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8 मई 2025 को एमसीएक्स पर गोल्ड लगभग सपाट कारोबार कर रहा है. असल में, एक दिन पहले यूएस फेडरल रिज़र्व द्वारा बेंचमार्क ऋण दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने की घोषणा के बाद इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. इसके चलते निवेशकों को रुख गोल्ड को लेकर सतर्क बना हुआ है.
MCX पर गोल्ड
गुरुवार को MCX पर गोल्ड शुरुआती कारोबार में (10.00 बजे) लगभग ₹165 कमज़ोर होकर ₹96,025 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है. हालांकि, सिल्वर में मज़बूती देखने को मिल रही है. MCX पर सिल्वर ₹429 मज़बूत होकर प्रति किग्रा ₹96162 के स्तर पर कारोबार कर रही है.
सोने की क़ीमतों पर असर डालने वाले 5 प्रमुख फ़ैक्टर्स
1. महंगाई (Inflation): जब महंगाई बढ़ती है, तो करेंसी की वैल्यू घटती है. ऐसे में निवेशक अपने पैसे का मूल्य सुरक्षित रखने के लिए सोने को एक बेहतर विकल्प मानते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत बढ़ती है.
2. ब्याज दरें (Interest Rates): आमतौर पर, ब्याज दरों और सोने की कीमतों में विपरीत संबंध होता है. जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोना अधिक आकर्षक हो जाता है क्योंकि अन्य निवेश (जैसे बॉन्ड) कम रिटर्न देते हैं. ऊंची ब्याज दरें इसे कम आकर्षक बनाती हैं.
3. अमेरिकी डॉलर (US Dollar): सोने का वैश्विक कारोबार अक्सर अमेरिकी डॉलर में होता है. जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य करेंसीज वाले देशों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमत बढ़ सकती है. इसके विपरीत, मजबूत डॉलर सोने को महंगा बनाता है.
4. भू-राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता (Geopolitical Instability & Economic Uncertainty): युद्ध, राजनीतिक तनाव या आर्थिक मंदी जैसे संकटों के समय, सोना एक 'सुरक्षित निवेश' (safe haven) माना जाता है. निवेशक अनिश्चितता से बचने के लिए सोने में निवेश करते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है.
5. केंद्रीय बैंकों की नीतियां (Central Bank Policies): दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने भंडार के हिस्से के रूप में सोना रखते हैं. जब केंद्रीय बैंक बड़े पैमाने पर सोना ख़रीदते हैं, तो इसकी मांग बढ़ती है और क़ीमतें ऊपर जा सकती हैं. इसी तरह, उनकी बिकवाली से कीमतें कम हो सकती हैं.
डिस्क्लेमर: यहां केवल सामान्य जानकारी दी गई है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें. यह समाचार विभिन्न वित्तीय स्रोतों और बाज़ार डेटा पर आधारित है.



