वर्ड्स वर्थ

Charlie Munger: कहानी एक सदी की

फ़ाइनेंशियल जीनियस का फ़ाइनल चैप्टर

फ़ाइनेंशियल जीनियस का फ़ाइनल चैप्टर

back back back
4:28

चार्ली मंगर का उनके 100वें जन्मदिन से कुछ ही दिन पहले देहांत, पूरी दुनिया की बहुत बड़ी क्षति है. वॉरेन बफ़े के नज़दीक़ी सहयोगी, बर्कशायर हैथवे के वाइस-चेयरमैन अपने तेज़-तर्रार दिमाग, मेंटल मॉडल, निवेश की ज़बरदस्त समझ और मज़ाकिया स्वभाव के लिए जाने जाते थे.

ये अचरज की बात नहीं कि इतने सालों के दौरान, हमने उनके निवेश की फ़िलॉसफ़ी और समझ को काफ़ी डिटेल में कई बार कवर किया. मंगर की गहरी समझ को दिखाने वाली कुछ बातें हम यहां आपसे साझा कर रहे हैं, जो हर किसी के लिए बहुत काम की हो सकती हैं.

निवेश की फ़िलॉसफ़ी (एक विज़नरी इन्वेस्टर)

बात चाहे इनसेंटिव की ताक़त की हो या फिर तथ्यों को नज़रअंदाज़ न करने की अहमियत की, मंगेर हमेशा ज्ञान के महत्व और नई जानकारियों के मुताबिक़ ख़ुद को ढ़ालने पर ज़ोर देते रहे.

उनके खज़ाने से कुछ पाठ (एक टीचर)

उन्होंने हमेशा शोर पर ध्यान न देने की बात की और कहा कि इसके बजाय नए बदलावों की समझ बढ़ानी चाहिए. उनके मुताबिक़, निवेश तर्कसंगत होने चाहिए न कि ईर्ष्या के चलते किए जाने चाहिए. 1995 में, हार्वर्ड लॉ स्कूल के छात्रों को दिए गए अपने 'मानव के ग़लत फ़ैसले करने का मनोविज्ञान' भाषण में, मंगर ने ये भी बताया कि कैसे एक निवेशक के फ़ैसले केवल सतही नहीं बल्कि गहरी समझ से उपजने चाहिए.

मनोवैज्ञानिक मॉडल (एक गहरा विचारक)

ठीक ही कहा गया है कि मंगर के पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ '30-सेकंड' वाले दिमागों में से एक है. इससे पहले कि आप अपना वाक्य पूरा कर पाते, वो उसका पूरा सार देख सकते थे.

उन्होंने ये कैसे किया? असलियत को पहचान कर और उसे अपने मानसिक मॉडल पर परख कर. इन मॉडलों ने उन्हें बिज़नस, जीवन और शेयर बाज़ारों में बेहतर निर्णय लेने में मदद की.

इनमें से कुछ मानसिक मॉडलों और प्रवृत्तियों में मानव व्यवहार की प्रवृत्तियां शामिल भी थीं जिन्हें उन्होंने पहचाना था, जैसे नकारना, अति-आशावाद, संदेह, टालना, आदि. ये प्रवृत्तियां लोगों के निवेश व्यवहार को प्रभावित करती हैं, और मंगर इसे आपको दिखा सकते हैं.

गहरी समझ और विनोदी स्वभाव (एक हंसमुख संत)

ये कमाल की बात है कि किस तरह मंगर अकाउंटिंग की चालबाज़ियों को पकड़ लेते थे और उन्हें उतनी ही आसानी से बयान भी कर सकते थे. एक बार उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा था, "हर बार जब आपने वो शब्द (एडजस्टिज EBITDA) देखा, तो आपने उसे 'बकवास की कमाई' से बदल दिया."

स्वीकार करने का खुलापन (सच बोलने वाला)

ये बात बहुत पहले की नहीं, मई 2023 के महीने की है, जब बर्कशायर हैथवे के सालाना शेयरहोल्डर सप्ताहांत के पहले की शाम, चार्ली मंगर ने यूके स्थित फ़ाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक ख़ास बातचीत में फ़ाइनेंशियल सिस्टम पर कुछ 'बम' बरसाए. अपनी बातचीत में उन्होंने न केवल ये स्वीकार किया कि हाई रिटर्न का युग ख़त्म हो गया है, बल्कि उन्होंने मनी मैनेजरों और संभावित ख़राब क़र्ज़ के संकट पर भी बातें की. वो क्रिप्टोकरंसी और नए ज़माने के व्यवसायों के भी कट्टर आलोचक थे.

बहीखाते से बड़ी विरासत (एक फ़िलॉसफ़र)

चार्ली मंगर ने जिन विषयों पर बात की वो सिर्फ़ पैसा ही नहीं बल्कि जीवन के कई पहलू रहे. उन्होंने मानव मनोविज्ञान और व्यवहार, भय, लालच, ईर्ष्या, धन की असमानता, नैतिकता, ईमानदारी, शादी और उपलब्धि की भावना जैसे कई विषयों के बारे में भी बात की.

उन्होंने एक बार मज़ाकिया ढंग से कहा था, "हम सभी ऐसे लोगों को जानते हैं जिनके अंतिम संस्कार में लोग सिर्फ़ ये पक्का करने के लिए आते हैं कि वो सच में मर गए हैं. आप उस भीड़ का हिस्सा नहीं होना चाहते. आप अपना जीवन इस तरह जीना चाहते हैं कि कुछ लोग सच में आपको खोने का शोक मनाएं."

दुनिया उनके जाने का शोक मना रही है, लेकिन निवेश के साथ-साथ जीवन पर मंगर के विचार और उनकी फ़िलॉसफ़ी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुनहरे अक्षरों में मौजूद रहेगी.

ये लेख पहली बार नवंबर 30, 2023 को पब्लिश हुआ.

वैल्यू रिसर्च से पूछें aks value research information

कोई सवाल छोटा नहीं होता. पर्सनल फ़ाइनांस, म्यूचुअल फ़ंड्स, या फिर स्टॉक्स पर बेझिझक अपने सवाल पूछिए, और हम आसान भाषा में आपको जवाब देंगे.


टॉप पिक

31 जुलाई की ITR डेडलाइन मिस करने से क्या-क्या नुक़सान हो सकते हैं?

पढ़ने का समय 6 मिनटआकार रस्तोगी

Manipal Hospitals IPO: साइज़ में सबसे बड़ी, पर रिटर्न में पीछे

पढ़ने का समय 9 मिनटLekisha Katyal

अपने गोल्स को ख़ुद से बचाइए

पढ़ने का समय 4 मिनटधीरेंद्र कुमार

HUL एक बेहतरीन बिज़नेस तो है, लेकिन क्या यह एक बेहतरीन स्टॉक भी है?

पढ़ने का समय 5 मिनटसत्यजीत सेन

HDFC Bank vs ICICI Bank: 10 साल में कैसे बदली लीडरशिप?

पढ़ने का समय 4 मिनटअभिनव गोयल

वैल्यू रिसर्च हिंदी पॉडकास्ट

updateनए एपिसोड हर शुक्रवार

रोज़ नहीं, साल में एक बार देखें

अपने पोर्टफ़ोलियो को रोज़ लाल-हरे रंग में देखने के बजाय, साल में सिर्फ़ एक बार ध्यान से देखना काफ़ी है

अन्य एपिसोड

These are advertorial stories which keeps Value Research free for all. Click here to mark your interest for an ad-free experience in a paid plan

दूसरी कैटेगरी