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Akme Fintrade IPO: क्या निवेश का है मौक़ा?

इस NBFC के IPO की हर ज़रूरी जानकारी यहां पढ़िए

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नॉन-बैंकिंग फ़ाइनेंस कंपनी (NBFC) एक्मे फिनट्रेड (Akme Fintrade) ने 19 जून 2024 को अपना IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग) लॉन्च कर दिया है. निवेश का फ़ैसला लेने में निवेशकों की मदद के लिए, यहां हम कंपनी की ताक़त, कमज़ोरियों और ग्रोथ की संभावनाओं के बारे में बता रहे हैं.

संक्षेप में

  • क्वालिटी: इस NBFC कंपनी का तीन साल का औसत रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 7.8 फ़ीसदी रहा है. FY21-23 के दौरान, इसका औसत ग्रॉस नॉन-परफार्मिंग एसेट (NPA) 4.3 फ़ीसदी रहा.
  • ग्रोथ: इसी अवधि के दौरान, इसके AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) में सालाना 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई और PAT (प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स) में 1.6 फ़ीसदी की गिरावट आई.
  • वैल्यूएशन: स्टॉक की वैल्यू 32.4 गुने P/E (प्राइस -टू-अर्निंग रेशियो) और 1.5 गुने P/B (प्राइस -टू-बुक रेशियो) पर तय की गई है.
  • मार्केट में कंपनी की स्थिति: भारत के फ़ाइनांस से जुड़ी सेवाओं की कमी वाले ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र, एक्मे फिनट्रेड जैसी NBFC के लिए ग्रोथ के अनछुए अवसर पैदा करते हैं. हालांकि, किसी भी फ़ाइनेंशियल बिज़नेस की ग्रोथ दिए गए लोन की क्वालिटी पर निर्भर करती है.

एक्मे फिनट्रेड क्या करती है

साल 1996 में अस्तित्व में आई एक्मे फिनट्रेड मुख्य रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर फ़ोकस करते हुए व्हीकल और छोटे बिज़नेस के लिए लोन देती है. कंपनी की 12 ब्रांच राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में फैली हुई हैं. ये 'Aasaan Loans (आसान लोन)' नाम का एक डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म बना रही है, जिसका मक़सद शुरुआत में दोपहिया गाड़ियों के फ़ाइनांस पर फ़ोकस करना है.

कंपनी ने FY21-23 के दौरान अपने AUM में 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की सालाना गिरावट दर्ज़ की, क्योंकि इसने COVID-19 महामारी की वजह से आई आर्थिक मंदी के दौरान लोन देना बंद कर दिया था. हालांकि, इस दौरान इसने अपना कैपिटल बेस मज़बूत किया और अपना लीवरेज़ (उधार) 40 फ़ीसदी से ज़्यादा घटा दिया.

एक्मे फिनट्रेड की ताक़त

  • मज़बूत कैपिटल बेस: FY2024 की तीसरी तिमाही तक इसका कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CRAR) 42 फ़ीसदी के साथ मजबूत बना हुआ था. IPO से मिलने वाली राशि इसके CRAR को और बढ़ाएगी, जिससे भविष्य में ग्रोथ के लिए पर्याप्त ताक़त मिलेगी.

एक्मे फिनट्रेड की कमज़ोरियां

  • क्षेत्रीय कॉन्संट्रेशन: कंपनी का क़ारोबार चार राज्यों में फैला हुआ है, जिसका 80 फ़ीसदी से ज़्यादा AUM अकेले राजस्थान में मौज़ूद है. इस राज्य में उथल-पुथल की स्थिति में, कंपनी के क़ारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है.
  • उधारी की ज़्यादा लागत: कंपनी की उधारी की लागत अपने प्रतिस्पर्धियों के बीच सबसे ज़्यादा है, जो FY23 तक 13.6 फ़ीसदी थी. वैसे तो कंपनी सुरक्षित लोन देती है, लेकिन उधारी की ज़्यादा लागत इसे जोख़िम भरी स्थिति में डालती है और NPA बढ़ने का ख़तरा बना रहता है.

IPO की डिटेल

IPO का कुल साइज़ (करोड़ ₹) 132
ऑफर फॉर सेल (करोड़ ₹) -
नए इशू (करोड़ ₹) 132
प्राइस बैंड (₹) 114-120
सब्सक्रिप्शन की तारीख़ 19 से 21 जून, 2024
उद्देश्य कैपिटल बेस बढ़ाना

IPO के बाद

मार्केट कैप (करोड़ ₹) 512
नेट वर्थ (करोड़ ₹) 349
प्रमोटर होल्डिंग (%) 41.6
प्राइस/अर्निंग रेशियो (P/E) 32.4
प्राइस/बुक रेशियो (P/B) 1.5

फ़ाइनेंशियल्स हिस्ट्री

फ़ाइनेंशियल्स (करोड़ ₹) 2 साल का CAGR (%) FY23 FY22 FY21
NII -0.9 35 30 36
PAT -1.6 16 4 16
AUM -8.3 354 351 421
बॉरोइंग -25.2 178 230 318
नेट वर्थ 25.4 205 137 130
NII: नेट इंटरेस्ट इनकम
AUM: एसेट्स अंडर मैनेजमेंट
PAT: प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स

प्रमुख रेशियो

रेशियो (%) 3 साल का औसत (%) FY23 FY22 FY21
ROE 7.8 7.7 3 12.5
ROA 2.9 4.1 1.1 3.6
NIM 8.6 10.1 7.7 8
GNPA 4.3 4.6 4.9 3.6
ROE -- रिटर्न ऑन इक्विटी
ROA -- रिटर्न ऑन एसेट्स
NIM -- नेट इंटरेस्ट मार्जिन
GNPA -- ग्रॉस नॉन-परफार्मिंग एसेट्स

रिस्क रिपोर्ट

मैनेजमेंट

  • क्या एक्मे फिनट्रेड रेग्युलेटरी पेनल्टी से मुक्त है?
    हां. मैनेजमेंट रेग्युलेटरी पेनल्टी से मुक्त है.
  • क्या कंपनी अपने NPAs की जानकारी देती है? विशेष रूप से, क्या प्रोविज़न-टू-ग्रॉस NPA रेशियो 50 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    हां. 31 दिसंबर 2023 तक इसका प्रोविज़न कवरेज़ रेशियो 51 फ़ीसदी था.
  • क्या टॉप पांच मैनजरों को एम्प्लॉई स्टॉक ओनरशिप प्लॉन (ESOPs) के ज़रिए 50 फ़ीसदी से ज़्यादा का कंपनसेशन दिया जाता है?
    नहीं. कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) फाइलिंग के अनुसार, इसने कोई ESOPs नहीं दिए हैं.

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फ़ाइनेंशियल मज़बूती और स्थिरता

  • क्या एक्मे फिनट्रेड का हालिया स्लिपेज-टू-टोटल एडवांसेज़ रेशियो 0.25 फ़ीसदी से कम है?
    हां. FY23 के लिए और FY24 की तीसरी तिमाही के आख़िर तक नेट स्लिपेज-टू-टोटल एडवांसेज़ रेशियो नेगेटिव था, क्योंकि रिकवरी की वैल्यू ग्रॉस स्लिपेज से ज़्यादा थी. फ्रेश स्लिपेज वे लोन होते हैं जो पिछले एक FY में NPA बन चुके हैं.
  • क्या कंपनी का मौज़ूदा रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) क्रमशः 12 फ़ीसदी और 1 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    नहीं. कंपनी ने FY23 में क्रमशः 7.7 और 4.1 फ़ीसदी का ROE और ROA दर्ज़ किया.
  • क्या कंपनी ने पिछले तीन साल में अपनी लोन बुक में सालाना 20 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की है?
    नहीं. FY21-23 के दौरान, इसके AUM में सालाना 8 फ़ीसदी से ज़्यादा की गिरावट आई है.
  • क्या कंपनी ने पिछले तीन साल में अपनी नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में सालाना 20 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की है?
    नहीं. AUM में गिरावट के कारण, FY21-23 के दौरान इसकी NII सपाट रही.
  • क्या इसकी लोन बुक में बढ़ोतरी और नेट इंटरेस्ट इनकम के बीच कोई सीधा संबंध है?
    हां. भले ही, इसकी ग्रॉस इंटरेस्ट इनकम FY21-23 के दौरान AUM में आई गिरावट की वजह से घटी, लेकिन नेट इंटरेस्ट इनकम (इंटरेस्ट इनकम − इंटरेस्ट एक्सपेंस) कम लीवरेज़ के कारण बहुत कम गति से घटी (क्योंकि इंटरेस्ट एक्सपेंस में 42 फ़ीसदी की तेज़ कमी आई). हालांकि, जैसे-जैसे इसका AUM आगे मज़बूत होगा, NII ग्रोथ भी उसी हिसाब से होगी.
  • क्या कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15 फ़ीसदी से ज़्यादा है?
    हां. इसने 31 दिसंबर 2023 तक 42 फ़ीसदी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो दर्ज़ किया.
  • क्या कंपनी अगले तीन साल तक किसी बाहरी फ़ंडिंग पर निर्भर हुए बिना अपना बिज़नेस चला सकती है?
    हां. इसका मज़बूत कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो और IPO से मिली राशि ये पक्का करेगी कि इसके बिज़नेस ऑपरेशन किसी बाहरी फ़ंडिंग के बिना सुचारू रूप से चले.
  • क्या कंपनी ने पिछले तीन साल में 3 फ़ीसदी से ज़्यादा का औसत नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) दर्ज़ किया है?
    हां. इसका तीन साल का औसत नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 8.6 फ़ीसदी रहा. NIM किसी NBFC की इंटरेस्ट इनकम और भुगतान किए गए ब्याज़ के बीच का अंतर होता है.
  • क्या कंपनी का तीन साल का औसत ग्रॉस NPA रेशियो और नेट NPA रेशियो क्रमशः 1 फ़ीसदी और 0.5 फ़ीसदी से कम है?
    नहीं. इसने पिछले तीन साल में 4.3 फ़ीसदी का औसत ग्रॉस NPA और 3.5 फ़ीसदी का औसत नेट NPA दर्ज़ किया है.
  • क्या कंपनी का मौज़ूदा कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 50 फ़ीसदी से कम है?
    हां. इसने FY23 में 43.6 फ़ीसदी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो दर्ज़ किया.

ग्रोथ और बिज़नेस

  • क्या कंपनी अपना बिज़नेस बढ़ा पाएगी?
    हां. ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संगठित लोन को लेकर अच्छी पहुंच के कारण कंपनी अपना बिज़नेस बढ़ा पाएगी.
  • क्या कंपनी के पास ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा की लोन बुक है?
    नहीं. इसने 31 दिसंबर 2023 तक ₹380 करोड़ का AUM रिपोर्ट किया था.
  • क्या कंपनी किसी जानी-मानी ब्रांड से जुड़ी है?
    नहीं. व्हीकल और छोटे बिज़नेस लोन सेगमेंट से कई बैंक, NBFC और स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक (SFBs) जुड़े हुए हैं.
  • क्या कंपनी को सुरक्षा घेरा (credible moat) हासिल है?
    नहीं. ये ज़ीरो प्रोडक्ट डिफ्रेंसिएशन के साथ फ़ाइनेंसिंग इंडस्ट्री में छोटे पैमाने पर काम करती है.
  • क्या कंपनी अपेक्षाकृत कम कॉम्पिटीशन का सामना करती है?
    नहीं. मार्केट में कई बैंकों, SFBs और NBFCs की मौज़ूदगी है.

वैल्यूएशन

  • क्या एक्मे फिनट्रेड की प्राइस-टू-अर्निंग अपनी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत स्तर से कम है?
    नहीं. इसकी वैल्यू 32.4 गुने P/E रेशियो पर आंकी गई है, जो इसकी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत (16.3 गुना) से ज़्यादा है.
  • क्या स्टॉक की प्राइस-टू-बुक वैल्यू उसकी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत से कम है?
    हां. इसकी वैल्यू 1.5 गुना P/B रेशियो पर आंकी गई है, जो उसकी जैसी दूसरी कंपनियों के औसत (2.84 गुना) से कम है.

डिस्क्लेमर: ये निवेश का सुझाव नहीं है. निवेश करने से पहले ज़रूरी जांच-पड़ताल कर लें.

देखिए ये वीडियो- क्यों रहें IPO से दूर?

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Liotech 321 17-जून-2026 से 19-जून-2026
Clay Craft India 193 - 203 17-जून-2026 से 19-जून-2026
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