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Small-Cap Funds: मौजूदा स्टेटस क्या है?

आइए हमारे रेकमंड किए स्मॉल-कैप फ़ंड्स की स्थिति जानते हैं

आइए हमारे रेकमंड किए स्मॉल-कैप फ़ंड्स की स्थिति जानते हैं

साल 2023 की हमारी स्मॉल-कैप फ़ंड्स की लिस्ट भूल जाने लायक़ रही. लेकिन क्या इस साल के ख़राब प्रदर्शन से आपको परेशान होना चाहिए? विस्तार से जानने के लिए ये स्टोरी पढ़ें. हमारे रेकमेंड किए स्मॉल-कैप फ़ंड्स के परफ़ॉर्मेंस का ब्यौरा नीचे दिया गया है. DSP स्मॉल-कैप फ़ंड साल 2023 में इस फ़ंड की कहानी के दो हिस्से रहे. इस 'ट्रू-टू-लेबल' (अपने नाम के अनुरूप) स्मॉल-कैप फ़ंड ने 2023 की पहली छमाही में (2022 के औसत रहे साल के बाद) वापसी की जब इसने अपनी कैटेगरी के टॉप पांच में जगह बनाई. हालांकि, 2023 की दूसरी छमाही की रैली में इसका प्रदर्शन उलट गया. जिसका नतीजा था कि फ़ंड की रेटिंग तीन से गिरकर दो स्टार की हो गई. ग़ौर करने वाली बात है कि 2023 की पहली छमाही में जिन सेक्टर्स ने फ़ंड को टॉप पर लाने में मदद की थी, साल के आख़िर में उन्होंने ने ही इसके ख़राब प्रदर्शन में योगदान दिया. इस दौरान सामग्री (Materials), रसायन (chemicals) और ऑटोमोबाइल (automobiles) सेक्टर के प्रदर्शन सबसे ख़राब रहे. लेकिन फिर भी, एलोकेशन के हिसाब से पहले के दो सेक्टर, टॉप तीन में बने हुए हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि AMC का मानना है कि धीरज एक गुण है और मिड-कैप और स्मॉल-कैप वाले बिज़नस को बढ़ने के लिए अक्सर लंबे समय तक होल्ड करने की ज़रूरत पड़ती है. यही वजह है कि हम अक्सर देखते हैं कि शेयर बाज़ार में परेशानी के दौर में फ़ंड ऐसी होल्डिंग्स को ज़्यादा ख़रीद लेता है जिनमें उसका विश्वास गहरा होता है. दिलचस्प बात ये है कि ये फ़ंड ख़ासतौर से माइक्रो-कैप में निवेश करता है. ये इसके पोर्टफ़ोलियो मार्केट कैपिटलाइज़ेशन से पता चलता है, जो सबसे कम है. इसलिए, फ़ंड के पास भविष्य मे उभरने वाले कई सितारे तो मौजूद हैं, लेकिन थोड़े समय के दौरान निचले स्तर के प्रदर्शन के कुछ दौर आने की उम्

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