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SCSS अकाउंट को जितनी बार चाहें करा सकेंगे एक्सटेंड!

नए नियमों के मुताबिक़ SCSS अकाउंट को अब एक से ज़्यादा बार एक्सटेंड किया जा सकता है

SCSS अकाउंट कितनी बार एक्सटेंड हो सकता है? जानिए नए नियम

सारांशः क्या आप अपना SCSS अकाउंट एक्सटेंड करना चाहते हैं? तो एक अच्छी ख़बर है. अब आप अपना अकाउंट जितनी बार चाहें एक्सटेंड कर सकते हैं. यहां बताया गया है कि ब्याज की दर बदलती है या वही रहती है.

क्या सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम को आठ साल के बाद भी जारी रखना संभव है? - एक पाठक का सवाल

सीनियर सिटिज़न सेविंग स्कीम के नियमों में बदलाव किया गया है. SCSS की मूल अवधि पांच साल की होती है जिसके बाद जमा की गई रक़म निवेशक को वापस कर दी जाती है. पहले, अकाउंट होल्डर इसी अकाउंट को तीन साल और एक्सटेंड भी कर सकता था.

हालांकि, ये एक्सटेंशन सिर्फ़ एक ही बार किया जा सकता था.

अगर अकाउंट होल्डर आगे भी इस सेविंग स्कीम से फ़ायदे लेना जारी रखना चाहता था, तो उसे एक और बिल्कुल नया अकाउंट खुलवाना पड़ता. लेकिन अब इसके नियम बदल गए हैं.

अब अकाउंट को तीन-तीन साल की अवधि में अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जा सकता है. यानी, आपको 5 प्लस 3 साल के बाद नया अकाउंट खोलने की ज़रूरत नहीं है. इसके बजाय अकाउंट होल्डर अपने मौजूदा अकाउंट की अवधि को हर तीन साल में एक्सटेंड कर सकते हैं.

आप क्या कर सकते हैं

ये ध्यान रखने की बात है कि अकाउंट खोलने या बढ़ाने के दिन, जो भी लागू हो उसके मुताबिक़, ब्याज दर पांच या तीन साल की पूरी अवधि के लिए लॉक हो जाती है.

मौजूदा समय में SCSS की ब्याज दर 8.2 प्रतिशत सालाना है और निकट भविष्य में इसके बहुत ज़्यादा बढ़ने की संभावना नहीं दिखती. ऐसे में अगर आप एक्सटेंशन चाहते हैं तो नया अकाउंट खोलना कई बार ज़्यादा फ़ायदेमंद हो सकता है. इस तरह, आपको केवल तीन साल के बजाय पांच साल के लिए लॉक-इन के साथ 8.2 प्रतिशत ब्याज़ दर का फ़ायदा मिलेगा.

ये भी पढ़ें: क्या फ़र्स्ट अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद मुझे SCSS जारी रखना चाहिए?

ये लेख पहली बार दिसंबर 26, 2023 को पब्लिश हुआ, और दिसंबर 10, 2025 को अपडेट किया गया.

डिस्क्लेमर: यह कंटेंट केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रकाशित किया गया है. इसे निवेश की सलाह या किसी भी सिक्योरिटी को ख़रीदने या बेचने की पेशकश नहीं मानना चाहिए. म्यूचुअल फ़ंड और इक्विटी निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन होते हैं; पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं देता. निवेश से पहले पाठकों को अपनी तरफ़ से रिसर्च करना चाहिए और/या SEBI-रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइज़र से परामर्श लेना चाहिए.
वैल्यू रिसर्च एक RNI-रजिस्टर्ड पब्लिशर है. SEBI, NISM या किसी भी स्टॉक एक्सचेंज के कहीं भी उल्लेख से रिटर्न के भरोसे का पता नहीं चलता.

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