ज़्यादा क़ीमत को सही ठहराने के लिए कंपनी को आगे भी बेहतर नतीजे देने होंगेAnand Kumar/AI-Generated Image

सारांशः हीरो मोटर्स का क़रीब आधा कारोबार इलेक्ट्रिक बाइक के गियर बनाने का है. इसका मार्जिन यानी बिक्री में मुनाफ़े का हिस्सा बढ़कर क़रीब 15% हो गया है. स्टैंड, गार्ड और स्विंग आर्म बनाने वाला दूसरा हिस्सा पिछले साल घाटे में रहा. IPO में कंपनी पहले हिस्से की बढ़त के भरोसे ज़्यादा क़ीमत मांग रही है. लेकिन दूसरे हिस्से का घाटा देखते हुए क्या इतनी क़ीमत चुकाना सही है?

हीरो मोटर्स का ₹1,000 करोड़ का IPO 16 सितंबर 2026 को खुलेगा. इसमें कंपनी ₹600 करोड़ के नए शेयर (फ़्रेश इश्यू) जारी करेगी. बाक़ी ₹400 करोड़ का ऑफ़र फ़ॉर सेल है, जिसमें मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर बेचेंगे. प्राइस बैंड के ऊपरी भाव ₹84 पर पूरी कंपनी की क़ीमत क़रीब ₹3,815 करोड़ बैठती है. फ़्रेश इश्यू से मिलने वाली रक़म में से ₹190 करोड़ क़र्ज़ चुकाने और ₹200 करोड़ पावरट्रेन की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ख़र्च होंगे.

कंपनी का कारोबार क्या है

हीरो मोटर्स गाड़ियों के पुर्ज़े बनाकर सप्लाई करती है. इनमें गाड़ी को चलाने वाले पावरट्रेन सिस्टम भी शामिल हैं. वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में कुल रेवेन्यू का 53.7% पावरट्रेन सॉल्यूशंस से आया. इस कारोबार के दो हिस्से हैं. पहला है गियर्स एंड ट्रांसमिशंस (G&T), जो मोटरसाइकिलों, कारों, हाई-परफ़ॉर्मेंस गाड़ियों और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए प्रिसीजन गियर, गियरबॉक्स और ट्रांसमिशन सिस्टम बनाता है. दूसरा है बाइक पावरट्रेन, जो ई-बाइक और दूसरे छोटे इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कंटिन्युअसली वेरिएबल ट्रांसमिशन (CVT) हब, मोटर और इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम बनाता है.

बाक़ी 46.3% रेवेन्यू अलॉयज़ एंड मेटैलिक्स (A&M) कारोबार से आया. इसमें चेन केस, स्विंग आर्म, स्टैंड, इंजन गार्ड, सिलिंडर ब्लॉक, सस्पेंशन फ़ोर्क और हैंडलबार जैसे आम इस्तेमाल वाले पुर्ज़े बनते हैं. FY26 में कंपनी ने 23 देशों के ग्राहकों को सप्लाई की. कुल रेवेन्यू में विदेशी ग्राहकों की हिस्सेदारी 41.4% रही.

कंपनी की बढ़त का असली सहारा EV कारोबार

हीरो के कुल रेवेन्यू को देखें, तो बढ़त बहुत ख़ास नहीं लगती. पिछले दो साल में ये सिर्फ़ 5.7% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ा. लेकिन कंपनी के अलग-अलग कारोबार की बढ़त में बड़ा फ़र्क़ है.

रेवेन्यू (₹ करोड़) FY26 FY25 FY24 2 साल की CAGR (%)
EV 273 176 128 46.1
नॉन-EV 915 914 936 -1.1
कुल 1,188 1,090 1,064 5.7

FY26 में EV कारोबार से जुड़े रेवेन्यू में 55.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कुल बिक्री में इसकी हिस्सेदारी अब 23% है, जबकि FY24 में ये सिर्फ़ 12% के स्तर पर थी. वहीं, EV के अलावा बाक़ी कारोबार का रेवेन्यू दो साल पहले से भी कम है.

ख़ास बात ये है कि FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू क़रीब ₹99 करोड़ बढ़ा. इसमें अकेले EV कारोबार ने क़रीब ₹98 करोड़ जोड़े. यानी उस साल रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी का लगभग 99% हिस्सा EV प्रोडक्ट से आया.

पावरट्रेन में सुधार, A&M में बढ़ती परेशानी

कारोबार का प्रदर्शन (₹ करोड़) FY26 FY25 FY24
G&T रेवेन्यू 488.9 452.7 418.1
बाइक पावरट्रेन रेवेन्यू 148.9 81.5 102.2
पावरट्रेन रेवेन्यू 637.8 534.2 520.2
पावरट्रेन कारोबार का मुनाफ़ा 104.1 67.6 67
पावरट्रेन मार्जिन (%) 16.3 12.6 12.9
A&M रेवेन्यू 550.6 555.3 544.2
A&M कारोबार का मुनाफ़ा -15.9 6.2 29.9
A&M मार्जिन (%) -2.9 1.1 5.5

FY26 में पावरट्रेन कारोबार का रेवेन्यू 19.4% बढ़ा, जबकि मुनाफ़े में 54% की बढ़ोतरी हुई. G&T कारोबार में EV से मिलने वाला रेवेन्यू FY24 के क़रीब ₹26 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹120 करोड़ हो गया. इसी दौरान G&T के नॉन-EV कारोबार का रेवेन्यू ₹392 करोड़ से घटकर ₹369 करोड़ रह गया. बाइक पावरट्रेन का पूरा कारोबार अब EV से जुड़ा है.

A&M कारोबार की हालत कमज़ोर है. इसका रेवेन्यू लगभग पहले जैसा है. FY24 में इससे ₹30 करोड़ का मुनाफ़ा हुआ था, जबकि अब ₹16 करोड़ का घाटा है. कंपनी के IPO दस्तावेज़ (RHP) में ख़र्च बढ़ने-घटने का पूरा ब्योरा नहीं है. लेकिन मुख्य शीट-मेटल प्लांट का उत्पादन नहीं बढ़ा, ग्राहकों की तरफ़ से क़ीमतों पर दबाव है और क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो रहा. इनसे लगता है कि उत्पादन इतना नहीं बढ़ पाया कि हर यूनिट पर तय ख़र्च का बोझ घट सके. यही कमज़ोर ऑपरेटिंग लीवरेज है. मैनेजमेंट ये कारोबार छोड़ना नहीं चाहता. उसकी योजना हल्के अलॉय प्रोडक्ट, प्रीमियम मोटरसाइकिलों के पुर्ज़ों और ज़्यादा क़ीमत वाले फ़ोर्जिंग पुर्ज़ों की हिस्सेदारी बढ़ाने की है.

बिक्री से ज़्यादा तेज़ी से बढ़ा मुनाफ़ा

फ़ाइनेंशियल आंकड़े 2 साल की CAGR (%) FY26 FY25 FY24
रेवेन्यू (₹ करोड़) 5.7 1,188 1,090 1,064
EBITDA (₹ करोड़) 30.9 147.8 114 86.3
एडजस्टेड EBITDA (₹ करोड़) 12.9 160.2 128.8 125.7
PAT (₹ करोड़) 55.5 41.2 32.8 17
कुल क़र्ज़ (₹ करोड़) 14.8 400.8 407.6 304

ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइज़ेशन से पहले की कमाई को EBITDA कहते हैं. इसका मार्जिन 8.1% से बढ़कर 12.4% हो गया. टैक्स के बाद का मुनाफ़ा (PAT) भी दोगुने से ज़्यादा हो गया. हालांकि, शेयरों से जुड़े कम्पनसेशन का ख़र्च FY24 के ₹39.5 करोड़ से घटकर FY26 में ₹10.5 करोड़ रह गया. मुनाफ़े में हुई बढ़ोतरी की एक वजह इस ख़र्च का कम होना भी है.

हर प्लांट का हाल एक जैसा नहीं

कंपनी ₹200 करोड़ से गौतम बुद्ध नगर के पावरट्रेन प्लांट की क्षमता बढ़ाएगी. FY26 में ये प्लांट अपनी कुल क्षमता के 88.3% पर काम कर रहा था. इसलिए यहां गियर बनाने की क्षमता बढ़ाने की ज़रूरत समझ आती है.

HYM और Spur में उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ रहा है, लेकिन क्षमता का इस्तेमाल अभी कम है. ज़्यादा चिंता थाईलैंड से जुड़ी है. वहां FY24 में 12% क्षमता का इस्तेमाल हो रहा था, जो FY26 में घटकर सिर्फ़ 3.9% रह गया. UK में भी ये घटकर 24.2% रह गया. प्लांट में कम उत्पादन होने पर भी वेतन, रखरखाव, बिजली-पानी और डेप्रिसिएशन जैसे तय ख़र्च बने रहते हैं. इससे हर यूनिट पर ख़र्च बढ़ता है और मुनाफ़े पर दबाव पड़ता है. थाईलैंड में यही हुआ. वहां FY25 में ₹3.2 करोड़ का मुनाफ़ा था, जबकि FY26 में ₹6.7 करोड़ का घाटा हुआ. हीरो का फ़िक्स्ड-एसेट टर्नओवर भी FY24 के 2.40 गुने से घटकर FY26 में 1.83 गुना रह गया. यानी प्लांट और मशीनरी जैसे एसेट में लगे पैसे के मुक़ाबले कम रेवेन्यू आ रहा है. इसलिए इन प्लांट में उत्पादन बढ़ाना ज़रूरी है, ताकि मार्जिन सुधरे, एसेट का बेहतर इस्तेमाल हो और लगाई गई पूंजी पर ज़्यादा रिटर्न मिले.

Hero Motors IPO की जानकारी

जानकारी ब्योरा
कुल IPO साइज़ (₹ करोड़) 1,000
फ़्रेश इश्यू (₹ करोड़) 600
ऑफ़र फ़ॉर सेल (₹ करोड़) 400
प्राइस बैंड (₹) 79-84
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ें 16-18 सितंबर 2026
रक़म का इस्तेमाल क़र्ज़ चुकाने, पावरट्रेन की क्षमता बढ़ाने, दूसरे कारोबार ख़रीदने और कंपनी की सामान्य ज़रूरतों के लिए

IPO के बाद

जानकारी ब्योरा
मार्केट कैप (₹ करोड़) 3,815.40
नेटवर्थ (₹ करोड़) 1,081
प्रमोटर हिस्सेदारी (%) 61.6
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 92.7
प्राइस/बुक रेशियो (P/B) 3.5
मुख्य रेशियो 3 साल का औसत FY26 FY25 FY24
ROE (%) 6.9 8.6 7.7 4.5
ROCE (%) 20.6 19.8 18.8 23.2
EBIT मार्जिन (%) 5 6.3 5 3.6
डेट-टू-इक्विटी (गुना) 0.87 0.83 0.96 0.81
ROCE निकालने के लिए एडजस्टेड EBITDA को कारोबार में लगी औसत पूंजी से भाग दिया गया है.

इतनी ज़्यादा क़ीमत किस उम्मीद पर?

FY26 के आंकड़े P/E (गुना) P/B (गुना)
हीरो मोटर्स 92.7 3.5
CIE ऑटोमोटिव इंडिया 16.1 1.86
एंड्योरेंस टेक्नोलॉजीज़ 38.5 5.5
सोना BLW प्रिसिज़न फ़ोर्जिंग्स 69 8.4
ऊनो मिंडा 57 10.2
वैरॉक इंजीनियरिंग 46.7 7.45

इसकी जैसी दूसरी कंपनियों का मीडियन P/E क़रीब 46.7 गुना है. यानी उनके P/E को छोटे से बड़े क्रम में रखें, तो बीच का आंकड़ा 46.7 है. हीरो का P/E इससे क़रीब दोगुना है. इसके बावजूद FY26 में नेटवर्थ के मुक़ाबले मुनाफ़ा कमाने में हीरो इन कंपनियों में सबसे पीछे रही.

इतनी ज़्यादा क़ीमत तभी सही ठहरेगी, जब हीरो आगे पहले से कहीं बेहतर प्रदर्शन करेगी. ऐसा हो सकता है. EV रेवेन्यू तेज़ी से बढ़ रहा है, पावरट्रेन का मार्जिन क़रीब 15% पर पहुंच चुका है और IPO के बाद क़र्ज़ घटने की उम्मीद है. लेकिन नॉन-EV रेवेन्यू नहीं बढ़ रहा, A&M घाटे में है और कई प्लांट में पैसा लगाने के बावजूद क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो रहा.

FY26 की अर्निंग्स की तुलना में क़रीब 93 गुने भाव पर इन सुधारों की उम्मीद पहले से शेयर की क़ीमत में शामिल है. यानी आगे मिलने वाले फ़ायदे के एक बड़े हिस्से की क़ीमत निवेशक आज ही चुका रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: Purple Style Labs: कम कस्टमर लेकिन ज़्यादा घाटा, क्या निवेश करना चाहिए?

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

गिरावट कमज़ोर इनकम प्लान की पोल खोल देती है, क्या आपका प्लान सुरक्षित है?

पढ़ने का समय 2 मिनट•आशुतोष गुप्ता

आपका शेयर 52-वीक लो पर पहुंच गया, अब क्या करें?

पढ़ने का समय 5 मिनट•अभिनव गोयल

EAAA India Alternatives IPO: निवेश की दुनिया में एक अलग तरह की फंड मैनेजर

पढ़ने का समय 6 मिनट•अर्पित सूरी

सोलर पंप कंपनियों की ग्रोथ कहां अटक गई?

पढ़ने का समय 6 मिनट•अर्पित सूरी

6 इंटरनेशनल फ़ंड्स ने अपनी पुरानी SIP बंद कीं, 5 ले रहे हैं नया निवेश

पढ़ने का समय 6 मिनट•आकार रस्तोगी

स्टॉक पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

गिरावट का मतलब नुक़सान नहीं होता

आपकी स्क्रीन पर लाल रंग का नंबर कोई नुक़सान नहीं है, आप उस पर कोई कदम उठाकर ही उसे पक्का करते हैं

अन्य एपिसोड

ipo banner

हाल के IPO

नाम प्राइस बैंड (₹) बोली लगाने की तारीख़
Maxwell Engineering Solutions 150 - 158 30-अक्तूबर-2026 से 03-नवंबर-2026
HGS (India) 114 - 120 30-अक्तूबर-2026 से 03-नवंबर-2026
Vectras Enprocon 99 - 105 30-अक्तूबर-2026 से 03-नवंबर-2026
Johnsoncab Electricals 190 - 200 30-अक्तूबर-2026 से 03-नवंबर-2026
IPO मॉनिटर

दूसरी कैटेगरी