
पिछले साल बढ़ती ब्याज़ दरों के तूफान का बख़ूबी सामना करने वाले एक्सिस शॉर्ट टर्म फ़ंड ने फिर से अपनी क्षमता साबित की है. वर्ष 2023 में 6 फ़ीसदी से ज़्यादा रिटर्न देते हुए फ़ंड ने लगातार 5वीं बार इस कैटेगरी के एवरेज को पीछे छोड़ दिया है. ऊंची ब्याज दरों से फ़ायदा भले ही, फ़ंड मुख्य रूप से उन बॉन्ड्स में निवेश करने की अपनी स्ट्रैटजी पर कायम है जो 2 से 4 साल के बीच मेच्योर होंगे, लेकिन इसने 2023 में तुलनात्मक रूप से लंबे समय यानी सात साल से ज़्यादा में मेच्योर होने वाले विकल्पों में ज़्यादा ख़रीदारी जारी रखी. उसे भरोसा है कि ज़्यादातर बाज़ारों में रेट साइकिल अपने पीक पर पहुंच चुका है. एक्सिस में फ़िक्स्ड इनकम के सह-प्रमुख देवांग शाह ने कहा कि यील्ड में बढ़ोतरी के साथ, पोर्टफ़ोलियो का ड्यूरेशन बढ़ाने का फ़ंड को अच्छा फ़ायदा मिल रहा है. उन्हों
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