
मिराए एसेट फ़ोकस्ड फ़ंड का पोर्टफ़ोलियो फ़ोक्स्ड तरीक़े से चलता है, यानी, किसी भी एक समय में इसके पोर्टफ़ोलियो में 30 से ज़्यादा स्टॉक नहीं होते हैं. ये अपने जैसे दूसरे फ़ंड्स के मुक़ाबले, मिड-कैप कंपनियों में अपना एक्सपोज़र काफ़ी ज़्यादा रखता है और इसके पास ग्रोथ और वैल्यू-ओरिएंटेड स्टॉक का अच्छा मिलाजुला पोर्टफ़ोलियो है. 2019 में, फ़ंड ने शानदार शुरुआत की थी, मगर 2022 से ये कुछ मुश्किलें झेल रहा है. इस साल, फ़ंड के नतीजे बेंचमार्क जैसे रहे हैं मगर ये अपने जैसे एवरेज फ़ंड (average peer) के मुक़ाबले 2-3 प्रतिशत से पिछड़ रहा है. हालांकि, इसके कमतर प्रदर्शन का स्तर पिछले साल के मुक़ाबले कहीं कम है. प्रदर्शन के कारण ज़्यादा टॉप होल्डिंग्स – जैसे कि HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, इंफ़ोसिस, ICICI बैंक – ने कुछ समय के दौरान कमज़ोर या कमतर प्रदर्शन किया है जिससे इ
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मेरा पोर्टफोलियो कैसा चल रहा है? मुझे क्या सुधार करना चाहिए? मुझे आगे कहाँ निवेश करना चाहिए? फंड एडवाइज़र इन सभी सवालों के जवाब देता है। हर शनिवार एडवाइज़र नोट। हर दूसरे शनिवार धीरेंद्र कुमार के साथ लाइव सत्र।
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