
DSP Midcap: पिछले ढाई साल में DSP मिडकैप फ़ंड का परफ़ॉरमेंस बेंचमार्क और अपने प्रतिस्पर्धी फ़ंड्स दोनों स्तरों पर कमज़ोर रहा है. ख़राब परफ़ॉरमेंस का ये दौर पिछले दशक में सबसे लंबा है और इसका असर उसके लंबे समय के ट्रैक रिकॉर्ड पर दिखना शुरू हो गया है. वर्ष 2023 की बात करें तो भले ही फ़ंड, परफ़ॉरमेंस से जुड़ी लिस्ट में टॉप 50 से 75 फ़ीसदी फ़ंड में बना हुआ है, लेकिन इसका लगातार ख़राब परफ़ॉरमेंस का मार्जिन -17 प्रतिशत (2021) से घटकर -2 प्रतिशत (2023 में अभी तक) रह गया है. परफ़ॉरमेंस की वजह पिछले छह महीनों में, केमिकल, हेल्थ सर्विस और कंज़्यूमर डिस्क्रेशनरी जैसे सेक्टर में निवेश के चलते फ़ंड के परफ़ॉरमेंस पर दबाव बढ़ा है. इसकी टॉप होल्डिंग्स- भारत फ़ोर्ज, अतुल लिमिटेड, फ़ेडरल बैंक और इप्का लेबोरेटरीज़ ने भी ख़राब परफ़ॉरमेंस में योगदान दिया है. DSP म्यूचुअल फ़ंड के इक्विटी हेड विनीत सांबरे ने बदलाव की उम्मीद ज़ाहिर करते हुए कहा, “हम बुनियादी फ़ैक्टर्स में मज़बूती आने के साथ ज़्यादा बेहतर माहौल में हैं. हमारे पास कुछ
खरीदें, होल्ड करें या बदलें। सही सलाह पाएं।
मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।
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