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मिड-कैप टाइकून केनेथ अंद्रादे 17 जनवरी को लॉन्च करेंगे अपना पहला म्यूचुअल फ़ंड

ओल्ड ब्रिज फ़ोकस्ड इक्विटी फ़ंड 17-19 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा

ओल्ड ब्रिज फ़ोकस्ड इक्विटी फ़ंड 17-19 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा

केनेथ अंद्रादे भारतीय इन्वेस्टमेंट कम्युनिटी की जानी-मानी हस्ती हैं. फ़ंड मैनेजर के रूप में उन्होंने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिए थे. अब वे अपनी कंपनी " ओल्ड ब्रिज म्यूचुअल फ़ंड " की पहली इक्विटी स्कीम लॉन्च करके म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में वापसी करने जा रहे हैं. इस फ़ंड का नाम है -- ओल्ड ब्रिज फ़ोकस्ड इक्विटी फ़ंड (Old Bridge Focussed Equity Fund).

ओल्ड ब्रिज फ़ोकस्ड इक्विटी फ़ंड का न्यू फ़ंड ऑफ़र (NFO) 17 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 19 जनवरी को बंद होगा.

अंद्रादे के 'ओल्ड ब्रिज' म्यूचुअल फ़ंड का ये लॉन्च, सितंबर 2023 में मार्केट रेगुलेटर SEBI की मंज़ूरी मिलने के बाद होने जा रहा है.

फ़ंड लॉन्च करने के बारे में केनेथ अंद्रादे (ओल्ड ब्रिज एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के CEO) ने कहा: "इस फ़ंड की स्ट्रैटेज़ी हमारी इन्वेस्टमेंट फ़िलॉसफ़ी पर आधारित है, जो मज़बूत लीडरशिप और ग्रोथ की क्षमता वाले शुरुआती चरण के बिज़नस पर फ़ोकस करती है. हमारी स्ट्रैटेज़ी हमेशा से ही मिड-मार्केट रही है, इसलिए ये फ़ंड मिड-कैप आधारित फ़ोकस्ड फ़ंड के रूप में काम करेगा."

इस फ़ंड में अलग-अलग मार्केट कैप वाले ज़्यादा से ज़्यादा 30 स्टॉक होंगे.

अद्रांदे का ट्रैक रिकॉर्ड
अंद्रादे ने मिड- और स्मॉल-कैप में अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेज़ी के ज़रिये एक अलग पहचान बनाई थी. ये मिड-कैप और स्मॉल-कैप बाद में छुपे रुस्तम साबित हुए. यहां तक कि उन्हें फ़ोर्ब्स इंडिया द्वारा मिड-कैप टाइकून के रूप में भी सम्मानित किया गया था. अंद्रादे तब ज़्यादा सुर्ख़ियों में आए जब उन्होंने फ़रवरी 2007 और सितंबर 2015 के बीच IDFC प्रीमियर फ़ंड (अब IDFC फ़्लेक्सी कैप फ़ंड) की 21 फ़ीसदी रिटर्न (11 फ़ीसदी के कैटेगरी एवरेज़ के मुक़ाबले) प्राप्त करने में मदद की.

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उन्होंने IDFC स्टर्लिंग वैल्यू फ़ंड (अब बंधन वैल्यू फ़ंड ) में भी कुछ ऐसी ही सफलता हासिल की, जिसमें उन्होंने मार्च 2008 और जून 2013 के बीच 13.53 फ़ीसदी (8.89 फ़ीसदी कैटेगरी एवरेज़ के मुक़ाबले) रिटर्न हासिल किया.

IDFC म्यूचुअल फ़ंड में केनेथ अंद्रादे का ट्रैक रिकॉर्ड

स्कीम कब से कब तक रिटर्न्स (%) कैटेगरी एवरेज़ (%) रैंक
IDFC फ़ोकस्ड इक्विटी फ़ंड (बंधन फ़ोकस्ड इक्विटी) मार्च 16, 2006 अप्रैल 25, 2010 15.43 12.67 7/19
IDFC लार्ज कैप (बंधन लार्ज कैप) जून 9, 2006 सितंबर 6, 2015 8.67 10.32 28/40
IDFC प्रीमियर इक्विटी (बंधन फ़्लेक्सी कैप) फ़रवरी 14, 2007 सितंबर 6, 2015 21.06 11.09 1/20
IDFC स्टर्लिंग वैल्यू (बंधन स्टर्लिंग वैल्यू) मार्च 7, 2008 जून 6, 2013 13.53 8.89 2/12
IDFC टैक्स एडवांटेज़ (बंधन ELSS टैक्स सेवर) जुलाई 7, 2009 सितंबर 21, 2010 41.97 37.52 9/23
IDFC इंफ़्रास्ट्क्चर (बंधन इंफ़्रास्ट्रक्चर) मार्च 8, 2011 जून 26, 2013 -13.35 -9.25 17/20
नोट: ओपन-एंड इक्विटी स्कीमें और एक साल से ज़्यादा तक मैनेज किए गए फ़ंड्स को ध्यान में रखते हुए

IDFC म्यूचुअल फ़ंड के साथ जुड़ने से पहले, जहां उन्होंने एक दशक (2005-2015) से भी ज़्यादा वक़्त तक काम किया, मुंबई के इस फ़ंड मैनेजर ने कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फ़ंड के साथ काम किया था, जहां वे कोटक MNC फ़ंड और कोटक मिड कैप फ़ंड को मैनेज करते थे.

संगीत में ख़ास दिलचस्पी रखने वाले अंद्रादे ने IDFC म्यूचुअल फ़ंड में अपने सफल कार्यकाल के बाद म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री को छोड़ दिया था, और साल 2015 में उन्होंने "ओल्ड ब्रिज कैपिटल मैनेजमेंट" में पोर्टफ़ोलियो मैनेजमेंट का काम शुरू किया था.

हमारा मानना है
फ़ंड मैनेजमेंट का लैंडस्केप साल 2015 के बाद से बदल गया है.

अब ये और भी ज़्यादा कॉम्पिटिटिव बिज़नस बन चुका है. ओल्ड ब्रिज म्यूचुअल फ़ंड को पहले से पैर जमा चुके खिलाड़ियों और नए खिलाड़ियों की ओर से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा. कुछ जाने-माने नए खिलाड़ियों में ज़ीरोधा और हेलिओस शामिल हैं. जल्द ही, जिओ फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ (ब्लैकरॉक के साथ पार्टनरशिप में) भी मार्केट में अपनी मौज़ूदगी दर्ज़ करने की कोशिश करेगा.

अंद्रादे और समीर अरोड़ा (हेलिओस म्यूचुअल फ़ंड) जैसे अनुभवी इन्वेस्टमेंट मैनेजरों की दोबारा एंट्री एक स्वागत योग्य बदलाव है, विशेष रूप से इसलिए क्योंकि कुछ हाई-प्रोफ़ाइल फ़ंड मैनेजरों जैसे कि प्रशांत जैन हाल के वर्षों में इस इंडस्ट्री से बाहर चले गए हैं.

ये तो वक़्त ही बताएगा कि अंद्रादे अपना जादू फिर से चला पाएंगे या नहीं. लेकिन ये सच है कि म्यूचुअल फ़ंड इंडस्ट्री ने इस बिज़नस के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों को वापस लुभाना शुरू कर दिया है, और ये बदलाव निवेशकों के लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है.

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