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ETFs or Index Funds: नए निवेशक कहां निवेश करें?

आइए समझते हैं कि ETF क्या हैं और इनमें और इंडेक्स फ़ंड में क्या फ़र्क़ है

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ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फ़ंड) और इंडेक्स फ़ंड का नज़रिया एक जैसा होता है: वे दोनों निफ़्टी और सेंसेक्स जैसे इंडेक्स में पैसिव इन्वेस्ट करते हैं. यानि, वे बस उसी रेशियो में स्टॉक ख़रीदते हैं जो उस इंडेक्स में मौजूद होता है जिसमें वे निवेश कर रहे होते हैं.

हालांकि, ETF को जहां स्टॉक मार्केट से स्टॉक की तरह ख़रीदा और बेचा जाता है, वहीं इंडेक्स फ़ंड किसी भी अन्य म्यूचुअल फ़ंड की तरह काम करते हैं.

ये उनके बीच का छोटा सा अंतर है. और, उनका काम करने का तरीक़ा भी अलग होता है, इसलिए वे अलग-अलग प्रकार के निवेशकों के लिए उपयुक्त होते हैं.

यहां, हम आपको सोच समझकर फैसला लेने में मदद करने के लिए इनके बड़े अंतर पर ग़ौर करते हैं.

ETFs vs Index funds: मुख्य अंतर

ETFs इंडेक्स फ़ंड
निवेश में आसानी जैसा कि पहले बताया गया है, ये फ़ंड स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेड करते हैं और इन्हें हर बार मैन्युअल रूप से ख़रीदा जाना चाहिए. आप ETF के लिए SIP सेट नहीं कर सकते. आप SIP के ज़रिए इंडेक्स फ़ंड में निवेश कर सकते हैं, जिससे व्यवस्थित रूप से मासिक निवेश की सुविधा मिलती है.
प्राइसिंग स्टॉक की तरह ही, ETF की कीमतें पूरे कारोबारी दिन में रियल टाइम आधार पर अपडेट की जाती हैं. हालांकि, ETF मांग-आपूर्ति के अंतर के आधार पर अपने नेट एसेट वैल्यू (NAV) से प्रीमियम या डिस्काउंट पर कारोबार कर सकते हैं. इंडेक्स फंड के NAV की कैलकुलेशन दिन में एक बार की जाती है. इस प्रकार, आपको मूल्य में बिना किसी उतार-चढ़ाव के NAV पर ज़रूरी यूनिट्स मिलने का भरोसा रहता है.
लिक्विडिटी ETF की मांग पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए, निफ़्टी या सेंसेक्स जैसे प्रमुख इंडेक्स को ट्रैक करने वाले ETF, अधिक ख़ास इंडेक्सों को ट्रैक करने वाले ETF की तुलना में ज़्यादा लिक्विड होते हैं. लिक्विडिटी कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि फ़ंड हाउस सीधे सभी ख़रीद और रिडेम्शन को संभालता है.
कॉस्ट का असर ETF में आमतौर पर इंडेक्स फ़ंड की तुलना में कम एक्सपेंस रेशियो होता है, जिससे इनकी कॉस्ट कम रहती है. इंडेक्स फ़ंड का एक्सपेंस रेशियो आमतौर पर ETF की तुलना में ज़्यादा होता है
ख़ाता संबंधी ज़रूरतें ETF में निवेश करने के लिए आपके पास डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट होना चाहिए. अगर आपके पास डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट नहीं है, तो आपको अतिरिक्त अकाउंट मेंटेनेंस फ़ीस देनी होगी. डेक्स फ़ंड में निवेश करने के लिए निवेशकों को डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट की ज़रूरत नहीं होती है.

ETF में किसे निवेश करना चाहिए?

  • कॉस्ट के प्रति सजग निवेशक: ETF में आम तौर पर कम एक्सपेंस रेशियो होता है, जिससे उनकी कॉस्ट कम होती है.
  • डीमैट खाते वाले निवेशक: जिन निवेशकों के पास पहले से ही डीमैट या ट्रेडिंग खाता है, उनको इंडेक्स फ़ंड की तुलना में ETF बेहतर और ज़्यादा सरल विकल्प लग सकता है.

इंडेक्स फ़ंड में किसे निवेश करना चाहिए?

  • नए निवेशकों के लिए: अगर आप पहली बार निवेश कर रहे हैं या निवेश के मामले में नए हैं और किसी तरह की दिक्कत नहीं चाहते हैं, तो इंडेक्स फ़ंड अपनी सरलता और साफ़ नज़रिए के कारण एक अच्छा शुरुआती प्वाइंट हो सकते हैं.
  • SIP पसंद करने वालों के लिए: अगर आप ऑटोमैटिक, लगातार मासिक निवेश की सुविधा पसंद करते हैं, तो इंडेक्स फ़ंड पर विचार करें.
  • डीमैट अकाउंट नहीं होने पर: अगर आपके पास डीमैट या ट्रेडिंग खाता नहीं है, तो इंडेक्स फ़ंड आपके लिए आदर्श हैं.
  • पैसे निकालने में आसानी: ETF के विपरीत, जिनकी उपलब्धता डिमांड-सप्लाई के फ़ैक्टरों पर निर्भर करती है, इंडेक्स फ़ंड यूनिट्स को किसी भी समय सीधे AMC से भुनाया यानि रिडीम किया जा सकता है।

फ़ंड ऑफ फ़ंड्स (FoF): ETF में निवेश करने का दूसरा तरीक़ा

अगर आप ETF में निवेश करने के इच्छुक हैं, लेकिन आपके पास डीमैट ख़ाता नहीं है, तो आप फ़ंड ऑफ फ़ंड्स (FoF) में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं. ये म्यूचुअल फ़ंड ETF या किसी अन्य फ़ंड में निवेश करते हैं, जिससे आपको उनमें अप्रत्यक्ष निवेश मिलता है.

हालांकि, ध्यान रखें कि FoF के साथ, आपको दोहरे ख़र्च उठाने होंगे, जो FoF के ख़ुद के और संबंधित ETF से जुड़े होंगे.

हमारी राय

तो, नए निवेशकों के लिए कौन सा विकल्प सही है?

  • अगर आप कम कॉस्ट वाले निवेश के विकल्प की तलाश कर रहे हैं और आपके पास डीमैट और ट्रेडिंग ख़ाता है, तो ETF अक्सर बेहतर होते हैं.
  • हालांकि, सहूलियत और अनुशासन की खोज में रहने वाले नए निवेशकों के लिए, इंडेक्स फ़ंड आदर्श हैं. इसके अलावा, वे समय के साथ वेल्थ बनाने का एक कम लागत वाला विकल्प भी हो सकते हैं, ख़ासकर जब आप उनकी तुलना किसी एक्टिव लार्ज-कैप फ़ंड से करते हैं.

अगर आप लार्ज-कैप के इंडेक्स फ़ंड और ETF की तलाश कर रहे हैं, तो वैल्यू रिसर्च फ़ंड एडवाइज़र आपको एक मज़बूत, डायवर्सिफ़ाइड पोर्टफ़ोलियो बनाने में मदद कर सकता है और एक्सपर्ट के नज़रिए पर आधारित सलाह दे सकता है. बेहतर निवेश की अपनी यात्रा आज ही शुरू करें.

ये भी पढ़िए - Index Fund या ETF: वेल्थ बनाने के लिए कौन-सा विकल्प आपके लिए बेस्ट है?

ये लेख पहली बार दिसंबर 24, 2024 को पब्लिश हुआ.

Disclaimer: यह कंटेंट सिर्फ़ जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह या रेकमेंडेशन नहीं मानना चाहिए.

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