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Investment Portfolio 1: अमीर बनने का फ़ूलप्रूफ़ प्लान

निवेश पोर्टफ़ोलियो की 5 पार्ट सीरीज़ जो अलग-अलग उम्र के लोगों को वैल्थ बनाने में मदद करेगी

निवेश पोर्टफ़ोलियो की 5 पार्ट सीरीज़ जो अलग-अलग उम्र के लोगों को वैल्थ बनाने में मदद करेगी

हम सभी ने पारंपरिक भारतीय भोजन की थालियां देखीं हैं. इनमें कई तरह की सब्जियां, दालें, रोटी, चावल, मिठाई, अचार और रायते जैसे तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन होते हैं. ये खाना हमारी ख़ुराक की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ तीखा, खट्टा, नमकीन, मसालेदार और मीठा, हर तरह के स्वाद का मज़ा देता है. तरीक़े से सजी इन थालियों की तरह, जीवन की अलग-अलग इच्छाओं को पूरा करने के लिए हमारी कमाई को भी एक कई आयामों वाली प्लानिंग की ज़रूरत होती है. ऐसी योजना, जिसमें हर ज़रूरत का ध्यान रखा गया हो और साथ ही बदलती परिस्थितियों के मुताबिक़ ढ़लने की क्षमता भी हो. सही फ़ाइनेंशियल प्लानिंग भी एक लज़ीज भारतीय थाली की तरह है, जो ज़िंदगी की तमाम ज़रूरतों और आनंद, दोनों को बनाए रखने में मदद करती है. अब हम आपके सामने अपनी पांच थालियों में से पहली थाली पेश हैं 25 से 35 साल के लोगों के लिए मॉडल पोर्टफ़ोलियो प्रीति से मिलिए. ज़्यादातर 25 साल के युवाओं की तरह, वो अकेली है और जीवन की बड़ी ज़िम्मेदारियों से आज़ाद. ₹50,000 की मंथली सैलरी के साथ वो आराम की ज़िंदगी जीना चाहती है और कभी-कभी नए अनुभवों और जीवन की बेहतर चीज़ों को इंज्यॉय करना चाहती है. अपनी चाहत के बावजूद, वो अपनी इनकम का कुछ हिस्सा बैंक खाते में जमा करती है, क्योंकि उसने अपने माता-पिता को प्लानिंग की कमी के कारण आर्थिक रूप से संघर्ष करते देखा है. उनकी ग़लती से बचने के लिए, वो अपने भविष्य की योजना जल्दी बनाना चाहती है. 'जितनी जल्दी उतना बेहतर' का सिद्धांत निवेश की ऐसी थाली तैयार करने पर भी लागू होता है. आपके पास जितना ज़्यादा समय होगा, आपकी थाली में व्यंजनों का स्वाद उतना ही लज़ीज होगा. इसलिए, हमने प्रीति की ज़रूरतों और भविष्य की ज़िम्मेदारियों की एक थाली बनाने का फ़ैसला किया और दिखाया कि वो इसे ख़ुद कैसे सजा सकती है. मासिक ख़र्च (कमाई का 40-50 फ़ीसदी) जिसमें किराया, यूटिलिटी बिल और किराने का सामान साथ शामिल है. अब क्योंकि प्रीति कानपुर में रहने वाले अपने माता-पिता से दूर एक बड़े शहर में रहती है, इसलिए उसका ख़र्च बहुत ज़्यादा हैं. लेकिन अगर आप अपने माता-पिता के साथ रहते हैं, तो आपके लिए ये ख़र्च कम होंगे. उस स्थिति में, अपने दूसरे लक्ष्यों के लिए इन्वेस्टमेंट का एलोकेशन बढ़ाने के लिए ख़ुद को आज़ाद मानें. ये भी पढ़िए - Stock Rating Update: 10 जून की रेटिंग के अपडेट जानिए इमरजेंसी (इनकम का 8-12 फ़ीसदी), कभी भी धमक सकती है. तो, इसके लिए कुछ पैसे अलग से बचाना शुरू करें. मेडिकल इमरजेंसी हो जाए तो उससे निपटने का सही तरीक़ा है: स्वास्थ्य बीमा (Health insurance). अपने माता-पिता से भी ऐसा ही करने को कहें. ऐसा करके, आप हेल्थ क्राइसेस के लिए अलग रखे गए पैसों की ज़रूरत को कम कर सकते हैं और उस पैसे क

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