
ट्रंप का ऐलान और बाज़ारों में उछाल
डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 9 अप्रैल 2025 को एक बड़ा फैसला सुनाया—अमेरिका अगले 90 दिनों तक 75 से ज़्यादा देशों पर नए टैरिफ नहीं लगाएगा, सिवाय चीन के, जहां टैरिफ 125% तक बढ़ गए. इस खबर ने ग्लोबल मार्केट्स में राहत की लहर दौड़ा दी. Wall Street ने तूफानी तेजी दिखाई, और इसका असर गुरुवार सुबह एशिया तक पहुंच गया.
जापान का Nikkei बना सितारा: 10% की छलांग
जापान का Nikkei 225 इंडेक्स गुरुवार को 10% की बढ़त के साथ खुला—एक दुर्लभ रैली. दिन के अंत तक मुनाफावसूली के बावजूद यह 7.38% ऊपर बंद हुआ. व्यापक Topix इंडेक्स भी 7.12% चढ़ा. ये तेजी ट्रंप के टैरिफ पॉज से मिले भरोसे का नतीजा थी, जिसने वैश्विक व्यापारिक तनाव को अस्थायी राहत दी.
एशिया के बाकी बाज़ार भी रेस में
- कोरिया का Kospi: 5.4% की मजबूत बढ़त
- हांगकांग का Hang Seng: 4% ऊपर खुला, दिन में 2% की तेजी
- ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200: 7% चढ़ा—मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी एकदिवसीय रैली
एशियाई बाज़ारों ने अमेरिकी तेजी को बखूबी अपनाया, जिससे निवेशकों में जोश दिखा.
US Wall Street पर ऐतिहासिक जश्न
अमेरिकी बाज़ारों ने बुधवार को रिकॉर्ड तोड़ दिए:
- S&P 500: 9.52% ऊपर—2008 के बाद सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त
- Nasdaq: 12.16% की छलांग—जनवरी 2001 के बाद सबसे तेज रैली
- Dow Jones: 2,963 अंक (7.87%) चढ़ा—5 साल में सबसे शानदार दिन
- Russell 2000: 8.66% की रैली—मार्च 2020 के बाद सबसे बड़ी
ये आंकड़े बताते हैं कि बाज़ार ट्रंप के इस कदम को कितना सकारात्मक मान रहे हैं.
भारत में आज छुट्टी, कल की नज़रें ग्लोबल संकेतों पर
आज, 10 अप्रैल 2025 को महावीर जयंती के कारण भारतीय शेयर बाज़ार (BSE और NSE) बंद हैं. बुधवार को Sensex 379.93 अंक गिरकर 73,847.15 और Nifty 136.70 अंक लुढ़ककर 22,399.15 पर बंद हुआ था. लेकिन ग्लोबल रैली को देखते हुए निवेशक शुक्रवार को तेज शुरुआत की उम्मीद कर रहे हैं. GIFT Nifty के रुझान 2.5% बढ़त की ओर इशारा कर रहे हैं.
आखिरी सवाल: ये तेजी कितनी टिकाऊ?
ये रैली भले ही शानदार हो, लेकिन अनिश्चितता बाकी है. चीन पर सख्ती और 90 दिनों का सीमित ब्रेक सवाल खड़े करते हैं. अमेरिका में महंगाई, ब्याज दरें, और कॉर्पोरेट नतीजे इस उछाल की दिशा तय करेंगे. निवेशकों को सतर्क रहते हुए इन ग्लोबल ट्रेंड्स पर नज़र रखनी होगी.




